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एक रेल यात्री को छोड़ने झुंड लेकर पहुंचने वालों के लिए खुशखबरी, प्लेटफॉर्म टिकट की कीमत घटी

रेलवे ने इसकी क्या वजह बताई?

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26 नवंबर 2021 (अपडेटेड: 26 नवंबर 2021, 09:51 AM IST)
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एक रेलवे स्टेशन की तस्वीर. (फाइल फोटो- पीटीआई)
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भारतीय रेलवे ने प्लेटफॉर्म टिकट की बढ़ी हुई कीमतें कम कर दी हैं. इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, 25 नवंबर को लिए गए फैसले के तहत प्लेटफॉर्म टिकट की कीमत वापस 10 रुपये कर दी गई. इससे पहले ये कीमत 30 रुपये थी. इस फैसले के एक दिन पहले मध्य और दक्षिण रेलवे ने भी प्लेटफॉर्म की कीमत 50 रुपये से घटाकर 10 रुपये कर दी थी. खबरों के मुताबिक मुंबई मेट्रोपोलिटन क्षेत्र के कई स्टेशनों पर अब प्लेटफॉर्म 10 रुपये में मिलेगा. इन स्टेशनों में छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस, दादर, लोकमान्य तिलक टर्मिनस, ठाणे, कल्याण और पनवेल शामिल हैं.
दक्षिण रेलवे की तरफ से जारी किया गया बयान.
दक्षिण रेलवे की तरफ से जारी किया गया बयान.

दक्षिण रेलवे की तरफ से भी बयान जारी कर बताया गया कि चेन्नई मंडल के कई स्टेशन पर प्लेटफॉर्म टिकट की कीमत 50 रुपये से घटाकर 10 रुपये की जा रही है. अपने 25 नवंबर के बयान में दक्षिण रेलवे ने कहा कि कोविड महामारी के दौरान लगाए गए प्रतिबंधों में छूट दी जा रही है. इसी छूट के तहत प्लेटफॉर्म टिकट की कीमतें भी पहले जितनी कर दी गई हैं. दक्षिण रेलवे की तरफ से ये भी कहा गया कीमतें इसलिए बढ़ाई गई थीं ताकि स्टेशनों पर भीड़ ना बढ़े. रेल मंत्रालय ने भी कीमत घटने की सूचना दी. कोरोना नियंत्रित होने पर घटी कीमतें इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, रेलवे की तरफ से प्लेटफॉर्म टिकट की कीमतें घटाने का ये फैसला कोरोना मामलों में आई कमी के मद्देनजर लिया गया है. इससे पहले रेलवे ने मार्च में कीमतें बढ़ाई थीं. उस समय कोरोना वायरस महामारी की दूसरी लहर ने देश को अपनी जद में लेना शुरू किया था. द हिंदू की रिपोर्ट के मुताबिक, रेलवे की तरफ से कहा गया था कि उसे स्टेशन पर लगने वाली भीड़ को नियंत्रित करना है. इसे देखते हुए प्लेटफॉर्म टिकट की कीमतें बढ़ा दी गईं.
Kartik Purnima
Indian Railway का कहना है कि प्लेटफॉर्म टिकट की कीमतें इसलिए बढ़ाई गई थीं ताकि कोरोना महामारी के मद्देनजर स्टेशन पर भीड़ को नियंत्रित किया जा सके. (फोटो: PTI)

रेलवे ने अपने इस कदम को अस्थाई भी बताया था. द हिंदू की रिपोर्ट के मुताबिक, अपने बयान में रेलवे ने कहा था,
"प्लेटफॉर्म टिकट की कीमतों में बढ़ोतरी अस्थाई है. ये कदम यात्रियों की सुरक्षा के लिए उठाया गया है. इससे स्टेशनों पर भीड़ को नियंत्रित करने में मदद मिलेगी."
रेलवे की तरफ से ये भी कहा गया कि इस तरह की प्रैक्टिस बहुत पुरानी है. रेलवे सालों से समय-समय पर इस तरह के कदम उठाता रहा है, ताकि स्टेशन पर भीड़ को नियंत्रित किया जा सके. ये भी कहा गया कि छठ और दीपावली जैसे त्योहार आने पर भी इसी तरह से प्लेटफॉर्म टिकट की कीमतें बढ़ाई जाती हैं, ताकि स्टेशन पर यात्रियों के अतिरिक्त दूसरे लोगों को आने से हतोत्साहित किया जा सके. त्योहार बीत जाने पर तुरंत कीमतें फिर से कम कर दी जाती हैं. सामान्य ट्रेनों की शुरुआत कोरोना वायरस की दूसरी लहर के दौरान प्लेटफॉर्म टिकट की कीमतें बढ़ाने के साथ-साथ रेलवे ने कम दूरी की ट्रेन के किराए में भी बढ़ोतरी की थी. इसके पीछे भी रेलवे ने कोरोना वायरस महामारी का तर्क दिया था. रेलवे की तरफ से कहा गया था कि किराया इसलिए बढ़ाया गया है ताकि लोग गैरजरूरी यात्रा करने से पहले इस बारे में सोचें.
कोरोना वायरस महमारी के दौरान ही रेलवे ने कई ट्रेनों को भी बंद कर दिया था. उनकी जगह स्पेशल ट्रेन चलाई गई थीं. हाल फिलहाल में रेलवे ने फिर से सामान्य ट्रेनों का संचालन शुरू किया है. इसी तरह से रेलवे ने ट्रेन में मिलने वाले खाने को भी बंद कर दिया था. इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, रेलवे ने इस फैसले को भी वापस ले लिया है.

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