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बांग्लादेश में बड़ा हादसा, चटगांव कंटेनर डिपो में आग से 43 लोगों की मौत, 450 से ज्यादा घायल

आग लगने का कारण कंटेनर डिपो में मौजूद केमिकल हो सकते हैं. बताया जा रहा है कि आग बीएम कंटेनर डिपो के लोडिंग प्वाइंट के अंदर रात करीब नौ बजे लगी. रात करीब 11:45 बजे, एक बड़ा धमाका हुआ और एक कंटेनर में रसायनों की मौजूदगी के कारण आग एक कंटेनर से दूसरे कंटेनर में फैल गई.

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5 जून 2022 (अपडेटेड: 5 जून 2022, 04:25 PM IST)
chittagong blast
आग लगने के बाद उठता धुएं का गुबार (फोटो: आजतक)
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बांग्लादेश (Bangladesh) के चटगांव (Chittagong) से एक बड़े हादसे की खबर सामने आई है. यहां के सीताकुंड सब-डिवीजन में स्थित एक निजी इनलैंड कंटेनर डिपो (ICD)में 4 जून को रात के वक्त अचानक आग लग गई. इस आग की चपेट में केमिकल से भरा एक कंटेनर भी आ गया, जिसमें धमाका हो गया. ये हादसा इतना भीषण था कि इसमें अबतक 43 लोगों की मौत हो चुकी है और 450 से ज्यादा घायल बताए जा रहे हैं. स्थानीय प्रशासन ने मुताबिक, इस बात की आशंका है कि मरने वालों की संख्या बढ़ सकती है.

हादसे की खबर मिलते ही बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना ने लोगों की मौत पर शोक जताया और बचाव अभियान के लिए सभी सुविधाएं जुटाने का आदेश दिया है. वहीं अधिकारियों ने एक जांच समिति का गठन कर अगले तीन दिनों में रिपोर्ट देने की बात कही है.

पुलिस ने क्या बताया?

चटगांव मेडिकल कॉलेज अस्पताल (CMCH) पुलिस चौकी के असिस्टेंट सब इंसपेक्टर अलाउद्दीन तालुकदार के मुताबिक इस हादसे में अबतक 43 लोगों की मौत हो चुकी है. उन्होंने बताया कि मृतकों के शवों को मुर्दाघर में रखा गया है. चटगांव में रेड क्रिसेंट यूथ मिशन के स्वास्थ्य और सेवा विभाग के प्रमुख इस्ताकुल इस्लाम ने जानकारी देते हुए बताया कि इस हादसे में 450 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं, जिनमें से कम से कम 350 CMCH में भर्ती हैं. बाकी घायलों को दूसरे अस्पतालों में ले जाया गया है. हादसे के वक्त वहां मौजूद एक शख्स ने फोन पर न्यूज एजेंसी पीटीआई को बताया, 

"डिपो काफी हद तक खाली था, आग लगने के बाद दमकलकर्मी, पुलिसकर्मी और बाकी बचावकर्मी घटनास्थल पर पहुंचे. जिसके बाद वहां केमिकलों से भरे दूसरे कंटेनरों में विस्फोट होने से उनकी मौत हो गई."  

वहीं सब-इंस्पेक्टर नूरुल आलम ने बताया,

"शनिवार रात करीब नौ बजे कंटेनर डिपो में आग लग गई. हादसे की जानकारी मिलते फायर सर्विस ने आग बुझाने का काम शुरू कर दिया. आग बुझाते हुए अचानक एक धमाका हुआ और फिर आग फैल गई." 

एसआई नुरुल ने आशंका जताते हुए कहा कि आग लगने का कारण कंटेनर डिपो में मौजूद केमिकल हो सकते हैं. बताया जा रहा है कि आग बीएम कंटेनर डिपो के लोडिंग प्वाइंट के अंदर रात करीब नौ बजे लगी. रात करीब 11:45 बजे, एक बड़ा धमाका हुआ और एक कंटेनर में रसायनों की मौजूदगी के कारण आग एक कंटेनर से दूसरे कंटेनर में फैल गई.  

इधर प्रशासन मृतकों के परिजनों को 50 हजार टका और घायलों को 20 हजार टका की आर्थिक मदद देने की घोषणा की है. 

चटगांव अग्निशमन सेवा और नागरिक सुरक्षा के सहायक निदेशक मोहम्मद फारुक हुसैन सिकंदर ने कहा कि दमकल की करीब 19 गाड़ियां आग पर काबू पाने की कोशिश कर रही हैं. उन्होंने बताया कि मौके पर छह एंबुलेंस भी मौजूद हैं. अग्निशमन सेवा के प्रमुख ब्रिगेडियर जनरल मोहम्मद मैनुद्दीन ने कहा कि हाइड्रोजन परॉक्साइड जैसे कई प्रकार के रसायनों को डिपो में कंटेनरों में रखा गया था, जिससे आग ने भीषण रूप ले लिया. बता दें कि बीएम कंटेनर डिपो मई 2011 से काम कर रहा है.  

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