यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मानें तो 2019 के इस प्रयागराज अर्ध-कुंभमेले में 15 करोड़ लोगों के आने की संभावना है. यानी औसतन हर आठवां भारतीय, या हरछठा हिंदू कुंभ मेले में आएगा. इसलिए भारत के 15 करोड़ लोगों के लिए ये स्टोरी सबसेज़्यादा ज़रूरी है, जिसमें हम कई जानकारियां, तिथियां, लिंक्स और ऐसे कई संपर्क देरहे हैं जो आपकी कुंभ यात्रा को और ज़्यादा सुखकर बनाएगी. तो आइए जानते हैं -1 - बिलकुल बेसिक जानकारी# कुंभ टोटल चार जगहों में होता है. प्रयाग, हरिद्वार, नासिक और उज्जैन. और ये तोहमें पता ही है कि प्रत्येक स्थान में ये हर बारह साल में एक बार आता है. यूं कईलोगों के बीच ये भ्रांति है कि इस हिसाब से भारत में हर तीन साल में एक बार कहीं नकहीं कुंभ आएगा ही आएगा. लेकिन ये मानना बिलकुल गलत है. एक शहर के कुंभ से दूसरेशहर के कुंभ का कोई लेना-देना नहीं है और हर कुंभ ग्रहों की गति के हिसाब से आताहै. अब यही लगा लीजिए कि 1980 और 1992 में दो जगहों पर एक साथ कुंभ था – नासिक औरउज्जैन. हिंदू कैलंडर के हिसाब से तो नासिक और उज्जैन का महाकुंभ एक ही साल होताहै. भारत में पिछला महाकुंभ 2016 में उज्जैन में और अगला महाकुंभ 2022 में हरिद्वारमें आएगा. यूं इन दोनों में 6 सालों का अंतर है.# कुंभ मेले का नाम कुंभ क्यूं पड़ा, इसके दो कारण बताए जाते हैं. पहला कारण ये किये, कुंभ राशि (बारह राशियों में से एक) की ग्रह दशाओं पर निर्भर करता है. दूसराकारण एक कहानी के रूप बताया जाता है. जब देवता अमृत का कुंभ दानवों से छुपाकर ले जारहे थे तो उसकी चार बूंदे, चार जगहों पर पड़ी. इन्हों चार जगहों पर कुंभ मेले काआयोजन होता है.# इन चार शहरों के कुंभ मेले में से सबसे ज़्यादा महातम्य प्रयागराज के महाकुंभ काही है. कारण ये है कि ये महाकुंभ तीन नदियों के संगम पर होता है – गंगा, यमुना औरलुप्त हो गई नदी सरस्वती.# केवल प्रयागराज और हरिद्वार ही ऐसी दो जगहें हैं जहां पर अर्धकुंभ का भी आयोजनहोता है. जैसा कि नाम से ही ज़ाहिर है कि अर्धकुंभ दो कुंभ मेलों के ठीक बीच मेंहोता है. यानी किसी शहर के कुंभ और अर्धकुंभ के बीच में 6 वर्ष का अंतर होता है.मा0 मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने आगामी कुम्भ 2019 की तैयारियों का जाएजा लेनेके साथ ही मेला क्षेत्र में स्थित प्रमुख अखाड़ों के शिविरों का दौरा कर साधु संतोंसे भेंट की। #Kumbh2019#BhavyaKumbh#DivyaKumbh#ChaloKumbhChalein#KumbhCallspic.twitter.com/WHEGeCsizZ— Information and Public Relations Department, UP (@InfoDeptUP) January 5, 20192 - अर्ध कुंभ 2019 - प्रयागराज # प्रयागराज में 2019 में आयोजित हो रहा कुंभ, दरअसल अर्धकुंभ है. यानी पिछला कुंभ6 वर्ष पहले – 2013 में आया था.भारत का पुर्वोत्तर राज्य #मिजोरमअपनी सांस्कृतिक विविधता के लिए विख्यात हैं, वहाँ का #चिराऊनृत्य युवतियों द्वारा प्रस्तुत किया जाता है | #संस्कृतिकुम्भ- 10 जनवरी से 4 मार्च ,2019, सेक्टर 19, संगम , #प्रयागराज| #SanskritiKumbh#Kumbh2018#IncredibleIndia#Prayagrajpic.twitter.com/DTY8wY91nF— Ministry of Culture (@MinOfCultureGoI) January 5, 2019# प्रयागराज - 63.07 वर्ग किलोमीटर में फैला प्रयागराज समुद्र तल से 98 मीटर कीऊंचाई पर स्थित है. ये तीन नदियों के संगम पर स्थित है – गंगा, जमुना और सरस्वती.इन नदियों में से पौराणिक नदी सरस्वती अब लुप्त हो चुकी है. प्रयागराज में कुंभ केअलावा कई अन्य टूरिस्ट स्पॉट्स हैं. जैसे – मनकामेश्वर मंदिर, श्री अखिलेश्वरमहादेव, ऑल सेंट्स केथेड्रल, इस्कॉन टेंपल, नाग वासुकी मंदिर, आनंद भवन, अकबर किला,इलाहाबाद संग्रहालय, उल्टा किला, खुसरो बाग़, बड़े हनुमान जी का मंदिर आदि.अगर स्नान आदि से ज़ल्दी निवृत हो जाएं तो इन्हें भी घूमने जाया जा सकता है. इन सभीस्पॉट्स की पूरी जानकारी आपको यूपी टूरिज्म की वेबसाइटया वन स्टॉप ट्रेवल सलूशन पोर्टलपर उपलब्ध हो जाएगी.3 - समय, दिन और कुछ महत्वपूर्ण तारीखें # 2019 के इस अर्ध-कुंभ की बात करें तो, ये 15 जनवरी से प्रारंभ होकर 04 मार्च तकचलेगा.# वैसे तो हर दिन के स्नान का उतना ही महत्त्व माना जाता है लेकिन फिर भी इन 50दिनों में से 6 दिन ऐसे हैं जिन दिनों में स्नान करने के लिए सबसे ज़्यादा भीड़ होतीहै – 1) 15 जनवरी – मकर संक्रांति (कुंभ आरंभ)2) 21 जनवरी - पौष पूर्णिमा15 जनवरी मकर संक्रान्ति से 4 मार्च महा शिवरात्रि तक प्रयागराज में आयोजित हो रहे#कुम्भ2019में स्नान की 6 प्रमुख तिथियां होंगी, जिनमें जनवरी माह में दो मुख्य तिथियां हैं।इन पवित्र तिथियों को ध्यान में रखते हुए इस विशाल उत्सव के दर्शन करनें 'चलो कुम्भचलें'। #Kumbh2019Calenderpic.twitter.com/QRXqqXCNIq— UP Tourism (@uptourismgov) January 5, 20193) 04 फरवरी – मौनी अमावस्या (इस दिन सबसे ज़्यादा लोग संगम पर स्नान करते हैं, 2013के कुंभ में ये संख्या 3 करोड़ से भी अधिक थी.)4) 10 फरवरी - बसंत पंचमी5) 19 फरवरी – माघी पूर्णिमा6) 04 मार्च - महाशिवरात्रि (कुंभ उद्यापन) ये 6 दिन इस बात के लिए नोट किए जा सकतेहैं कि किस दिन ज़्यादा बड़ा आयोजन होगा साथ ही इस बात के लिए भी कि किन दिनों में कमभीड़ होगी और आपके लिए कुंभ यात्रा/कुंभ स्नान तुलनात्मक रूप से आसान होगा.With official estimates of over 120 million people, #kumbhNagri #Prayagrajwill witness its largest gathering ever.Discover Kumbh, Discover India, Discover Yourself. 🗓️- 15th Jan to 4th March2019 📍- #Prayagrajpic.twitter.com/stoiPRf7jk— PIB India (@PIB_India) January 8, 2019# शाही स्नान – कुंभ में आमजन स्नान करें, इससे पहले विभिन्न अखाड़ों के संत स्नानकरते हैं. इस स्नान के दौरान आकर्षक शोभायात्राएं निकाली जाती हैं. इसे ही शाही याराजयोगी स्नान भी कहा जाता है. ऊपर वाली डेट्स में से 15 जनवरी, 04 फरवरी और 10फरवरी का स्नान शाही स्नान है.# पेशवाई (प्रवेशाई) – पेशवाई का एक अर्थ शोभायात्रा भी है. ये कुंभ मेले काकर्टेन-रेज़र (पर्दा उठाना) भी कही जा सकती है. इसमें साधु-संत अपनी-अपनी टोलियों केसाथ बड़े धूम-धाम से प्रदर्शन करते हुए कुंभ में पहुंचते हैं. हाथी, घोड़ों, बग्घी,झांकी और तरह-तरह स्वांग वाले लोगों से सजी ये पेशवाई देखते ही बनती है. और इसपेशवाई, जिसे प्रवेशाई भी कहते हैं, के बाद ही पहला शाही स्नान और 50 दिन चलने वालेमेले का औपचारिक उद्घाटन होता है.4 - ट्रेवलप्रयागराज पहुंचने के लिए आपके पास अपने निजी वाहन के अलावा रोडवेज़ की बसें, फ्लाइटऔर ट्रेन जैसे कई बेहतरीन विकल्प उपलब्ध हैं. कुंभ मेले में पहुंचने के लिए सबसेज़्यादा रेल का ही उपयोग किया जाता है. इसलिए ही तो रेलवे भी कई स्पेशल ट्रेन्स वहांके लिए, और वहां से चलाता है. अबकी बार कुल 800 से ज़्यादा स्पेशल ट्रेन चल रही हैं,और ये ट्रेन्स उन रेगुलर ट्रेन्स के अलावा हैं जो चलती आ रही हैं.साथ ही, 6 टूरिस्ट स्पेशल ट्रेन और 4 से 5 ऐसी स्पेशल ट्रेन भी हैं जो 5000 से अधिकप्रवासी भारतियों को लाने-ले जाने के कार्य में आएंगी. प्रवासी भारतियों के लिएचलने वाली यह ट्रेन्स पहले यात्रियों को दिल्ली से वाराणसी लेकर जाएंगी, जहां पर21-23 जनवरी 2019 तक प्रवासी भारतीय दिवस आयोजित किया जाएगा और उसके बाद इन प्रवासीभारतियों को कुंभ मेला ले जाया जाएगा.प्रयागराज के आसपास कुल दस रेलवे स्टेशन हैं.- इलाहाबाद छिवकी, नैनी जंक्शन,इलाहाबाद जंक्शन (सबसे प्रमुख जंक्शन), फाफामऊ जंक्शन, सूबेदारगंज, इलाहाबाद सिटी,दारागंज, झूसी, प्रयाग घाट, प्रयाग जंक्शन.--------------------------------------------------------------------------------रेल कुंभ सेवा एप– यात्रियों के लिए, खासतौर पर जो ट्रेन से कुंभ पहुंच रहे हैं, एनसीआर (नॉर्थसेंट्रल रेलवे) का ये एप बहुत ही हैंडी साबित हो सकता है. इसमें कुंभ के लिए आपकेशहर से चलाई गई स्पेशल ट्रेन्स का डाटाबेस तो है ही साथ ही नेविगेशन, रेलवे कैंप,इमरजेंसी कांटेक्ट, ऑन कॉल सर्विस जैसे ढेरों विकल्प भी उपलब्ध हैं.रेल कुंभ सेवा एप का स्क्रीन शॉट--------------------------------------------------------------------------------ट्रेन के अलावा बमरौली एयरपोर्ट, प्रयागराज से केवल 12 किलोमीटर की दूरी पर है.यहां से दिल्ली के लिए रोज़ और 4 अन्य शहरों (लखनऊ, पटना, इंदौर और नागपुर) के लिएहफ्ते में तीन दिन विमान सेवाएं उपलब्ध हैं. आप दिल्ली वाली फ्लाइट का शेड्यूल एयरइंडिया से और बाकी शहरों की फ्लाईट का शेड्यूल जेट एयरवेज़ से कन्फर्म कर सकते हैं.यदि आप श्योर हैं कि आपको कुंभ मेला फ्लाइट से ही जाना है तो जितने ज़ल्दी फ्लाइटबुक करेंगे उतना आपकी जेब पर भार कम पड़ेगा क्यूंकि ‘शुभस्य शीघ्रम्’ का कलयुगीअनुवाद ‘डायनेमिक प्राइसिंग’ है.उत्तर प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कुम्भ मेला क्षेत्र में चलनेवाली शटल बसों, ई-रिक्शा एवं स्वच्छता संबंधी वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवानाकिया। pic.twitter.com/hmhsjs6NxG— Kumbh (@PrayagrajKumbh) January 6, 2019इसके अलावा यूपी रोडवेज़और आस पास के राज्यों की रोडवेज़ बस सेवाएं तो हैं हीं. एडवांस में ऑनलाइन बुकिंगकरके आप खुद को कतार, भीड़-भड़क्के और महंगी टिकटों से बचा सकते हैं. इसके लिए आप कईप्राइवेट वेबसाइट्स के अलावा यूपी टूरिज्म की वेबसाइट – ‘वन स्टॉप ट्रेवल सलूशन’ परभी जा सकते हैं. यहां पर आपको यात्रा के सारे विकल्प एक जगह पर मिल जाएंगे.--------------------------------------------------------------------------------वन स्टॉप ट्रेवल सलूशन– ये उत्तर-प्रदेश टूरिज्म का एक नवीनतम, अपने आप में यूनिक और बड़ा ही उपयोगी वेबपोर्टल है. इसमें आपको प्रयागराज ही नहीं उत्तर प्रदेश के कई अन्य शहरों और टूरिस्टस्पॉट्स की न केवल जानकारी मिलेगी बल्कि, जैसा कि नाम से ही ज़ाहिर है, आपकी यात्राके पूर्व, दौरान और बाद के सारे कार्य (जैसे – टिकट बुकिंग, होटल बुकिंग, टूर एंडट्रेवल, आईटीनरी निर्माण, गाइड या कोई साईट सीइंग, किसी इवेंट का प्रोग्राम की सीटरिजर्वेशन ) इस एक वेबसाइट से ही मैनेज हो जाएंगे. कुंभ मेले में जाने से पहले इसपोर्टल को एक बाद ज़रूर एक्सप्लोर करें. अच्छी बात ये है कि ये पोर्टल हिंदी में भीउपलब्ध है.--------------------------------------------------------------------------------प्रयागराज घाटये तो थी प्रयागराज तक पहुंचने की बात. लेकिन अगर प्रयागराज के भीतर यानी लोकल मेंकम्यूट करने की बात की जाए तो बीती 5 जनवरी को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ई-रिक्शा और शटल बसों को हरी झंडी दिखाई है. फाफामऊ, झूंसी और अरैल से मेले तकआने-जाने के लिए 500 ई-रिक्शा चलाए जाएंगे. और हां अगर अपने चौपहिया वाहन मेंप्रयागराज जा रहे हैं तो इन्हें मेले से दूर ही पार्क करना होगा और अंदर इनई-रिक्शा से होकर ही जाना होगा. इसके लिए 84 से अधिक पार्किंग स्थल भी बनाए गयेहैं. भारी वाहन तो खैर शहर में ही नहीं जा सकते. शहर में जाएंगी केवल शटल बस. औरइसके लिए ऐसी 500 बसें भी मंगाई गई हैं.5 - स्टेजैसे हर बड़े शहर में होते हैं यहां पर भी कई होटल, पीजी, धर्मशाला और गेस्ट हाउसवगैरह उपलब्ध हैं. इन सब की जानकारी आप कई ऑनलाइन ट्रेवल पोर्टल्स से ले सकते हैं.साथ ही यूपी टूरिज़्म और वन स्टॉप ट्रेवल सलूशन जैसे विकल्प तो हैं हीं जिनके लिंकहमने इस स्टोरी के अंत में शेयर किए ही हैं.Avnish Awasthi, Add. Chief Secy (Tourism) UP: Our Tourism Minister hadpersonally requested Mr Amitabh Bacchhan to make a few films for us, there are 4films reminiscing his memories of Kumbh. It's specially for the youngergeneration. We are thankful to him for his contribution.pic.twitter.com/KZ9wUNVNzk— ANI UP (@ANINewsUP) January 6, 2019लेकिन, जहां पर 50 दिनों में दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा माइग्रेशन देखने को मिलेगावहां पर सभी सामान्य व्यवस्थाएं कम, बहुत कम, होंगी. इसलिए आपके लिए टेंट कीव्यवस्था भी है. और ये टेंट, टेंटटिव यानी केवल उतने समय के लिए होते हैं जितने समयतक कुंभ चलता है. इन टेंट्स को भी आप कई ऑनलाइन वेबसाइट्स और पोर्टल्स पर जाकरएडवांस में बुक कर सकते हैं. इसमें से दो ऑफिशियल वेबसाइट्स का लिंक हम आपकी सुविधाके लिए नीचे दे रहे हैं, लेकिन ये अकेली ऐसी वेबसाइट्स नहीं हैं जहां पर जाकर आपटेंट बुक कर सकते हैं - 1) यूपी टूरिज़्म2) कुंभ की ऑफिशियल वेबसाइटकुंभ मेला प्राधिकरण द्वारा मनाया गया विश्व शौचालय दिवसकुछ और वेबसाइट जहां पर जाकर आप एडवांस में टेंट बुक कर सकते हैं वों निम्न हैं –1) दी कुंभ इलाहाबाद 2) कुंभ टेंट 3) इन्द्रपस्थम सिटीइसके अलावा शहर में रहने वाले आम नागरिकों, जिनके पास होटल या गेस्ट हाउस चलाने केलिए लाइसेंस नहीं है, को भी बेड एंड ब्रेड योजना के तहत 50 दिनों का ऐसा लाइसेंसदिया गया है कि वो अपने घर में श्रद्धालुओं को ठहरा सकते हैं. इससे जगह की कमी काफीहद तक दूर हो जाएगी.रहने की व्यवस्था में 4 बड़े-बड़े रैन बसेरे भी अपना योगदान देंगे, जिनकी कुल कैपिसिटहज़ारों में है. ये इलाहाबाद जंक्शन में बनाए गए हैं और ये रैन-बसेरे मूलभूतसुविधाओं से लैस होंगे.सेल्फी पॉइंट6 - पैकेजकुंभ जाने से पहले आप इस विकल्प को भी एक बार ज़रूर एक्सप्लोर कर लीजिएगा. कई तरह केपैकेज उपलब्ध हैं, कुछ में रहना, खाना, स्टेशन पिकअप ड्रॉप, स्नान, साईट सीन, ट्रेनया फ्लाईट रिजर्वेशन जैसी सभी चीज़ें शामिल हैं और बाकी में इसमें से कुछ चीज़ों काकॉम्बिनेशन है, आप अपनी सुविधा और बजट के अनुसार अपने लिए उचित पैकज चुन सकते हैं.इसके लिए दो वेबसाइट्स तो हम दिए दे रहे हैं बाकी गूगल बाबा हैं हीं. सर्च करेंगेतो कई विकल्प और कई तुलनाएं आपके सामने होंगी. 1) कुंभ की ऑफिशियल वेबसाइट2) कुंभ मेला सर्विसेज़पेशवाई7 - स्वास्थ्य सेवाएं10 सुपर स्पेशलिटी डिपार्टमेंट्स गंभीर रोगियों के उपचार के लिए 24*7 उपलब्धरहेंगे. 40 बेड का एक ट्रॉमा सेन्टर बनाया गया है. मेले में 300 डॉक्टर्स की तैनातीकी गई है. 100 बिस्तरों का एक हॉस्पिटल भी बनाया गया है जो आईसीयू जैसी सुविधाओं सेसुसज्जित है. आकस्मिक दुर्घटना या किसी आकस्मिक बीमारी की तैयारी के रूप में 80 सेअधिक अतिरिक्त एंबुलेंसेज़ की व्यवस्था भी अर्ध-कुंभ में की गई है. आपको एक लिंक देरहे हैं. यहां पर प्रयागराज और कुंभ से संबंधित लगभग सभी और ढेर सारी स्वास्थ्यसुविधाओं के संपर्क का डेटाबेस आपको एक ही जगह पर मिल जाएगा – # कुंभ की ऑफिशियलवेबसाइट गंगा पूजन करते हुए प्रधानमंत्री8 - सुरक्षा और आपदा प्रबंधनयदि आप कुंभ मेले में जाने का प्लान बना चुके हैं तो एक वहां पर हमेशा अपना एक फोटोआई डी कार्ड अपने पास रखिएगा, जिससे सुरक्षा जांच के दौरान या अन्य सेवाओं का लाभउठाने के दौरान सुविधा रहेगी. वैसे सुरक्षा की बात की जाए तो ऐसा पहली बार होगा जबपूरा मेला सीसीटीवी की निगरानी में होगा और ये सीसीटीवी कैमरे इंटिग्रेटेड कमांडसेंटर की निगरानी में.वैसे आपको एक ट्रिवियल फैक्ट बताते हैं कि यूपी पुलिस ने 20,000 ऐसे पुलिस कर्मीतैनात किए गए हैं जो मांस-मदिरा का सेवन नहीं करते हैं.मा0 मुख्यमंत्री श्री @myogiadityanathजी ने आज कुम्भ मेला क्षेत्र, प्रयागराज स्थित पुलिस कार्यालय में नाविकों कोसुरक्षा हेतु लाइफ जैकेट वितरित किये।#Kumbh2019pic.twitter.com/pGUNsoTGIC— सुरेश कुमार खन्ना (@SureshKKhanna) January 5, 2019और यूपी पुलिस ही नहीं मेले में सेना के जवानों के अलावा सिविल पुलिस, यातायातपुलिस, सशस्त्र पुलिस, केन्द्रीय सशस्त्र बल, चौकीदार एवं होमगार्डस् की भी सहायताली जा रही है. साथ ही नदी के चारों ओर जल पुलिस तीन ईकाइयां भी स्थापित की गई है. 4पुलिस लाइन, 40 पुलिस थाने, 3 महिला पुलिस थाने, 62 पुलिस चैकियां, 40 अग्निशमनकेन्द्र, 40 निगरानी टावर, 1000 से अधिक सीसीटीवी कैमरे स्थापित किए गए हैं.9 - खान-पान और विविध# उत्तर प्रदेश पर्यटन के आग्रह पर अमिताभ बच्चन ने चार फिल्मों के जरिए कुंभ सेजुड़ी यादें साझा की हैं. इन्हें कुंभ के प्रमोशन में यूज़ किया जाएगा.# प्रयाग कुंभ में पहली बार किन्नर अखाड़ा पेशवाई करेगा. किन्नर अखाड़े केमहामंडलेश्वर लक्ष्मीनारायण त्रिपाठी हैं. अब तक 13 अखाड़ों को ही पेशवाई का अधिकारथा जो अब बढ़कर 14 हो गया है.किन्नर अखाड़ा - साभार यूपी टूरिज़्म फेसबुक पेज# 450 सालों में ऐसा पहली बार होगा जब भक्तों को अक्षय वट और सरस्वती कूप मेंप्रार्थना करने का अवसर मिलेगा.कुंभ का नाईट व्यू# कुंभ मेले में भारतीय संस्कृति का प्रदर्शन करने के लिए कला ग्राम और संस्कृतग्राम भी बनाए जा रहे हैं. कुंभ पांच विशाल सांस्कृतिक पंडाल भी स्थापित किएजाएंगे, जिसमें रोज़ देश-विदेश के ढेरों सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे. इन पांचपंडालों में गंगा पंडाल में सबसे महत्वपूर्ण कार्यक्रम होंगे.# मेला प्राधिकरण द्वारा रिलायंस जियो, एयरटेल और वोडाफोन-आइडिया के साथ मिलकर एकएसएमएस अभियान भी चलाया जा रहा है. इन एसएमएस में ऐसे लिंक होंगे जिन्हें क्लिककरने पर एसएमएस-रिसीवर खोया-पाया केन्द्रों, स्वास्थ्य, सुरक्षा, टिकट्स की बुकिंग,सफाई, फूड कोर्ट, राशन एवं सब्जी दुकानों इत्यादि की जानकारी और नक्शा आदि प्राप्तकर सकता है. आईआरसीटीसी एवं यूपीआरसीटीसी वेबसाइट के माध्यम से टिकट बुकिंग केलिंक्स भी एसएमएस द्वारा उपलब्ध कराए जाएंगे.संगम# अर्ध कुंभ – 2019 में सभी तीर्थयात्रियों के लिए वाई-फाई की सुविधा दी जाएगी.इसके लिए 4000 के लगभग हॉटस्पाट्स स्थापित किए जा रहे हैं.# अर्ध कुंभ – 2019 में 40 से अधिक फूड स्टॉल्स के अलावा एक फूडकोर्ट भी स्थापितकिया जाएगा.# लेज़र शो हर छोटे-बड़े आयोजन का हिस्सा बन चुका है, फिर कुंभ तो अपने-आप में एकग्रैंड आयोजन ठहरा. तो इस कुंभ में भी इन लेज़र शो के माध्यम से किले की दीवारपर कई परफोर्मेंसेज़ दी जाएंगी.#कुम्भ2019प्रयागराज में श्री पंच निर्मोही, श्री पंच दिगंबर एवं श्री पंच निर्वाणी अखाड़ोंकी पेशवाई की तस्वीरें। #ChaloKumbhChalein#KumbhCalls#Kumbh2019pic.twitter.com/MA4B2sgmCh— UP Tourism (@uptourismgov) January 7, 2019# पेंट माय सिटी अभियान इस कुंभ के दौरान का एक बहुत की क्रिएटिव और दूरदर्शी कदमहै. ‘पेंट माय सिटी’ को आप ‘वॉल ग्रेफिटी’ की तरह भी ले सकते हैं. इसके अंतर्गतजीर्ण-शीर्ण या भद्दी दिख रही दीवारों, इमारतों और बाउंड्रीज़ पर पेंटिंग करके उनकोसुंदर रूप दिया जाएगा. जिसके परिमाणस्वरूप अंततः पूरा शहर सुंदर और कुंभ और अधिकरुचिकर लगेगा.# मेले में कई जगहों पर सेल्फी पॉइंट बनाकर इसे ‘सेल्फी जेनरेशन’ के भी मुफ़ीद बनानेकी कोशिश की गई है.कुंभ के दौरान सिक्यूरिटी कुछ यूं होगी.10 - वेबसाइट्स, लिंक्स और कुछ अन्य संपर्क सूत्रआइए अंत में उन वेबसाइट्स की जानकारी ले ली जाए, जो यात्रा के दौरान, उससे पहले याउसके बाद या फिर अगर कुंभ नहीं भी जा रहे हैं तो भी आपके सामान्य ज्ञान को बढ़ाने केलिए ज़रूरी होंगी – 1) कुंभ मेले की वेबसाइट (ये कोई ऑफिशियल वेबसाइट नहीं है लेकिन इसमें प्रयागराज ही नहीं हर अगले-पिछलेकुंभ की ढेरों जानकारियां उपलब्ध हैं.)2) 2019 के अर्ध-कुंभ की वेबसाइट3) वन स्टॉप ट्रेवल पोर्टल पर प्रयागराज4) उत्तर प्रदेश टूरिज़्म की वेबसाइट में अर्ध-कुंभ 2019 को समर्पित पेजपेंट माई सिटी5) अर्ध-कुंभ 2019 का फेसबुक पेज6) अर्ध-कुंभ 2019 का ट्विटर हैंडल7) अर्ध-कुंभ 2019 या यू-ट्यूब चैनल8) अर्ध-कुंभ 2019 का इन्स्टा एकाउंट9) कुंभ मेले का संपर्क पता – कुंभ मेला अधिकारी, त्रिवेणी भवन, वेणी बांध,दारागंज, प्रयाग, प्रयागराज, उत्तर प्रदेश10) कुंभ मेले का फोन नंबर - +91 532 2500775 / +91 532 2504011 / +91 532 250436111) कुंभ का ई-मेल एड्रेस - web.kumbh-up@gov.in12) यूपी टूरिज्म का संपर्क – 35 एमजी मार्ग, सिविल लाइंस, इलाहबाद. फोन नं. –0532-2408873क्रूज़ राइड13) कुंभ मेले से जुड़े सभी प्रशासनिक अधिकारियों के संपर्क14) अगर आपके पास कुम्भ 2019 से सम्बंधित कोई प्रतिक्रिया/सवाल हो या किसी भीप्रकार की सहायता की आवश्यकता हो, तो आप इस लिंक पर क्लिक करके फॉर्म को भरें, कुंभ मेले के आयोजक आपकी सहायता करेंगे.15) प्रयागराज का नक्शा--------------------------------------------------------------------------------वीडियो देखें:ये है सबसे बड़ा हनुमान भक्त मुसलमान -