जेएनयू में एमएससी स्टूडेंट नजीब अहमद अभी तक मिले नहीं हैं. किसी को भी नहीं मालूमहै. लगभग 6 दिन हो गए हैं. कोई खोज खबर नहीं. 50,000 का ईनाम भी है. जो भी उसकीसूचना देवे, पैसा ले जावे. अब हुआ ये है कि जानने को मिला है कि नजीब का गायब होनेसे कुछ ही वक़्त पहले उसके कॉलेज के साथियों के साथ लड़ाई-झगड़ा हुआ था. मेन आदमी थाविक्रांत कुमार. अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद् का कंटेस्टेंट. हॉस्टल में कैम्पेनकर रहा था. वहीं नजीब और विक्रांत के बीच झगड़ा हो गया. इसी झगड़े में कहा जा रहा हैकि नजीब की पिटाई कर दी गयी थी. इसके ठीक बाद नजीब अपना सारा सामान छोड़ हॉस्टल सेनिकल लिया. और अभी तक नहीं लौटा है. पूरा मामला अब पॉलिटिकल बन गया है. मामला इधरसे उधर घूम रहा है. लेफ़्ट वाले राइट वाले पे दोष डाल रहे हैं. राइट वाले, लेफ़्टवालों पर. राइट कौन है और रॉंग कौन, मालूम ही नहीं चल पा रहा है. लेफ़्ट वाले कह रहेहैं कि जिन लड़कों ने नजीब के साथ मारपीट की, उन्हें हॉस्टल से दूर रखा जाए. साथ हीसीसीटीवी की कमी को भी पूरा किया जाए. उनका कहना है कि सीसीटीवी होने से नजीब केमूवमेंट के बारे में मालूम चलता. एबीवीपी के पास एक लेटर है. उनका कहना है कि वोलेटर उन्हें एडमिनिस्ट्रेशन ने दिया है. इस लेटर में वार्डन और स्टूडेंट्स के बीचमें एक अर्जेंट मीटिंग के बारे में लिखा है. इसमें लिखा है कि नजीब ने विक्रांतकुमार को थप्पड़ मार दिया. वो भी बिना विक्रांत के उकसाए. और बाद में उसने विक्रांतको थप्पड़ मारने की बात सीनियर वार्डन, मेस वार्डन, जेएनयू स्टूडेंट यूनियनप्रेसिडेंट मोहित पांडे, उसके रूममेट क़ासिम के सामने कुबूल भी कर ली. लेटर मेंमोहित पांडे के भी साइन हैं. लेकिन मज़े की बात ये है कि इस पूरे मामले में नजीब केकोई भी साइन नहीं हैं. एक लेटर और है. इसमें लिखा है कि नजीब मेंटली ठीक नहीं है.और उसके साथ रहना खतरे से खाली नहीं है. इस लेटर को लिखने वाला है क़ासिम जो नजीब कारूममेट है. इस लेटर को लिखा है माही-मांडवी हॉस्टल के सीनियर वार्डन के नाम. येदोनों लेटर मीडिया में स्टूडेंट्स लेकर आये हैं. कॉलेज प्रशासन ने कोई भी लेटर नहींदिया है. इससे लेटर्स की सच्चाई पर भी शक ज़ाहिर किया जा रहा है. और इसी लिए इनलेटर्स की सच्चाई पर कोई कमेन्ट भी नहीं किया जा सकता. उसके लिए इंतज़ार है तो बसनजीब के वापस आने का. जितनी जल्दी आयें, उतना बेहतर. वरना क्या है कि कोई और मुद्दाआ गया तो सब बैकग्राउंड में चला जाएगा. नजीब की मां ने भी कहा है कि अगर वो दोषी हैतो उसे कॉलेज से निकाल दो, लेकिन उसे वापस ज़रूर ले आओ.