इंडिया-पाकिस्तान के मैच में 'आलथी-पालथी' लगाकर मैच तो आप देखते ही होंगे. दोनोंटीमों के चेहरों को भी जानते ही हैं आप. लेकिन एक बात सोचो गुरू, पाकिस्तानीक्रिकेट का 'बेस्टम बेस्ट' खिलाड़ी उर्फ 'पितामाह' कौन है? अगर आप इमरान खान सोचरहे हैं तो जस्ट चिल. प्रेजेंट टेंस को शूट करते हुए पास्ट टेंस में जाएंगे. तो एकपाकिस्तानी क्रिकेट के पिटारे से एक चमकता नाम अब्दुल हाफिज करदार निकलकर आता है.पाकिस्तानी क्रिकेट टीम के पहले कप्तान. अब्दुल हाफिज करदार की कप्तानी में हीपाकिस्तान ने भारत को हराकर इंटरनेशनल क्रिकेट में पहली जीत हासिल की थी. करदार उनतीन क्रिकेटर्स में शामिल हैं, जिन्होंने बंटवारे से पहले भारतीय टीम की तरफ से भीक्रिकेट खेला था. करदार के अलावा अमीर इलाही और गुल मोहम्मद ने भी बंटवारे से पहलेभारतीय टीम की तरफ से क्रिकेट खेला था. पाकिस्तान में अब्दुल करदार को क्रिकेट के'पितामाह' माना जाता है. 17 जनवरी 1925 को जन्मे एएच करदार की 21 अप्रैल 1996 में71 साल की उम्र में मौत हो गई थी. भारत पाकिस्तान की पहली टक्कर 1947 में बंटवारेके बाद भारत पाकिस्तान दोनों की अलग अपनी क्रिकेट टीमें बन चुकी थीं. उस दौर मेंटी-20, वनडे मैच नहीं होता था. 'खेला' होता था सिर्फ टेस्ट फॉरमेट में. बंटवारे कीटीस दोनों मुल्कों के बीच थी. क्रिकेट से कुछ कड़वाहट कम करने की कोशिश की गई.टेस्ट सीरीज रखी गई. कुल मैच होने थे पांच. भारतीय टीम की कमान मिली लाला अमरनाथको. वहीं पाकिस्तानी टीम की कमान मिली 27 साल के अब्दुल हाफिज करदार को. इंडिया मेंपाकिस्तान को 5 टेस्ट मैच खेलने थे. दिल्ली, लखनऊ, बॉम्बे, मद्रास और कलकत्ता. पहलेऔर तीसरे टेस्ट मैच में पाकिस्तानी हारे. करदार ने पहले टेस्ट में 2 विकेट लेकरपहली पारी में 4 और दूसरी पारी में नाबाद 43 रन बनाए. दूसरा टेस्ट लखनऊ में हुआ.करदार ने मैच में एक भी विकेट नहीं लिया. न ही बहुत ज्यादा रन बनाए. लेकिन बाजीपलटी पाकिस्तानी बल्लेबाज नजर मोहम्मद की नाबाद 124 रन की पारी ने. पाकिस्तान नेइंडिया को पहली बार हराया. जीत का फासला था 43 रनों का. कादर बाएं हाथ के बल्लेबाजऔर स्लो आर्म ऑर्थोडोक्स स्पिन बॉलर थे. फर्स्ट क्लास क्रिकेट में करदार ने 6832 रनऔर 344 विकेट लिए. तीसरे टेस्ट में इंडिया ने पाकिस्तान को मुंबई में हराया. 5मैचों की सीरीज में दो टेस्ट जीतकर भारत सीरीज जीत चुका था. बाकी के दो मैच ड्रारहे. करदार की कप्तानी में पाकिस्तान ने पहली सीरीज जीती साल 1954 में. ओवल में पाकने इंग्लैंड को हराया. लखनऊ में पाकिस्तान को मिली जीत अब नए किस्से लिख रही थी.करदार की कप्तानी में पाकिस्तान ने 23 टेस्ट मैच खेले थे, जिसमें पाकिस्तान को 6मैचों में जीत मिली और 6 में हार. करदार की कप्तानी में खेले 11 मैच ड्रा रहे. 1958में करदार ने क्रिकेट से संन्यास लिया. करदार की किताब... करदार ने अपनी जिंदगी केअनुभवों को किताब की शक्ल भी दी. करदार की पहली किताब 'Inaugural Test Matches' साल1954 में आई. करदार ने कुल 11 किताबें लिखी. अल्लाह को प्यारे होने से पहले अब्दुलहाफिज करदार की 1995 में आई आखिरी किताब थी Failed Expectations, यानी उम्मीदों काफेल होना. लेकिन पाकिस्तानी क्रिकेट में एएच करदार ने उम्मीदों की जो मशाल जलाई थी,उसे आज दुनिया देख रही है. भारत-पाकिस्तान क्रिकेट मैच के दौरान रास्ते सन्नाटे सेभर जाते हैं. उसी पाकिस्तानी क्रिकेट की नींव रखी थी अब्दुल हाफिज करदार ने.--------------------------------------------------------------------------------वीडियो- क्रिकेट में मारे गए छक्कों का इतिहास कहां से शुरू होता है?