Submit your post

Follow Us

धक्के, गाली और डंडे खाकर किसे खेलते देखने जाते थे कपिल देव?

साल 1983 का वर्ल्ड कप. टीम इंडिया के कपिल देव की कप्तानी में इसे अपने नाम किया. इस वर्ल्ड कप के लिए गई भारतीय टीम में कई सीनियर प्लेयर्स के होने के बावजूद कपिल को कप्तान बनाया गया था. इस फैसले से कई लोग चौंके थे. लोगों को लगा था कि जूनियर की कप्तानी में खेलने सीनियर्स अपना अपमान ना मानें.

इस मसले पर कई कहानियां भी चलती हैं. अब 1983 वर्ल्ड कप विजय के 38 साल पूरे होने पर कपिल ने खुद इस चीज पर बात की. आजतक के विक्रांत गुप्ता से बात करते हुए कपिल ने इस बारे में कहा,

‘मैं सोचता हूं कि जब आप फील्ड पर हों. सीनियर्स आपको समझते हैं. आप उनको रिस्पेक्ट दे सकते हैं. आप कप्तान बन जाएं इसका मतलब ये नहीं है कि आप उनसे ऐसा-वैसा व्यवहार करें. आप उनकी इज्जत करिए. ये जरूरी है कि आप उनको रिस्पेक्ट दें.

इस बात को समझें कि वो आपके लिए खेल रहे हैं, वो देश के लिए खेलते हैं. जब इंडिया का बैनर लग जाता है तो सीनियर-जूनियर नहीं होते. जब मुझे जरूरत पड़ती थी मैं इनके पास जाता था. मुझसे 8-10 साल सीनियर थे. और क्रिकेट में 8-10 साल सीनियर होना ग्रैंड फादर होने जैसा है. और जिनको हम हीरो मानते थे. वो हमारे साथ खेल रहे थे. मैं हमेशा कहता था मेरे पास सीनियर्स हैं जरूरत के वक्त वो मुझे गाइड करेंगे.’

कपिल देव से इस बातचीत के दौरान उनके हीरोज पर भी सवाल किया गया. विक्रांत गुप्ता द्वारा यह पूछने पर कि कपिल के हीरो कौन थे? कपिल ने कहा,

‘देखो, कोई एक ऐसा नहीं था. जितने भी सीनियर्स थे. मुझे याद है मदन लाल और जिमी (मोहिंदर अमरनाथ) पहली बार ये चंडीगढ़ में एक टूर्नामेंट खेलने आए थे. हम निक्कर डालकर इनका मैच देखने जाते थे और पुलिसवालों से धक्के भी खाते थे. गालियां भी, डंडे भी पड़ते थे.

किरमानी पहले ऐसे प्लेयर थे जिनका मैंने ऑटोग्राफ लिया. ये वेस्ट इंडीज़ टूर करके आए थे. बैंगलोर में कैंप लगा था तो हम इनके पास गए. हमारे साथ के सारे लोग थे. दिलीप एक-दो साल बड़े थे, संदीप एक-दो साल बड़े थे रॉजर और मैंने बहुत क्रिकेट साथ में खेली है. कीर्ति ने बहुत खेली है. यश और मैंने लगभग एक साथ ही डेब्यू किया. वहां सुनील गावस्कर भी थे.

इनके स्टारडम की बात करें तो पहली दो सीरीज तो यही था कि सुनील गावस्कर अपने पैड कैसे बांधते हैं. मुझे याद है पहली बार हम दलीप ट्रॉफी खेलने गए. हम ट्रेन से जा रहे थे और मदन लाल नीली जींस और सफेद टीशर्ट में थे. उसी वक्त नाइट क्रिकेट शुरू हुआ था और इनकी टीशर्ट पर लिखा था कि Big Boys plays at night.

जिमी को देखा. उन्होंने 69 में डेब्यू किया था तब हम कंचे खेलते थे. तो इनके साथ खेलना, इनके साथ रहना गर्व की बात थी. हमारे लिए उस टीम का हिस्सा होना ही गर्व की बात थी. भाग्य से उन्होंने मुझे कप्तान बना दिया लेकिन मैं हमेशा उनकी ओर देखता था.’


WTC फाइनल से पहले कितने ICC टूर्नामेंट्स हार चुकी है टीम इंडिया?

लगातार लल्लनटॉप खबरों की सप्लाई के लिए फेसबुक पर लाइक करें

पॉलिटिकल किस्से

कल्याण सिंह: UP की राजनीति का वो ‘अम्ल’, जो ‘क्षार’ से उलझकर अपनी सियासत जला बैठा!

कल्याण सिंह: UP की राजनीति का वो ‘अम्ल’, जो ‘क्षार’ से उलझकर अपनी सियासत जला बैठा!

जॉर्ज फर्नांडिस ने कहा था- कल्याण सिंह में धैर्य होता तो अटल के बाद वही भाजपा के कप्तान होते.

निसिथ प्रमाणिक: पीएम मोदी के सबसे युवा मंत्री,  जितने कामयाब उतने ही विवादित

निसिथ प्रमाणिक: पीएम मोदी के सबसे युवा मंत्री, जितने कामयाब उतने ही विवादित

7 जुलाई 2021 को 35 साल के निसिथ प्रमाणिक ने मंत्री पद की शपथ ली थी.

वो मुख्यमंत्री, जिसकी कुर्सी प्याज की महंगाई ने छीन ली

वो मुख्यमंत्री, जिसकी कुर्सी प्याज की महंगाई ने छीन ली

दिल्ली के दूसरे मुख्यमंत्री साहिब सिंह वर्मा की आज बरसी है.

पिता-पुत्र की वो जोड़ी, जो गांधी परिवार के सात बार करीब आए तो आठ बार दूर गए

पिता-पुत्र की वो जोड़ी, जो गांधी परिवार के सात बार करीब आए तो आठ बार दूर गए

बात जितेंद्र और जितिन प्रसाद की.

पिनारायी विजयन: केरल का वो वाम नेता, जिसे वहां के लोग 'लुंगी वाला मोदी' कहते हैं

पिनारायी विजयन: केरल का वो वाम नेता, जिसे वहां के लोग 'लुंगी वाला मोदी' कहते हैं

..और जिसने भरी विधानसभा में लहराई थी खून से सनी शर्ट.

भैरो सिंह शेखावत : राजस्थान का वो मुख्यमंत्री, जिसे वहां के लोग बाबोसा कहते हैं

भैरो सिंह शेखावत : राजस्थान का वो मुख्यमंत्री, जिसे वहां के लोग बाबोसा कहते हैं

आज इनकी बरसी है.

असम की राजनीति का ‘विस्मय बालक’, जिसके साथ हुई ग़लती को ख़ुद अमित शाह ने सुधारा था

असम की राजनीति का ‘विस्मय बालक’, जिसके साथ हुई ग़लती को ख़ुद अमित शाह ने सुधारा था

हिमंत बिस्व सरमा, जिनसे बात करते हुए राहुल गांधी 'पिडी' को बिस्किट खिला रहे थे.

राजनीति में आने वाला देश का पहला आईआईटीयन, जिसके आर्थिक सुधार का क्रेडिट कोई और ले गया!

राजनीति में आने वाला देश का पहला आईआईटीयन, जिसके आर्थिक सुधार का क्रेडिट कोई और ले गया!

किस्से चौधरी अजित सिंह के.

वो नेता जिसने विधानसभा में अपनी ख़ून से सनी शर्ट लहरायी और चुनाव जीत गया

वो नेता जिसने विधानसभा में अपनी ख़ून से सनी शर्ट लहरायी और चुनाव जीत गया

पिनारायी विजयन के पॉलिटिकल क़िस्से

हिमंत बिस्व सरमा की कहानी, जो राहुल गांधी के कुत्ते से चिढ़े और बीजेपी की सरकार बनवा डाली

हिमंत बिस्व सरमा की कहानी, जो राहुल गांधी के कुत्ते से चिढ़े और बीजेपी की सरकार बनवा डाली

कांग्रेस से बीजेपी में गए और उसे जीत दिला दी.