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ट्रक के पीछे 'Use Dipper At Night' लिखा देख कंडोम याद नहीं आया तो ये जानकारी आप ही के लिए है

ट्रकों पर लिखी ऐसी ही एक लाइन को टाटा कंपनी ने पढ़ा. पढ़ा और इतना गौर से पढ़ा कि उसको ‘एड्स’ जैसी घातक बीमारी से बचाने में इस्तेमाल किया. लाइन है ‘Use Dipper at Night’ जिससे आइडिया निकला किफायती कंडोम का. बात हालांकि कुछ सालों पुरानी है मगर दिलचस्प है तो सोचा आपसे साझा करते हैं.

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Tata Motors, India’s premier truck manufacturing brand, has taken a ‘unique’ approach to promote safe sex among truck drivers in India as they are in the HIV high-risk group.
Use Dipper At Night (तस्वीर साभार: टाटा मोटर्स)
18 जून 2024
Updated: 18 जून 2024 20:13 IST
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Horn Ok Please. जगह मिलने पर रास्ता दिया जाएगा. चलती है गाड़ी उड़ती है धूल, जलते हैं दुश्मन खिलते हैं फूल. बुरी नजर वाले तेरा मुंह काला. मेरा भारत महान. समय से पहले भाग्य से ज्यादा कुछ नहीं मिलता. धीरे चलोगे तो बार-बार मिलेंगे, तेज चलोगे तो हरिद्वार में मिलेंगे. अंदाजा लगाना मुश्किल नहीं कि ये और ऐसी अतरंगी लाइनें आपको भारत में ट्रकों पर लिखी नजर आ जाएंगी. बसों में भी काफी कुछ लिखा होता है मगर ट्रकों पर तो ऐसी क्रिएटिविटी कुछ ज्यादा ही नजर आती है. हम और आप इनको पढ़कर थोड़ा हंसकर सफर में आगे बढ़ जाते हैं. 

मगर ट्रकों पर लिखी ऐसी ही एक लाइन को टाटा कंपनी ने पढ़ा. पढ़ा और इतना गौर से पढ़ा कि उसको ‘एड्स’ जैसी घातक बीमारी से बचाने में इस्तेमाल किया. लाइन है ‘Use Dipper at Night’ जिससे आइडिया निकला किफायती कंडोम का. बात हालांकि कुछ सालों पुरानी है मगर दिलचस्प है तो सोचा आपसे साझा करते हैं.

ड्राइवर्स की भाषा वाला कंडोम

बात है साल 2016 की जब देशभर में एड्स पर नियंत्रण के लिए काम करने वाली सरकारी एजेंसी नाको (NACO) ने टांसपोर्ट कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (टीसीआई) के साथ मिलकर एक स्टडी की. स्टडी में पता चला कि कि देश के करीब 20 लाख ट्रक ड्राइवर्स अपनी लंबी-लंबी यात्राओं के दौरान अक्सर सेक्स वर्कर्स के पास जाते हैं, इनमें से बहुत कम करीब 11 फीसदी ही कंडोम का इस्तेमाल करते हैं. उस दौरान ये भी पता चला कि जहां आम जनसंख्या का 0.26 फीसदी हिस्सा एचआईवी से ग्रसित है वहीं ट्रक चालकों में यह बढ़कर 2.59 फीसदी हो जाता है.

NACO

(NACO) चाहता था कि ट्रक ड्राइवर्स कंडोम का इस्तेमाल करें. सरकारी एजेंसी इसके लिए खूब प्रयास भी कर रही थी. मसलन सुरक्षित यौन संबंध पर जागरुकता फैलाना या मुफ़्त में निरोध बांटना. लेकिन कोई भी उपाय कारगर साबित नहीं हो रहा था. ट्रक चालकों में कंडोम इस्तेमाल को लेकर झिझक थी. ऐसे में सामने आया Tata Group.

Tata Motors का अनोखा प्रयोग

टाटा ग्रुप देश की सबसे बड़ी ट्रक मैन्युफैक्चरिंग कंपनी ठहरी इसलिए उसके पास ट्रक ड्राइवर्स से जुड़ पाना बहुत आसान था. उन्हें ये समझाना आसान था कि सेक्स वर्कर्स के पास जाते वक्त (रात में) में उन्हें ‘Dipper' (कंडोम) का इस्तेमाल करना है. ग्रुप ने HLL लाइफकेयर के साथ मिलकर Dipper कंडोम बनाया. आपकी जानकारी के लिए बताते चलें कि हिंदुस्तान लेटेक्स लिमिटेड खुद Moods ब्रांड के नाम से कंडोम का निर्माण करती है.

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टाटा मोटर्स ने ना सिर्फ नाम को ट्रक पर लिखी लाइन से जोड़ा बल्कि इसकी पैकेजिंग ठीक उसी तरह की गई जिस तरह से ट्रक्स को पीछे रंगा जाता है. मतलब एकदम रंगे-चंगे पैकेट. टाटा मोटर्स ने एक और समझदारी वाला काम किया. ये वाले कंडोम फ्री में नहीं बाटे बल्कि इनकी कीमत कम रखी. बाजार में मिलने वाले कंडोम से बहुत कम. 1 पीस का दाम 3-4 रुपये.

टाटा मोटर्स का ये प्रयोग सुपर हिट रहा. टाटा ने मात्र 30 दिन में ऐसे 45,000 से ज्यादा कंडोम की बिक्री की. Dipper कंडोम का सबसे ज्यादा प्रमोशन पंजाब और उत्तर प्रदेश के इलाकों में किया गया. ट्रक ड्राइवर्स ने इसे हाथों-हाथ लिया. कमाल की बात ये कि इस कंडोम के लिए मीडिया या किसी अन्य पारंपरिक तरह के विज्ञापन पर कुछ भी खर्च नहीं किया गया था. सब कुछ माउथ पब्लिसिटी वाला मामला.

आगे चलकर ये प्रयोग क्यों बंद हुआ वो आजतक साफ नहीं है. मगर कह सकते हैं कि टाटा मोटर्स ने अपनी मार्केटिंग स्ट्रेटजी का एक और जबर नमूना दिखाया जरूर था.  

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