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अब गूगल हजारों लोगों को नौकरी से निकालेगा, सुंदर पिचई की बात परेशान कर देगी

गूगल के निवेशकों ने बनाया कंपनी पर छंटनी का दबाव!

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20 जनवरी 2023 (अपडेटेड: 20 जनवरी 2023, 06:10 PM IST)
Google Job cut Sundar Pichai
गूगल के CEO सुंदर पिचई (फाइल फोटो)
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दुनिया भर की कंपनियों में रोज छंटनी की खबरें आ रही हैं. अब गूगल (Google) की पेरेन्ट कंपनी अल्फाबेट इंक (Alphabet Inc.) ने 12 हजार लोगों को नौकरी से निकालने की घोषणा की है. यह कंपनी के कुल ग्लोबल वर्कफोर्स का 6 फीसदी से भी ज्यादा है. ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक, 20 जनवरी को CEO सुंदर पिचई ने अपने कर्मचारियों को एक ईमेल भेजा. वर्कफोर्स में ये कटौती दुनिया भर में और कंपनी के अलग-अलग ब्रांच में होगी. पिचई ने मेल में यह भी कहा कि इस फैसले की पूरी जिम्मेदारी वो खुद ले रहे हैं.

गूगल ने कर्मचारियों को क्या बोला?

पिछले दिनों दुनिया की बड़ी-बड़ी टेक कंपनियों मसलन फेसबुक की पेरेंट कंपनी मेटा, ट्विटर और एमेजॉन ने भी छंटनी की घोषणा की है. ब्लूमबर्ग ने अपनी रिपोर्ट में बताया है कि पिचई ने कर्मचारियों को लिखा कि कंपनी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंट (AI) पर फोकस करने वाली है. इसे कंपनी के लिए एक "महत्वपूर्ण मौका" बताया है. पिचई ने ईमेल में लिखा, 

"हमें अपने लक्ष्य को और अधिक केंद्रित करना है. अपनी लागत में सुधार करना है, टैलेंट और पूंजी को अपनी उच्चतम प्राथमिकताओं के लिए उपयोग करना है."

सुंदर पिचई ने ये भी कहा है कि अमेरिका में प्रभावित कर्मचारियों को चार महीने की सैलरी दी जाएगी और छह महीने का स्वास्थ्य लाभ मिलेगा. दूसरे देशों में स्थानीय कानूनों के हिसाब से कर्मचारियों को पैकेज दिए जाएंगे.

रिपोर्ट के अनुसार पिछले साल अक्टूबर में कंपनी ने बताया था कि उसे उम्मीद के मुताबिक रेवेन्यू नहीं मिला था. साल 2021 के मुकाबले कंपनी का मुनाफा 27 फीसदी घटकर 1 लाख 12 हजार रुपये पर पहुंच गया. उसी वक्त सुंदर पिचई ने घोषणा की थी कि गूगल अपने खर्चों में कटौती करेगा. इसके बाद चीफ फायनेंशियल ऑफिसर रुथ पोराट ने बताया था कि चौथी तिमाही में नई नौकरियों की संख्या भी पहले के मुकाबले आधी हो जाएगी.

निवेशकों ने बनाया गूगल पर दबाव

ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट में ये भी बताया गया है कि गूगल ने नौकरियों में कटौती की घोषणा निवेशकों के दबाव के कारण की है. नवंबर 2022 में TCI फंड मैनेजमेंट लिमिटेड ने गूगल से एक ओपन लेटर में कहा था कि मुनाफे के लिए टारगेट सेट करे. TCI ने कहा था कि गूगल के पास कर्मचारियों की संख्या बहुत ज्यादा है और प्रति कर्मचारी खर्च भी काफी ज्यादा है. ये भी कहा गया था कि अल्फाबेट ने 2017 से हर साल कर्मचारियों की संख्या 20 फीसदी बढ़ाई है.

इस साल मंदी की आशंका के बीच नौकरियों में सबसे ज्यादा कटौती आईटी सेक्टर में ही हो रही है. ह्यूमन रिसोर्स कंसल्टिंग फर्म चैलेंजर, ग्रे एंड क्रिसमस इंक के मुताबिक, 2022 में टेक सेक्टर में 97 हजार से ज्यादा नौकरियां गईं. ये 2021 के मुकाबले 649 फीसदी ज्यादा कटौती थी.

ये भी पढ़ें- हर रोज हजारों नौकरियां जाने की खबर, अमेरिकी कंपनियों में ही ऐसा क्यों हो रहा है?

इससे पहले 18 जनवरी को माइक्रोसॉफ्ट ने कहा था कि इस वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही के आखिर तक 10 हजार कर्मचारियों को निकाल दिया जाएगा. माइक्रोसॉफ्ट ने इसके पीछे कंपनी को हो रहे नुकसान और आर्थिक मंदी की वजह बताई. CEO सत्या नडेला ने एक लेटर में लिखा कि 2023 की तीसरी तिमाही तक हमारे कुल वर्कफोर्स में 10,000 नौकरियों की कमी आएगी. ये संख्या हमारे कुल कर्मचारी बेस के 5 प्रतिशत से कम है.

वहीं एमेज़ॉन ने भी 18 हजार कर्मचारियों को निकालने का ऐलान किया है. इस छंटनी प्रक्रिया में भारत में भी एक हजार कर्मचारियों की नौकरी जाएगी. भारत में एमेजॉन के 18 हजार कर्मचारी काम कर रहे हैं. इससे पहले नवंबर 2022 में मेटा ने 11 हजार कर्मचारियों को एक झटके में निकाल दिया था.

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