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कहानी चेतन सकारिया की जिनके पास खेलने के लिए जूते भी नहीं थे!

एक 23 साल का क्रिकेटर इस साल की शुरुआत में सैय्यद मुश्ताक अली ट्रॉफी में अपने सपने को सच करने के लिए सौराष्ट्र के लिए जी-जान लगा रहा था. तभी उस लड़के के छोटे भाई ने घर पर सुसाइड कर लिया. लेकिन उस लड़के को इस बारे में नहीं बताया गया. वो जब भी मैच के बाद घर पर फोन करता. तो कभी घर वाले कहते कि राहुल बाहर गया है, कभी कहते कि कुछ सामान लेने गया है. टूर्नामेंट खत्म करने के बाद जब वो खिलाड़ी घर लौटा तो उसे पता चला कि उसका भाई अब इस दुनिया में नहीं है.

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अपने भाई के साथ चेतन सकारिया. फोटो: Chetan Twitter

ये कहानी है गुजरात के 23 साल के तेज़ गेंदबाज़ चेतन सकारिया की. IPL 2021 में खेलने पहुंचे सकारिया ने पहले मैच में ही इतनी लाजवाब गेंदबाज़ी की बड़े-बड़े गेंदबाज़ भी नहीं कर पाए.

पंजाब किंग्स टीम के खिलाफ पहले मैच में जहां मोरिस, मुस्तफिज़ुर, श्रेयस गोपाल जैसे बोलर्स 10 की इकॉनोमी रेट से रन लुटा रहे थे. वहीं सकारिया ने महज़ 7.75 की इकॉनोमी से रन दिए और तीन विकेट भी निकाले. इन तीन विकेटों के अलावा उन्होंने बाउंड्री पर निकोलस पूरन का एक कमाल का कैच भी पकड़ा.

भले ही इस मैच में राजस्थान की टीम मैच हार गई लेकिन चेतन सकारिया की तारीफ हो रही है.

कौन हैं चेतन सकारिया?

सकारिया राजकोट से 180 किलोमीटर दूर वरतेज गांव से आते हैं. सकारिया बचपन से एक बल्लेबाज़ बनना चाहते थे. लेकिन जब वो क्लास ग्यारह में आए तो वो तेज़ गेंदबाज़ी की तरफ मुढ़ गए. इसकी वजह भी कोई खास नहीं बल्कि ये थी कि तेज़ गेंदबाज़ी करने वालों को स्कूल में जमकर भाव मिलता था. यानि खूब सिर-आंखों पर बैठाया जाता था.

इसके अलावा घर के हालाता ठीक नहीं थे तो 16 साल की उम्र तक सकारिया को कुछ खास कोचिंग भी नहीं मिली. उन्होंने खुद ही टेनिस बॉल क्रिकेट खेलकर अपनी तकनीक सेट की. जब सकारिया 17 साल के थे तो उन्हें क्रिकेट में वर्कलोड के बारे में ज़्यादा जानकारी भी नहीं थी. उन्होंने तेज़ गेंदबाज़ी करने की प्रेक्टिस शुरू की और खुद को चोटिल करवा बैठे. जिसके बाद वो लगभग एक साल के लिए क्रिकेट से दूर हो गए.

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MRF पेस फाउंडेशन में चेतन सकारिया. फोटो: Chetan Twitter

कभी खेलने के लिए जूते भी नहीं थे

सकारिया के सौराष्ट्र के लिए खेलने वाले शुरूआती दिनों तक भी उनकी घर की हालत बहुत ज़्यादा खराब थी. एक वक्त ऐसा भी था, जब उनके पास खेलने के लिए जूते भी नहीं थे. उस वक्त सकारिया के साथी शैल्डन जैक्सन ने उन्हें जूतों की एक जोड़ी दी. जिसके बाद सकारिया ने नेट्स में शैल्डन जैक्सन को ही आउट कर दिया.

इन दोनों के बीच तब से ही अच्छी दोस्ती है और दोनों ने साथ में ही भावनगर में ट्रेनिंग भी की है.

पहले से घर चलाने के लिए करते रहे काम

बीते कुछ सालों में सकारिया घर के अकेले कमाऊं पूत हैं. क्योंकि पिता की खराब सेहत की वजह से उन्होंने अपना टेम्पो चलाने का काम छोड़ दिया. जिसके बाद सकारिया के मामा ने उनकी क्रिकेट में ट्रेनिंग जारी रखने में मदद की. जिसके लिए उन्होंने मामा के भावनगर में स्टेशनरी के होलसेल बिज़नेस में काम किया.

उनके मामा ने इसके बदले में उनकी फीस और क्रिकेट का सारा खर्च उठाया.

इसके बाद जब तक उन्हें सौराष्ट्र की अंडर-19 टीम में जगह नहीं मिल गई. वो लगभग दो-ढाई साल तक मामा के साथ इसी काम में लगे रहे.

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चेतन सकारिया. फोटो: Chetan Twitter

IPL की टीमों में पहले भी रहे शामिल

सकारिया इससे पहले मुंबई और रॉयल्स के साथ ट्रायल्स में शामिल रहे हैं. पिछले सीज़न यूएई में वो रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर के लिए बतौर नेट गेंदबाज़ भी थे. उस वक्त माइक हेसन और आरसीबी मैनेजमेंट ने उनकी जमकर तारीफ की थी.

सकारिया की गेंदबाज़ी की ताकत उनकी स्विंग गेंदबाज़ी और सटीक लाइ लेंथ है. वो लगातार 130s में गेंदबाज़ी करते हैं. अपनी स्पीड को लेकर वो कहते हैं कि

‘इसे बढ़ाने के लिए मैं लगातार काम कर रहे हैं.’

23 साल के चेतन सकारिया ने साल 2018-19 के सीज़न में सौराष्ट्र के लिए अपना डेब्यू किया था. साल 2021 की शुरूआत में ही सैय्यद मुश्ताक अली ट्रॉफी में उन्होंने पांच मैचों में 12 विकेट चटकाए. जिसमें सबसे खास बात उनका इकॉनोमी रेट रहा. उन्होंने उस टी20 टूर्नामेंट में 4.90 के रनरेट से रन दिए.

उनकी कमाल की गेंदबाज़ी की वजह से इस सीज़न राजस्थान रॉयल्स ने ऑक्शन में उन्हें 1.2 करोड़ में खरीद लिया.


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