The Lallantop
Advertisement
  • Home
  • News
  • bihar buxar administration found UP police was dumping dead bodies in river 8 stuck in border net

बक्सर प्रशासन ने यूपी में जाकर लिया एक्शन, नदी में लाशें डालने वाले को पकड़ा

बक्सर में लगाया गंगा पर महाजाल, पहले ही दिन मिले 8 शव

Advertisement
pic
13 मई 2021 (अपडेटेड: 13 मई 2021, 06:57 AM IST)
Baxar Bihar Ganga Ghat Dead Bodies River Up Corona Cases Deaths
बक्सर में गंगा में कई दिनों से बह रहे शवों का राज खोलने का दावा प्रशासन ने किया है, जिससे यूपी के इंतजामों पर सवालिया निशान लग गए हैं. फोटो - बक्सर घाट (आज तक)/ पीटीआई (प्रतीकात्मक तौर पर)
Quick AI Highlights
Click here to view more
बिहार के बक्सर (Buxar ) जिले में नदी में दर्जनों लाशें मिलने से बिहार सरकार और प्रशासन की काफी किरकिरी हुई. इल्ज़ाम लगे कि बिहार में कोरोना (corona) से जान गंवाने वाले लोगों की लाशों को नदी में बहाया जा रहा है. प्रशासन ने दावा किया कि लाशें यूपी से बहकर बिहार की तरफ आ रही हैं. लोग इस जवाब से संतुष्ट नहीं हुए. बक्सर प्रशासन ने इस बदनामी के दाग को धोने के लिए एक गुप्त अभियान चलाया. बक्सर के अधिकारियों ने यूपी की सीमा में घुसकर पता लगाया कि गाजीपुर के बारे थाना क्षेत्र से लाशों को गंगा में प्रवाहित किया जा रहा है. ये लाशें बक्सर जिले में आकर फैल जाती हैं. इसके लिए बक्सर प्रशासन ने नदी पर एक महाजाल लगाया है, जिसमें पहले दिन ही 8 शव मिले हैं. गुप्त रखा गया पूरा अभियान बक्सर जिले में जब से लाशें मिलने का मामला सामने आया था, तभी से बक्सर समेत बिहार प्रशासन पर कई सवाल खड़े हो रहे थे. ऐसे में बक्सर जिला प्रसाशन की टीम रात के अंधेरे में बिहार से यूपी की सीमा में घुसी. इस टीम ने वहां एक मल्लाह को पकड़ा. यह मल्लाह लाशों को यूपी के बारे थाना की पुलिस के कहने पर गंगा में प्रवाहित कर रहा था. बक्सर प्रशासन की टीम ने उसका एक वीडियो बनाया, और बतौर सबूत जारी किया. बक्सर जिला प्रशासन ने अपने सीक्रेट ऑपरेशन को यूपी के गाजीपुर जिले में किसी 'सर्जिकल स्ट्राइक' की तरह अंजाम दिया. इस खुलासे के बाद यूपी पुलिस सवालों के घेरे में आ गई है. ये सवाल भी उठ रहे हैं कि जो लाशें बक्सर के महादेव घाट पर मिली थीं, क्या वे यूपी से आई थीं? इस बारे में यूपी की ओर से खबर लिखे जाने तक कोई जवाब नहीं आया. बक्सर के जिलाधिकारी ने इस गुप्त अभियान के बारे में आजतक को जानकारी देते हुए बताया-
अगर हम चौसा में लाश डालते हैं तो लाशें चार-पांच दिन बाद कई किलोमीटर दूर जाकर निकलेंगी. इसका पता लगाने के लिए हमारी टीम नदी किनारे गाजीपुर तक गई थी. वहां टीम ने देखा कि लोग गंगा में लाश डाल रहे हैं. ये काफी गंभीर विषय है. हम लोगों ने गंगा नदी पर महाजाल लगाया है. हम ये देखना चाहते थे कि कितनी लाशें बहकर आ रही हैं. बुधवार को माहजाल से आठ लाशें मिली हैं.
बता दें कि बिहार के बक्सर जिले के चौसा प्रखंड में 10 मई को गंगा नदी में कम से कम 40 शव बरामद किए गए थे. उसके बाद भी लाशों के मिलने का सिलसिला जारी था. इससे क्षेत्र में लोग में भय का माहौल बन गया. नदी के पानी में इतनी लाशों की तस्वीरों को कोरोना काल की सबसे भयावह तस्वीर बताया गया. इस मामले की उच्चस्तरीय जांच तक की मांग हुई. अब बक्सर के अधिकारियों के नए खुलासे के बाद यूपी प्रशासन पर सवाल खड़े हो गए हैं. सबसे बड़ा सवाल तो यह है कि आखिर ये लाशें किनकी हैं? इन्हें इस तरह से रातोंरात नदी में क्यों फेंका जा रहा है? बता दें कि यूपी और बिहार पर लगातार कोरोना से हुई मौतों के आंकड़े छुपाने के आरोप लगते रहे हैं.

Advertisement

Advertisement

()