हाई कोर्ट ने BJP के छेदी पासवान की सांसदी छीन ली
हलफनामे में जानकारी छुपाई थी छेदी ने.
Advertisement

नरेंद्र मोदी के साथ छेदी पासवान
Quick AI Highlights
Click here to view more
लोगों की हमेशा शिकायत रहती है कि संसद में बहुत सारे सांसदों पर आपराधिक मामले दर्ज हैं. उन पर कोई कार्रवाई क्यों नहीं होती? बिहार में एक सांसद की संसद सदस्यता रद्द कर दी है कोर्ट ने. माननीय सांसद महोदय देश में सरकार चला रही पार्टी बीजेपी के हैं.

छेदी पासवान के एफिडेविट का हिस्सा
छेदी सासाराम से बीजेपी सांसद बने थे. और इससे पहले वो बिहार सरकार में मंत्री भी रह चुके हैं. छेदी दलित पासी जाति से आते हैं. और उनका संसदीय क्षेत्र यूपी सीमा से लगता हुआ है.
पटना हाई कोर्ट के इस फैसले पर छेदी ने कहा कि वो कोर्ट के फैसले का सम्मान करते हैं. लेकिन वो इसके विरोध में ऊपरी कोर्ट जाएंगे.
पासवान तीसरी बार सांसद बने थे. इससे पहले वो जनता दल के टिकट पर 1989 और 1991 में सांसद बने थे. पिछले लोकसभा चुनाव से ठीक पहले वह भाजपा में आ गए थे और लोकसभा अध्यक्ष रह चुकीं मीरा कुमार को हराकर सांसद बने थे.
बिहार के सासाराम से बीजेपी के सांसद छेदी पासवान की संसद सदस्यता रद्द हो गई. पटना हाई कोर्ट ने चुनाव के टाइम दिए गए हलफनामे में जानकारी छुपाने के आरोप में ये कदम उठाया है.गंगा मिश्रा ने उनके खिलाफ याचिका दायर की थी. जिस पर पटना हाई कोर्ट में सुनवाई चल रही थी. उन्होंने अपने ऊपर दर्ज आपराधिक मामलों के बारे में हलफनामे में जानकारी नहीं दी थी. छेदी पासवान ने अपने एफिडेविट में सब कुछ निल बटे सन्नाटा भरा था. कोर्ट ने सांसदी भी निल कर दी.

छेदी पासवान के एफिडेविट का हिस्सा
छेदी सासाराम से बीजेपी सांसद बने थे. और इससे पहले वो बिहार सरकार में मंत्री भी रह चुके हैं. छेदी दलित पासी जाति से आते हैं. और उनका संसदीय क्षेत्र यूपी सीमा से लगता हुआ है.
पटना हाई कोर्ट के इस फैसले पर छेदी ने कहा कि वो कोर्ट के फैसले का सम्मान करते हैं. लेकिन वो इसके विरोध में ऊपरी कोर्ट जाएंगे.
पासवान तीसरी बार सांसद बने थे. इससे पहले वो जनता दल के टिकट पर 1989 और 1991 में सांसद बने थे. पिछले लोकसभा चुनाव से ठीक पहले वह भाजपा में आ गए थे और लोकसभा अध्यक्ष रह चुकीं मीरा कुमार को हराकर सांसद बने थे.

