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एक ऐप, 9 दिन और 1400 करोड़ की ठगी... गुजरात में चीनी शख्स ने ऐसे बिछाया जाल, पुलिस खाली हाथ!

चीन के शेंजेन प्रांत का रहने वाला वू युआंबे कुछ वक़्त के लिए गुजरात आया था. उसने यहां के कुछ लोगों के साथ मिलकर सिर्फ 9 दिनों के अंदर इस ठगी को अंजाम दिया और पकड़े जाने से पहले ही वापस चीन भाग गया.

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18 अगस्त 2023 (अपडेटेड: 18 अगस्त 2023, 01:52 PM IST)
Chinese citizen dupes  1400 crore on football betting app gujarat up police cid have lack of evidence
ऑनलाइन गेमिंग और उससे कमाई रिस्क फ्री नहीं है, समझदार बनिए. (फोटो सोर्स- आजतक और Freepik)
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गुजरात से ऐसी ही एक बड़ी ठगी का मामला सामने आया है. गुजरात पुलिस का कहना है कि चीन के एक शख्स ने फुटबॉल की बेटिंग ऐप (Gujarat football games betting app fraud) के जरिए 1200 लोगों को करीब 1400 करोड़ रुपए का चूना लगाया है. चीन के शेंजेन प्रांत का रहने वाला वू युआंबे कुछ वक़्त के लिए गुजरात आया था. उसने यहां के कुछ लोगों के साथ मिलकर सिर्फ 9 दिनों के अंदर इस ठगी को अंजाम दिया और पकड़े जाने से पहले ही वापस चीन भाग गया.

ठगी कैसे की? 

टाइम्स ऑफ़ इंडिया में छपी आशीष चौहान और पॉल जॉन की खबर के मुताबिक, गुजरात पुलिस ने एक SIT का गठन किया था. SIT की पड़ताल में चीन के शेंजेन प्रांत के रहने वाले वू युआंबे का नाम सामने आया. जो फ्रॉड का मास्टरमाइंड था. आरोप है कि युआंबे ने गुजरात के पाटन और बनासकांठा जिले में फ्रॉड को अंजाम दिया. 

अख़बार के मुताबिक, CID के ऑफिसर्स ने बताया कि उन्हें जून 2022 में पता चला कि कुछ लोग 'दानी डेटा' नाम की एक ऐप के जरिए गुजरात और उत्तर-प्रदेश के लोगों को निशाना बना रहे थे. उत्तर-प्रदेश के आगरा जिले की पुलिस ने भी जांच शुरू की. पता चला कि इस ठगी में उत्तरी गुजरात के भी कुछ लोग शामिल हैं.

CID के एक अधिकारी ने अखबार को बताया,

"जांच के दौरान हमें पता चला कि चीनी नागरिक (वू युआंबे) साल 2020 और 2022 के बीच भारत में था. उसने पाटन और बनासकांठा में भी कुछ वक़्त गुजारा. इस दौरान वो बड़ी तादाद में लोगों से मिला और उन्हें पैसे का लालच दिया. और उसके बाद उसने और उसके साथ के लोगों ने मई 2022 में एक ऐप लॉन्च की. इस ऐप में बोली लगाने और बदले में बड़े फायदे के वायदे किए जाते थे."

उन्होंने आगे बताया कि 15 साल के लड़कों से लेकर 75 साल तक के बुजुर्गों ने ऐप पर जाकर फुटबॉल गेम्स पर बेटिंग लगाई. कुल 9 दिन ऐप एक्टिव रही और फिर एक दिन ऐप अचानक बंद हो गई. तब लोगों को पता चला कि उनके साथ बड़ा खेल हो गया है. इस तरह युआंबे ने औसतन हर रोज 200 करोड़ रुपए ठग लिए.  

इसके बाद CID की साइबर सेल ने इस मामले में 9 लोगों को पकड़ा था. आरोप था कि इन लोगों ने शेल कंपनियां बनाकर हवाला नेटवर्क के जरिए पैसे भेजने में युआंबे की मदद की. अगस्त 2022 में गुजरात पुलिस भी हरकत में आई. पाटन में IT एक्ट के उल्लंघन और धोखाधड़ी का मामला दर्ज हुआ. ठगी के सरगना युआंबे को भी पकड़ने की कोशिश हुई, लेकिन तब तक वो भारत से चीन भाग चुका था. इस साल मार्च में CID ने अपनी चार्जशीट दाखिल की थी. लेकिन CID युआंबे के खिलाफ पर्याप्त सुबूत नहीं जुटा पाई है. उसके प्रत्यर्पण की प्रक्रिया शुरू की जानी है. पुलिस के सूत्रों के मुताबिक युआंबे अभी भी चीन के शेंजेन प्रांत के अलावा हांगकांग और सिंगापुर से अपना नेटवर्क चला रहा है. ऑनलाइन ठगी के लिए उसने कई ऐप बना रखी हैं. 

वीडियो: पूरे फ्रॉड की कहानी सुन समझ जाएंगे कि इससे बचने के लिए आपको क्या नहीं करना है

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