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तमिलनाडु: राज्यपाल ने मंत्री को हटाया, DMK वालों ने केंद्रीय मंत्रियों के पोस्टर लगा क्या पूछा?

राज्यपाल आर. एन. रवि ने राज्य सरकार के मंत्री सेंथिल बालाजी को पद से हटा दिया था. इस संबंध में उन्होंने राज्य सरकार से कोई सलाह नहीं ली थी. बाद में राज्यपाल ने अपने ही फैसले को पलट दिया था.

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30 जून 2023 (अपडेटेड: 30 जून 2023, 02:50 PM IST)
DMK supporters stick posters of union cabinet ministers who have cases against them.
तमिलनाडु में केंद्रीय मंत्रियों के पोस्टर लगे. (फोटो क्रेडिट - ANI ट्विटर)
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तमिलनाडु में राज्यपाल (Tamilnadu Governor) और सरकार के बीच तनातनी बढ़ गई है. DMK पार्टी के समर्थकों ने राज्यपाल पर निशाना साधा है. उन्होंने पार्टी मुख्यालय के बाहर केंद्रीय मंत्रियों के पोस्टर्स लगाए. ये वो कैबिनेट मंत्री हैं, जिनपर कई मुकदमे दर्ज हैं.

दरअसल, राज्यपाल आर. एन. रवि ने राज्य सरकार के मंत्री सेंथिल बालाजी को उनके पद से हटा दिया था. इस संबंध में उन्होंने राज्य सरकार से कोई सलाह नहीं ली थी. हालांकि, बाद में राज्यपाल ने अपने ही फैसले को पलट दिया था. बताया गया था कि केंद्रीय गृह मंत्रालय के हस्तक्षेप के बाद इस फैसले को पलटा गया था दरअसल, सेंथिल पर ED ने मामला दर्ज किया है. इस समय वो न्यायिक हिरासत में हैं.

मुख्यमंत्री ने किया राज्यपाल का विरोध

इधर, मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने राज्यपाल के इस फैसले पर आपत्ति जताई थी. उन्होंने कहा कि राज्यपाल के पास किसी मंत्री को इस तरह हटाने का अधिकार ही नहीं है. स्टालिन ने कहा कि वे इस फैसले को कानूनी तरीके से चुनौती देंगे.

इंडिया टुडे की एक रिपोर्ट के मुताबिक, राज्यपाल ने 29 जून को सेंथिल को अपने पद से हटा दिया था. उन्होंने एक बयान जारी कर कहा,

“मंत्री सेंथिल बालाजी भ्रष्टाचार के गंभीर आरोपों में कई केसों का सामना कर रहे हैं. इनमें नौकरी के बदले पैसा लेने और मनी लॉन्ड्रिंग जैसे आरोप शामिल हैं. अपने पद का गलत इस्तेमाल करते हुए वे जांच को प्रभावित कर रहे हैं और कानून-न्याय व्यवस्था की प्रक्रिया में बाधा डाल रहे हैं.”

राज्यपाल ने आगे कहा था, 

"वर्तमान में वो एक आपराधिक मामले में न्यायिक हिरासत में हैं और प्रवर्तन निदेशालय इसकी जांच कर रहा है. भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और भारतीय दंड संहिता के तहत उनके खिलाफ कुछ और आपराधिक मामलों की जांच राज्य पुलिस द्वारा की जा रही है."

इससे पहले तमिलनाडु सरकार ने घोषणा की थी कि सेंथिल से उनका पोर्टफोलियो वापस लिया जा रहा है, लेकिन वो कैबिनेट मंत्री बने रहेंगे. हिरासत में जाने से पहले बालाजी बिजली मंत्री थे. उन पर नौकरी के बदले पैसे लेने के आरोप हैं. प्रवर्तन निदेशालय ने उन्हें 14 जून को गिरफ्तार किया था. इसके बाद सेंथिल की तबीयत बिगड़ी और उन्हें कावेरी अस्पताल में भर्ती कराया गया था. यहांं उनकी बाईपास सर्जरी की गई. उनके खिलाफ लगे आरोपों की जांच चल रही है.

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