12 साल की एक बच्ची. उसे अगवा कर लिया जाता है. बार-बार बेचा जाता है. रेप होता है.जबरदस्ती शादी कराई जाती है. दो बच्चे पैदा होते हैं. पति मर जाता है. फिर रेप होनेलगता है. पूरे 10 साल बाद इस जहन्नुम से निकल कर लड़की घर पहुंचती है, तो घर वालेजुल्म की इंतेहा सुनकर रो पड़ते हैं. 25 जुलाई को लड़की अपने घर लौटी तो दुःख और दर्दसमेटे हुए. ये सब हुआ दिल्ली के सीलमपुर से साल 2006 में किडनैप हुई बच्ची के साथ.इतनी दर्दनाक आपबीती, सुनके भी रोंगटे खड़े हो जाएं. 13 जुलाई 2006 में यानी 10 सालपहले बच्ची को अगवा किया गया. मां-बाप बच्ची को तलाशने के लिए दर-दर भटके. पुलिस कीमदद ली. किडनैपिंग का केस दर्ज हुआ. बच्ची का कुछ पता नहीं चला. उसी साल निठारीकांड हुआ था, गायब हुए बच्चों के मां-बाप निठारी पहुंच रहे थे. बच्चियों कीहड्डियां तलाशने. इस बच्ची के भी मां-बाप वहां पहुंचे. आस थी बेटी का कुछ सुरागमिलेगा. कोई सुराग नहीं मिला. 10 साल से इस परिवार को बेटी का इंतजार था. 25 जुलाईको लड़की वापस लौटी. परिवार की आंखों में खुशी के आंसू होने चाहिए थे. मगर बच्ची परहुए जुल्म के बारे में जानकर उनके पैरों की जमीन ही खिसक गई. लड़की ने बताया. वोसीलमपुर इलाके में अपनी बहन के घर जा रही थी, तभी एक गाड़ी आकर रुकी. उसे गाड़ी मेंखींच लिया और नशे का इंजेक्शन लगा दिया. जब आँख खुली तो वो पंजाब के अंबाला में एकघर में थी. वहां पहले से कई बच्चियां थीं. लड़की ने बताया, 'उन बच्चियों ने मुझेबताया कि यहां लड़कियों को बेचा जाता है. और अब उसकी बारी आने वाली है. मुझे होश आनेके कुछ घंटे बाद दोबारा इंजेक्शन लगा दिया. इस बार आंख खुली तो मैं गुजरात पहुंचचुकी थी. गुजरात के एक फैक्ट्रीनुमा घर में रखा गया. पूरा दिन घर का काम कराया जाताथा. रात बड़ी दर्दनाक होती थी. क्योंकि हर रोज रेप किया जाता था. कुछ महीने वहांरखने के बाद उन लोगों ने मुझे किसी और को बेच दिया.' आठ बार लड़की को बेचा गया. हररोज उसके साथ रेप होता था. लड़की ने बताया कि इनकार करने पर पीटा जाता था. कई बार तोउसे सिगरेट से भी जलाया गया.जबरदस्ती कराई शादी और बच्चे छीन लिएआठवीं बार उसे पंजाब के जरनैल को बेच दिया गया. जरनैल के रिश्तेदारों ने एक 65 सालके ड्राइवर भगेरा सिंह से उसकी जबरदस्ती शादी करा दी. उससे दो बच्चे हुए, मनवीर औररंजीत. तीन साल बाद भगेरा की मौत हो गई. लड़की ने बताया, 'एक बार फिर उसके साथबलात्कार किया जाना लगा. विरोध किया तो उसकी फैमिली ने मुझसे दोनों बच्चों को छीनलिया और मुझे घर से निकाल दिया.'एक दूसरी लड़की ने घर तक पहुंचने में की मददअंबाला में उसे एक इवेंट कंपनी में काम करने वाली लड़की मिली. वो उसे वेस्ट बंगाल केसिलीगुड़ी ले गई. उसने वादा किया कि वो उसके घर तक पहुंचाने में मदद करेगी. रेपविक्टिम लड़की सिलीगुड़ी में एक डांस बार में काम करने लगी. इवेंट कंपनी में काम करनेवाली लड़की उसे लेकर दिल्ली आई और घर तलाशने में मदद की. रेप विक्टिम को सिर्फ इतनायाद था कि वो दिल्ली के खजूरी इलाके में जनता फ्लैट में रहती थी. काफी खोजबीन केबाद वो सीलमपुर इलाके में 25 जुलाई को अपने घर पहुंच गई. फैमिली ने पुलिस को लड़कीकी दर्द भरी कहानी सुनाई तो पुलिस ने किडनैपिंग का केस रीओपन कर दिया. पुलिस अफसरोंने कार्रवाई का भरोसा दिया है. लड़की का मेडिकल कराने के बाद रेप का मामला भी दर्जकिया जाएगा. ये भी पढ़ेंबरेली में गैंगरेप, आजम चेक करा लें, विपक्ष का हाथ तो नहीं!आजम खां, अगर गैंगरेप कर सत्ता पाई जाती है तो आप सत्ता में कैसे आए थे?