फसल पर ट्रैक्टर चलाने वाले बिहार के किसान की किस्मत बदली, मिला 10 गुना दाम
केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने भी मदद के लिए हाथ बढ़ाए.
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खबर प्रकाशित होने के बाद समस्तीपुर में सरकारी अमला पहुंचा और किसान की मदद की. फोटो- जहांगीर आलम
समस्तीपुर. बिहार का जिला है. चर्चा में है. वो इसलिए कि एक किसान ने यहां अपनी गोभी की फसल की कीमत ना मिलने पर उसे बर्बाद करने के लिए खेत में ट्रैक्टर चला दिया था. किसान आंदोलन के बीच इंडिया टुडे ग्रुप ने इस खबर को प्रमुखता से दिखाया. लल्लनटॉप ने भी खबर दिखाई. इसका असर हुआ. उस किसान की परेशानी समझ केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने मदद का हाथ बढ़ाए. सरकारी अमला भी आगे आया. जिस गोभी को 1 रूपये किलो में भी कोई खरीदने को तैयार नहीं था, उसके लिए 10 रूपये किलो का रेट देकर पूरी गोभी खरीद ली गई है.
जिस किसान ने खड़ी फसल पर ट्रैक्टर चलाया था, उसका नाम है ओमप्रकाश यादव. वह समस्तीपुर के मुक्तापुर गांव के रहने वाले हैं. पहले जान लेते हैं, ओमप्रकाश ने क्या कहा है, क्या था पूरा मामला?
ओम प्रकाश यादव ने अपने खेत में गोभी लगाई थी. इस साल गोभी की पैदावार अच्छी हुई, लेकिन किसानों को मंडी में इसका सही दाम नहीं मिल रहा. किसान जब गोभी को मंडी ले जा रहे हैं, तो वहां एक रुपए प्रति किलो का रेट ही मिल पा रहा है. इसी बात से ओम प्रकाश यादव नाराज़ थे. इसी नाराज़गी में उन्होंने गोभी की फसल के एक बड़े हिस्से पर ट्रैक्टर चला दिया. उनका कहना था कि बीज खरीदकर, खेती करने और फसल उगने से लेकर मंडी तक पहुंचाने तक की कीमत भी वसूल नहीं हो पा रही, फायदा मिलना तो दूर की बात है. गांववालों को जब पता चला कि ओम प्रकाश अपनी फसल को खत्म कर रहे हैं, तो लोग खेत में पहुंच गए. गोभी उखाड़-उखाड़कर अपने घर ले जाने लगे. जितना ले जाते बना, लोग मुफ्त में ले गए.
ओमप्रकाश की फसल को तौल कर भुगतान किया गया. फोटो- जहांगीर आलम
रविशंकर प्रसाद ने ऐसे की मदद
इंडिया टुडे ग्रुप ने इस खबर को प्रमुखता से उठाया. 'लल्लनटॉप' ने भी अपने शब्दों के माध्यम से किसान का दर्द उकेरने की पूरी कोशिश की थी देखिए पूरी रिपोर्ट.
आखिरकार ये कोशिश सफल रही. केंद्रीय कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने जब ये खबर देखी तो तत्काल किसान की मदद के लिए हाथ बढ़ाए. फेसबुक पर उन्होंने लिखा,
रविशंकर प्रसाद ने फेसबुक पर लिखी ये बात
स्थानीय अधिकारियों और लोगों ने बताई पूरी बात
समस्तीपुर के कॉमन सर्विस सेंटर के जिला प्रबंधक विक्रम कुमार शर्मा ने कहा, ओमप्रकाश के पड़ोसी चन्द्र प्रकाश गुड्डू ने कहा, बेंगलुरू के व्यापारियों ने भी हाथ आगे बढ़ाया
बेंगलुरु में खबर देखने के बाद वहां के व्यापारियों ने बेंगलुरू रेलमंडल के डीसीएम से संपर्क किया, और समस्तीपुर के किसानों से गोभी को खरीदने की इच्छा जताई. वहां से शिमला मिर्च और टमाटर, बिहार में भेजने के लिए तैयार हो गए. इसको लेकर बेंगलुरु के डीसीएम ने समस्तीपुर रेलमंडल के डीसीएम प्रसन्न कुमार से संपर्क किया, और वहां के व्यापारियों द्वारा 100 टन गोभी खरीदने की बात बताई.
खबर ने बदली किसान की किस्मत
जिस किसान ने खड़ी फसल पर ट्रैक्टर चलाया था, उसका नाम है ओमप्रकाश यादव. वह समस्तीपुर के मुक्तापुर गांव के रहने वाले हैं. पहले जान लेते हैं, ओमप्रकाश ने क्या कहा है, क्या था पूरा मामला?
ओम प्रकाश यादव ने अपने खेत में गोभी लगाई थी. इस साल गोभी की पैदावार अच्छी हुई, लेकिन किसानों को मंडी में इसका सही दाम नहीं मिल रहा. किसान जब गोभी को मंडी ले जा रहे हैं, तो वहां एक रुपए प्रति किलो का रेट ही मिल पा रहा है. इसी बात से ओम प्रकाश यादव नाराज़ थे. इसी नाराज़गी में उन्होंने गोभी की फसल के एक बड़े हिस्से पर ट्रैक्टर चला दिया. उनका कहना था कि बीज खरीदकर, खेती करने और फसल उगने से लेकर मंडी तक पहुंचाने तक की कीमत भी वसूल नहीं हो पा रही, फायदा मिलना तो दूर की बात है. गांववालों को जब पता चला कि ओम प्रकाश अपनी फसल को खत्म कर रहे हैं, तो लोग खेत में पहुंच गए. गोभी उखाड़-उखाड़कर अपने घर ले जाने लगे. जितना ले जाते बना, लोग मुफ्त में ले गए.
ओमप्रकाश की फसल को तौल कर भुगतान किया गया. फोटो- जहांगीर आलम
रविशंकर प्रसाद ने ऐसे की मदद
इंडिया टुडे ग्रुप ने इस खबर को प्रमुखता से उठाया. 'लल्लनटॉप' ने भी अपने शब्दों के माध्यम से किसान का दर्द उकेरने की पूरी कोशिश की थी देखिए पूरी रिपोर्ट.
आखिरकार ये कोशिश सफल रही. केंद्रीय कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने जब ये खबर देखी तो तत्काल किसान की मदद के लिए हाथ बढ़ाए. फेसबुक पर उन्होंने लिखा,
रविशंकर प्रसाद ने फेसबुक पर लिखी ये बात
स्थानीय अधिकारियों और लोगों ने बताई पूरी बात
समस्तीपुर के कॉमन सर्विस सेंटर के जिला प्रबंधक विक्रम कुमार शर्मा ने कहा, ओमप्रकाश के पड़ोसी चन्द्र प्रकाश गुड्डू ने कहा, बेंगलुरू के व्यापारियों ने भी हाथ आगे बढ़ाया
बेंगलुरु में खबर देखने के बाद वहां के व्यापारियों ने बेंगलुरू रेलमंडल के डीसीएम से संपर्क किया, और समस्तीपुर के किसानों से गोभी को खरीदने की इच्छा जताई. वहां से शिमला मिर्च और टमाटर, बिहार में भेजने के लिए तैयार हो गए. इसको लेकर बेंगलुरु के डीसीएम ने समस्तीपुर रेलमंडल के डीसीएम प्रसन्न कुमार से संपर्क किया, और वहां के व्यापारियों द्वारा 100 टन गोभी खरीदने की बात बताई.
खबर ने बदली किसान की किस्मत
इंडिया टुडे ग्रुप के रिपोर्टर जहांगीर आलम ने बताया कि 14 दिसंबर को जब वो इस खबर की कवरेज पर पहुंचे थे तो किसान ओमप्रकाश गुस्से और दुख में थे. लेकिन अब जब उनकी फसल के 10 गुना दाम मिले हैं, तो काफी खुश हैं. अब पूरे गांव, पूरे इलाके के किसान उस प्रोसेस को जानना चाहते हैं, जिसके जरिए अपनी फसल को दूसरे इलाकों में बेचा जा सकता है.

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