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सुल्ली डील्स और बुल्ली बाई केस के आरोपियों को मिली बेल, कोर्ट बोला, 'पहला अपराध है'

Sulli Deals और Bulli Bai ऐप के जरिए मुस्लिम महिलाओं को बनाया गया था निशाना

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29 मार्च 2022 (अपडेटेड: 28 मार्च 2022, 03:10 AM IST)
बाएं से दाएं. Sulli Deals मामले में गिरफ्तार किया गया ओंकारेश्वर ठाकुर और Bulli Bai मामले में गिरफ्तार किया गया नीरज बिश्नोई. पुलिस के मुताबिक, दोनों ने खुद को ट्रेड समूह का सदस्य बताया है. (फोटो: ट्विटर)
बाएं से दाएं. Sulli Deals मामले में गिरफ्तार किया गया ओंकारेश्वर ठाकुर और Bulli Bai मामले में गिरफ्तार किया गया नीरज बिश्नोई. (फोटो: ट्विटर)
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सुल्ली डील्स (Sulli Deals) और बुल्ली बाई (Bulli Bai) ऐप के जरिए मुस्लिम महिलाओं को निशाना बनाने वाले ओंकारेश्वर ठाकुर (Aumkareshwar Thakur) और नीरज बिश्नोई (Niraj Bishnoi) को जमानत मिल गई है. दिल्ली की एक अदालत ने मानवीय आधार पर दोनों को जमानत दी है.
आजतक के तनसीम हैदर की रिपोर्ट के मुताबिक सोमवार, 28 मार्च को जमानत देते समय कोर्ट ने कहा,
आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट पहले ही दाखिल हो चुकी है. जबकि, फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (एफएसएल) की रिपोर्ट अभी तक नहीं आई है. मामला अभी जिस स्टेज पर है, वहां पर आरोपी तथ्यों के साथ कोई छेड़छाड़ नहीं कर पाएंगे. आरोपियों ने पहली बार कोई अपराध किया है और इसलिए लंबे समय तक उन्हें जेल में रखना ठीक नहीं होगा.
जमानत की क्या शर्तें? सुल्ली डील्स ऐप के निर्माता ओंकारेश्वर ठाकुर और बुल्ली बाई ऐप बनाने वाले नीरज बिश्नोई को जमानत जरूर मिली है, लेकिन कोर्ट ने कड़ी पाबंदियां भी उनपर लगाई हैं. कोर्ट ने कहा,
दोनों में से कोई भी आरोपी जमानत की अवधि के दौरान देश छोड़कर नहीं जाएगा. जब भी अदालत द्वारा सुनवाई के लिए बुलाया जाएगा, उन्हें तुरंत पेश होना होगा. इसके अलावा इन दोनों को मामले की जांच कर रहे अधिकारी को अपनी लोकेशन का विवरण देना होगा. अपने फोन को लगातार चालू रखना होगा और किसी भी पीड़ित से संपर्क साधने का प्रयास नहीं किया जाएगा.
Sulli deal और बुल्ली बाई केस क्या हैं? जुलाई 2021 में GitHub पर सुल्ली डील्स नाम का एक ऐप बनाया गया था. इस पर पत्रकारों और ऐक्टिविस्ट्स समेत सैकड़ों मुस्लिम महिलाओं और लड़कियों की फोटो डालकर उनकी ऑनलाइन बोली लगाई जा रही थी. तब कई महिलाओं ने दिल्ली और नोएडा पुलिस में शिकायत दर्ज कराई. जिसके बाद ऐप को गिटहब से हटा लिया गया, लेकिन कोई गिरफ्तारी नहीं हुई.
बाएं से दाएं. Bulli Bai ऐप का स्क्रीनशॉट और मुंबई पुलिस की हिरासत में आरोपी. (फोटो: Twitter/ANI)
बाएं से दाएं. Bulli Bai एप का स्क्रीनशॉट और मुंबई पुलिस की हिरासत में आरोपी. (फोटो: Twitter/ANI)

जनवरी 2022 में पता चला कि सुल्ली डील्स ऐप की तरह ही बुल्ली बाई नाम से भी एक ऐप बनाया गया है. 6 महीनों के अंदर ये ऐसी दूसरी घटना थी, जब मुस्लिम महिलाओं की अनुमति के बिना उनकी तस्वीरें इस ऐप पर अपलोड हुईं, उनके बारे में अभद्र कमेंट्स किए गए और उनकी बोली लगाई गई. बुल्ली बाई मामले के सामने आने के बाद जमकर बवाल हुआ. दिल्ली और मुंबई पुलिस ने केस दर्ज किया. फिर बुल्ली बाई और सुल्ली डील्स केस में कई लोग गिरफ्तार किए गए, इनमें ओंकारेश्वर ठाकुर और नीरज बिश्नोई भी शामिल थे.
ओंकारेश्वर BCA का स्टूडेंट है. कथित तौर पर वह ही Sulli Deal ऐप का मेन क्रिएटर है. जबकि नीरज बिश्नोई भोपाल के वेल्लोर इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नॉलजी से बीटेक कर रहा है. दिल्ली पुलिस के साइबर सेल का दावा है कि नीरज बिश्नोई ही बुल्ली बाई ऐप मामले में मुख्य साजिशकर्ता है.

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