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बिहार सरकार ला रही है पेपर लीक के खिलाफ कानून, 10 साल तक सजा हो सकती है

Bihar सरकार ने परीक्षाओं में Paper Leak और नकल के मामलों के लिए कानून बनाया है. इन मामलों में दोषी पाए जाने पर 3 से 10 साल तक की सजा और 10 लाख से 1 करोड़ रुपये तक का जुर्माना हो सकता है.

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Anti Paper Leak Law
पेपर लीक के मामले में 10 साल तक की सजा हो सकती है. (सांकेतिक तस्वीर: PTI)
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रवि सुमन
24 जुलाई 2024 (पब्लिश्ड: 03:05 PM IST)
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देश में पेपर लीक पर मचे बवाल के बीच बिहार सरकार सख्त कानून लेकर आ रही है. बिहार विधानसभा (Bihar Vidhan Sabha) के मानसून सत्र के तीसरे दिन 24 जुलाई को इस कानून को पेश किया जाएगा. इस कानून में पेपर लीक के मामले में दोषी पाए जाने पर 3 से 10 साल तक की सजा और 10 लाख से 1 करोड़ रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान है. ये कानून स्टूडेंट, टीचर समेत परीक्षा से संबंधित सभी लोगों पर लागू होगा. ‘बिहार लोक परीक्षा (अनुचित साधन निवारण) विधेयक 2024’ का ड्राफ्ट  को 22 जुलाई को विधानसभा में पेश किया गया था. 

केंद्र सरकार पहले ही बना चुकी है कानून

पेपर लीक के मामले पर केंद्र सरकार पहले ही कानून बना चुकी है. केंद्र ने राज्यों से भी इस कानून को लागू करने का अनुरोध किया था. जून 2024 में पारित इस कानून के अनुसार, पेपर लीक या आंसर शीट से छेड़छाड़ के मामले में दोषी पाए जाने पर 3 से 5 साल की सजा का प्रावधान है. साथ ही 10 लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है. ये मामले गैर-जमानती होंगे.

ये भी पढ़ें: NEET पेपर लीक: जिस सवाल का जवाब 'गलत' था, उसे सुप्रीम कोर्ट ने बताया ‘सही’

केंद्र सरकार के कानून के अनुसार, किसी सर्विस प्रोवाइडर या एजेंसी को संभावित पेपरलीक या किसी अन्य अपराध की जानकारी है, तो उन्हें इसे रिपोर्ट करना होगा. ऐसा नहीं करने पर उन पर भी एक करोड़ रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है. इस कानून में सर्विस प्रोवाइडर जुड़े अधिकारियों के लिए भी सजा का प्रावधान है. अगर कोई अधिकारी अपराध की अनुमति देता है या अपराध में खुद शामिल होता है, तो उसे 3 से 10 साल की सजा हो सकती है. साथ ही 1 करोड़ रुपये का जुर्माना भी देना पड़ सकता है. इस मामले अगर कोई संगठित अपराध (Organized crime) का पता चलता है तो 5 से 10 साल की सजा और 1 करोड़ रुपये का जुर्माना हो सकता है.

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