मोटरसाइकल पर आए, पांच लड़कियों को बंधक बनाया और फिर गैंगरेप किया
और यहां आरोपियों का पकड़ा जाना इतना आसान नहीं है.
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झारखंड का खूंटी जिले का वो स्कूल, जहां पर नुक्कड़ नाटक करने गई लड़कियों को अगवा कर गैंगरेप किया गया था. Photo : Prabhatkhabar
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झारखंड का एक जिला है खूंटी. जिला आदिवासी बहुल है. पिछले दो साल से ये जिला चर्चा में है, क्योंकि यहां के लोगों ने पत्थलगड़ी कर रखी है. पत्थलगड़ी आदिवासियों की एक पुरानी परंपरा है, जिसके हवाले से लोगों ने अपने गांवों में पुलिसवालों और किसी भी बाहरी का प्रवेश बंद कर रखा है. इसको लेकर कई बार झड़प भी हो चुकी है, पुलिस और सेना के जवानों को बंधक बनाया जा चुका है और खूब सियासत हुई है.

गांव से 10 किलोमीटर दूर इसी जंगल में पांंच नाबालिगों के साथ गैंगरेप हुआ था. (Photo : Prahatkhabar)
देश में हो रही मानव तस्करी का सबसे आसान शिकार आदिवासी हैं. ये एक दुरुस्त तथ्य है. आदिवासियों को मानव तस्करी के खिलाफ जागरूक करने के लिए एक एनजीओ से जुड़े लोग नुक्कड़ नाटक करने के लिए 19 जून को अड़की के कोचांग गांव में पहुंचे. इस टीम में कुल 11 लोग थे. इनमें नुक्कड़ नाटक करने वाले छह लोग, संस्था की दो सिस्टर, दो बच्चियां और गाड़ी का ड्राइवर था. इस टीम ने कोचांग गांव में नाटक किया. इसके बाद पूरी टीम आरसी मिशन स्कूल में नाटक करने के लिए गई. आरोप है कि इस दौरान दो बाइक पर सवार छह लोग स्कूल में पहुंचे और हथियारों के बल पर टीम में शामिल चार नाबालिग लड़कियों और एक महिला को उन्हीं की गाड़ी से स्कूल से 10 किलोमीटर दूर लोबोदा के जंगलों में लेकर गए और उनके साथ गैंगरेप किया. इस दौरान अपराधियों ने वीडियो भी बनाया और मुंह खोलने पर महिलाओं को जान से मारने की धमकी भी दी. शाम छह बजे के करीब अपराधियों ने महिलाओं को रिहा कर दिया.
क्या कह रही है पुलिस

पुलिस अपराधियों को गिरफ्तार करने का दावा कर रही है, लेकिन अभी तक किसी अपराधी की शिनाख्त नहीं हो पाई है. (Photo : Prabhatkhabar)
पांच महिलाओं के साथ गैंगरेप की वारदात 19 जून को हुई. लेकिन पुलिस को 20 जून की रात को इसकी जानकारी हुई. रात के आठ बजे एक महिला की शिनाख्त होने के बाद पूरा मामला सामने आया, जिसके बाद सभी का मेडिकल करवाया गया. 21 जून की दोपहर होते-होते पूरे झारखंड में ये खबर आग की तरह फैल गई. इसके बाद तो डीआईजी अमोल होमकर खूंटी पहुंचे और थाने में करीब पांच घंटे की पूछताछ के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि वारदात के पीछे पत्थलगड़ी समर्थकों का हाथ है. इसके अलावा कोचांग के एक फादर की भूमिका संदिग्ध है. कुल छह अपराधियों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है, लेकिन किसी की भी शिनाख्त नहीं हो पाई है.
अब आगे क्या?

तस्वीर 17 जून 2017 की है, जब खूंटी में पुलिसवालों को बंधक बना लिया गया था. (Photo: Prabhatkhabar)
पुलिस कह रही है कि अपराधियों की शिनाख्त कर उनकी गिरफ्तारी की जाएगी. लेकिन ये इतना आसान नहीं है. वजह ये है कि खूंटी में पत्थलगड़ी है. गावों में कोई भी बाहरी आदमी नहीं घुस सकता है, भले ही वो पुलिसवाला ही क्यों न हो. ऐसे में अपराधियों की शिनाख्त होने के बाद भी उनको पकड़ने में पुलिस को खासी परेशानी हो सकती है. ऐसा इसलिए भी है क्योंकि जब-जब पुलिस इस जंगल में गई है, उसे वहां के आदिवासियों ने बंधक बना लिया है. खूंटी के एसपी अश्विनी कुमार सिन्हा ने खुद गैंगरेप की पुष्टी की है, लेकिन वो अभी तक जंगल में नहीं जा पाए हैं.
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लेकिन अब इसी जिले का अड़की प्रखंड दूसरी वजह से चर्चा में है. और इस बार आरोप बेहद संगीन हैं. आरोप है कि अड़की प्रखंड के कोचांग गांव में एक महिला और चार नाबालिग लड़कियों के साथ गैंगरेप हुआ है और आरोपी पत्थलगड़ी के समर्थक हैं.क्या हुआ था 19 जून को

गांव से 10 किलोमीटर दूर इसी जंगल में पांंच नाबालिगों के साथ गैंगरेप हुआ था. (Photo : Prahatkhabar)
देश में हो रही मानव तस्करी का सबसे आसान शिकार आदिवासी हैं. ये एक दुरुस्त तथ्य है. आदिवासियों को मानव तस्करी के खिलाफ जागरूक करने के लिए एक एनजीओ से जुड़े लोग नुक्कड़ नाटक करने के लिए 19 जून को अड़की के कोचांग गांव में पहुंचे. इस टीम में कुल 11 लोग थे. इनमें नुक्कड़ नाटक करने वाले छह लोग, संस्था की दो सिस्टर, दो बच्चियां और गाड़ी का ड्राइवर था. इस टीम ने कोचांग गांव में नाटक किया. इसके बाद पूरी टीम आरसी मिशन स्कूल में नाटक करने के लिए गई. आरोप है कि इस दौरान दो बाइक पर सवार छह लोग स्कूल में पहुंचे और हथियारों के बल पर टीम में शामिल चार नाबालिग लड़कियों और एक महिला को उन्हीं की गाड़ी से स्कूल से 10 किलोमीटर दूर लोबोदा के जंगलों में लेकर गए और उनके साथ गैंगरेप किया. इस दौरान अपराधियों ने वीडियो भी बनाया और मुंह खोलने पर महिलाओं को जान से मारने की धमकी भी दी. शाम छह बजे के करीब अपराधियों ने महिलाओं को रिहा कर दिया.
क्या कह रही है पुलिस

पुलिस अपराधियों को गिरफ्तार करने का दावा कर रही है, लेकिन अभी तक किसी अपराधी की शिनाख्त नहीं हो पाई है. (Photo : Prabhatkhabar)
पांच महिलाओं के साथ गैंगरेप की वारदात 19 जून को हुई. लेकिन पुलिस को 20 जून की रात को इसकी जानकारी हुई. रात के आठ बजे एक महिला की शिनाख्त होने के बाद पूरा मामला सामने आया, जिसके बाद सभी का मेडिकल करवाया गया. 21 जून की दोपहर होते-होते पूरे झारखंड में ये खबर आग की तरह फैल गई. इसके बाद तो डीआईजी अमोल होमकर खूंटी पहुंचे और थाने में करीब पांच घंटे की पूछताछ के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि वारदात के पीछे पत्थलगड़ी समर्थकों का हाथ है. इसके अलावा कोचांग के एक फादर की भूमिका संदिग्ध है. कुल छह अपराधियों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है, लेकिन किसी की भी शिनाख्त नहीं हो पाई है.
अब आगे क्या?

तस्वीर 17 जून 2017 की है, जब खूंटी में पुलिसवालों को बंधक बना लिया गया था. (Photo: Prabhatkhabar)
पुलिस कह रही है कि अपराधियों की शिनाख्त कर उनकी गिरफ्तारी की जाएगी. लेकिन ये इतना आसान नहीं है. वजह ये है कि खूंटी में पत्थलगड़ी है. गावों में कोई भी बाहरी आदमी नहीं घुस सकता है, भले ही वो पुलिसवाला ही क्यों न हो. ऐसे में अपराधियों की शिनाख्त होने के बाद भी उनको पकड़ने में पुलिस को खासी परेशानी हो सकती है. ऐसा इसलिए भी है क्योंकि जब-जब पुलिस इस जंगल में गई है, उसे वहां के आदिवासियों ने बंधक बना लिया है. खूंटी के एसपी अश्विनी कुमार सिन्हा ने खुद गैंगरेप की पुष्टी की है, लेकिन वो अभी तक जंगल में नहीं जा पाए हैं.
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