एक चौंकाने वाले आरटीआई खुलासे में पता चला है कि सुप्रीम कोर्ट ने अपने गलियारोंके लिए ग्लास पैनल पर 2.6 करोड़ रुपए खर्च किए, लेकिन एक साल के भीतर ही उन्हें8.63 लाख की अतिरिक्त लागत से हटा दिया. टैक्स देने वालों के कुल 2.68 करोड़ रुपएइस काम में खर्च हुए. नवंबर 2022 में चीफ जस्टिस डी.वाई. चंद्रचूड़ के नेतृत्व मेंअदालत के आधुनिकीकरण और केंद्रीकृत एयर कंडीशनिंग में सहायता के लिए शुरू किए गए इनग्लास पार्टिशन को सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन और एडवोकेट्स-ऑन-रिकॉर्ड एसोसिएशन कीकड़ी आलोचना का सामना करना पड़ा. उनका तर्क था कि पैनल गलियारों को संकरा कर देतेहैं, जिससे भीड़भाड़ हो जाती है और आवाजाही में बाधा आती है. विरोध के बावजूद, येपैनल तब तक लगे रहे जब तक कि 51वें मुख्य न्यायाधीश, मुख्य न्यायाधीश बी.आर. गवई नेजून 2025 में अदालत के मूल खुले स्वरूप को बहाल करने का फैसला नहीं किया. क्या हैपूरी कहानी, समझने के लिए पूरा वीडियो देखें.