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UP विधानसभा में 'चित्रहार'! अखिलेश के 'चल संन्यासी मंदिर में' पर राजभर का 'मेरे अंगने में...'

ओमप्रकाश राजभर के जवाब पर पूरा सदन ठहाकों से गूंज उठा.

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11 अगस्त 2023 (अपडेटेड: 11 अगस्त 2023, 03:57 PM IST)
Akhilesh Yadav Attacks Yogi Adityanath In UP Vidhansabha Bulls Economy
अखिलेश यादव ने विधानसभा में योगी आदित्यनाथ पर साधा निशाना. (फोटो: PTI)
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यूपी विधान सभा के मॉनसून सत्र के अंतिम दिन सदन में नेता प्रतिपक्ष और समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) ने सरकार पर जम कर निशाना साधा. अखिलेश ने ‘वन ट्रिलियन डॉलर इकॉनमी’ से लेकर सांड, किसानों से लेकर अस्पतालों की बदहाली, बिजली से लेकर बाढ़ और सूखे जैसे मुद्दे उठाए. उन्होंने मुख्यमंत्री को भी घेरने की कोशिश की और कभी सपा के सहयोगी और अब बीजेपी के साथ जा चुके ओम प्रकाश राजभर पर भी हमला बोल दिया. अखिलेश यादव ने सदन में लगभग एक घंटे का भाषण दिया, जिसमें सीधे तौर पर उनके निशाने पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ रहे. अखिलेश ने कहा कि सरकार सांडों को नहीं सम्भाल पा रही, ‘वन ट्रिलियन डॉलर’ की इकॉनमी कैसे बनाएगी?

अखिलेश यादव ने यूपी सरकार पर साधा निशाना. (फोटो: PTI)
डबल इंजन टकरा गए 

अखिलेश यादव ने सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि ऐसा लगता है केंद्र और राज्य का इंजन आपस में टकरा गया है. उन्होंने यूपी में बिजली कटौती का मामला उठाते हुए कहा कि हर ज़िले में ट्रांसफॉर्मर जलने की ख़बरें आ रही हैं. अखिलेश यादव ने कहा कि विभाग के मंत्री तो नए हैं, उनका उतना दोष नहीं जितना इसके लिए मुख्यमंत्री दोषी हैं. मुख्यमंत्री साढ़े 6 साल से हैं और उन्होंने बिजली विभाग के लिए कुछ नहीं किया. उन्होंने कहा कि कैसा डबल इंजन और कैसी डबल इंजन की सरकार जो बिजली का कोटा न बढ़ा सके. अस्पतालों की बदहाली पर अखिलेश ने कहा कि सरकार PPP मॉडल पर अस्पतालों को प्राइवेट हाथों में देने की तैयारी कर रही है. उप-मुख्यमंत्री बृजेश पाठक पर निशाना साधते हुए अखिलेश ने उन्हें छापेमार मंत्री कह दिया. उन्होंने कहा कि मरीजों को इलाज नहीं मिल रहा और वॉर्ड में जानवर पाए जाते हैं.

चल संन्यासी मंदिर में 

मुख्यमंत्री पर परिवारवाद का आरोप लगाते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि सबसे ज़्यादा परिवारवाद का फायदा नेता सदन यानी मुख्यमंत्री ने उठाया है. वो सांसद भी बने और मठ के गोरखनाथ पीठ के उत्तराधिकारी भी बने. गोरखपुर विश्वविद्यालय के कुलपति की पिटाई का भी मामला अखिलेश यादव ने सदन में उठाया. अखिलेश यादव ने कहा कि गोरखपुर विश्वविद्यालय में पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक कहां हैं? ओम प्रकाश राजभर पर सीधा हमला करते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि जब राजभर सपा के साथ थे तब 'चल संन्यासी मंदिर में' वाला गाना गाते थे. इस बीच राजभर ने खड़े होकर 'मेरे अंगने में तुम्हारा क्या काम है' वाले गाने की लाइन बोल दी. सदन में जमकर ठहाके भी लगे.

सीएम अपना घर ठीक कर लें

पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने गोरखपुर के विकास को लेकर मुख्यमंत्री पर निशाना साधते हुए कहा कि जो अपना घर ठीक नहीं कर सकते, वो दूसरों का घर कैसे ठीक कर सकते हैं. उन्होंने किसानों का मुद्दा उठाते हुए कहा कि सरकार टमाटर पर बात नहीं करना चाहती. टमाटर की महंगाई की बात उठाने वाले को सरकार ने जेल भेज दिया. उन्होंने कहा कि ‘वन ट्रिलियन डॉलर’ इकॉनमी का सपना दिखाने वाली सरकार बड़े-बड़े शहरों में टमाटर की दुकानें लगा रही है. किसानों की आय दुगुनी करने के वादे पर सवाल किया. धान, गन्ना, आलू, मक्का समेत कई फ़सलों की खरीद पर सरकार की नीति पर भी सवाल पूछा. उन्होंने कहा कि गन्ना किसानों के रिकॉर्ड भुगतान की बात तो सरकार करती है, लेकिन मिलों के बकाए की बात कभी नहीं बताती.

विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि डेयरी उद्योग बदहाल है. डेयरी के लिए सरकार ने बजट नहीं दिया. मेरठ समेत कई शहरों में डेयरी बन्द चल रही हैं. खेतों में बाघ और तेंदुए घूम रहे हैं, जिससे कई लोगों की जान गई और किसान अपने खेतों में जाने से डर रहा है. आवारा सांड खेतों को ख़राब कर रहे हैं. सरकार ने किसानों को उनके हाल पर छोड़ दिया है. उन्होंने आवारा पशुओं से होने वाली दिक्कतों पर कहा कि सांड न सिर्फ खेतों को नुकसान पहुंचा रहे हैं, बल्कि सड़कों पर रोज़ लोगों की जान ले रहे हैं. कटाक्ष करते हुए कहा कि सरकार अगर लायन सफारी नहीं संभाल पा रही तो क्यों नहीं सांड सफारी बना लेती है.

कांवड़ियों का मुद्दा उठाया 

कांवड़ियों पर फूल बरसाने पर अखिलेश यादव ने कहा कि सरकारी हेलीकॉप्टर से सरकार फूल बरसाती है, अधिकारी पैर दबाते हैं. हमें इससे दिक्कत नहीं है, लेकिन आम लोगों की मदद क्यों नहीं हो रही है? फूल बरसाने वाली सरकार जान गंवाने वाले कांवड़ियों के परिवारों की मदद क्यों नहीं करती है? ताजिया लेकर चलने वालों की भी जान गई है. ऐसे में आयोजनों में जान गंवाने वाले चाहे हिंदू हों या मुसलमान, उनके परिवार को सरकारी नौकरी और एक करोड़ की मदद नहीं दी गई तो फूल बरसाने का कोई फ़ायदा नहीं है. अखिलेश यादव ने कानपुर देहात में मां-बेटी के बुलडोज़र की कार्रवाई के दौरान जलकर मरने का मामला सदन में उठाते हुए उनके परिवार की मदद की भी मांग की.

वीडियो: ओमप्रकाश राजभर यूपी विधानसभा में अखिलेश, सीएम योगी पर क्या बोले जो सब हंसे!

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