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मुस्लिम स्कॉलर से लेकर 'फादर ऑफ फाइबर ऑप्टिक्स' तक, जानें किसे मिला इस साल का पद्म सम्मान

26 जनवरी 2021 को देश 72वां गणतंत्र दिवस मना रहा है. इससे एक दिन पहले यानी 25 जनवरी को इस बार के पद्म पुरस्कारों का ऐलान किया गया. कुल 119 लोगों को इस बार पद्म सम्मान मिल रहा है. सात लोगों को पद्म विभूषण, 10 लोगों को पद्म भूषण और 102 लोगों को पद्मश्री. इनके बारे में जानते हैं.

पद्म विभूषण

#1 कौन हैं – शिंजो आबे

कहां से हैं – जापान

किस क्षेत्र में काम – पब्लिक सर्विस

जापान के पूर्व प्रधानमंत्री हैं. तबीयत नासाज़ रहने की वजह से पिछले साल पद से इस्तीफा दे दिया था. उनके कार्यकाल में भारत-जापान के संबंध बेहतर हुए. आबे जापान के सबसे लंबे कार्यकाल वाले पीएम रहे.

Shinzo Abe
शिंजो आबे (फाइल फोटो- PTI)

#2 कौन हैं – एसपी बालासुब्रमण्यम (मरणोपरांत)

कहां से हैं – तमिलनाडु

किस क्षेत्र में काम – कला

मशहूर सिंगर-कंपोज़र. हिंदी, तमिल, तेलुगू, कन्नड़, मलयालय भाषाओं में करीब 40 हज़ार गाने गाए. 40 से ज़्यादा फिल्मों में म्यूज़िक कंपोज़र रहे. 2001 में पद्मश्री और 2011 में पद्मभूषण भी प्राप्त कर चुके हैं.

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बालासुब्रमण्यम. (फाइल फोटो- PTI)

#3 कौन हैं – डॉ. बेल्ले मोनप्पा हेगड़े

कहां से हैं – तमिलनाडु

किस क्षेत्र में काम – हेल्थ

हृदय रोग विशेषज्ञ, शिक्षाविद, मोटिवेशनल स्पीकर और लेखक. डॉ. बेल्ले मोनप्पा हेगड़े ने मेडिकल प्रैक्टिस पर कई किताबें भी लिखी हैं. 2010 में वे पद्म भूषण पुरस्कार से भी नवाज़े जा चुके हैं.

Belle Monappa
2010 में तत्कालीन राष्ट्रपति से पद्म पुरस्कार लेते बेल्ले मोनप्पा.

#4 कौन हैं – नरिंदर सिंह कपानी

कहां से हैं – अमेरिका

किस क्षेत्र में काम – साइंस एंड आईटी

नरिंदर सिंह कपानी भौतिक विज्ञान के क्षेत्र से जुड़े हैं. भारतीय मूल के अमेरिकी वैज्ञानिक हैं. फोर्ब्स मैग्ज़ीन ने उन्हें बिज़नेसमैन ऑफ द सेंचुरी एडिशन में नॉमिनेट किया था. ‘फाइबर ऑप्टिक्स’ शब्द ईजाद किया था.

Narinder Kapany
नरिंदर कपानी. (फाइल फोटो- sikhfoundation.org)

#5 कौन हैं – बीबी लाल

कहां से हैं – दिल्ली

किस क्षेत्र में काम – पुरातत्व

भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के महानिदेशक रह चुके हैं. ‘राम, उनकी ऐतिहासिकता, मंदिर और सेतु: साहित्य, पुरातत्व और अन्य विज्ञान’ नाम की किताब भी लिखी है. इसी किताब में अयोध्या के विवादित ढांचे के नीचे मंदिर होने की बात कही गई थी. पद्म भूषण भी दिया जा चुका है.

Bb Lal (1)
बीबी लाल (दाएं) (फाइल फोटो- PIB)

#6 कौन हैं – मौलाना वहीदुद्दीन खान

कहां से हैं – दिल्ली

किस क्षेत्र में काम – आध्यात्मिकता

प्रसिद्ध इस्लामिक विद्वान और पीस एक्टिविस्ट. विघटन से पहले रशिया जब सोवियत संघ हुआ करता था, उस दौर में वहां के राष्ट्रपति मिखाइल गोर्बाचेव ने मौलाना खान को डेमिर्गुस पीस इंटरनेशनल अवॉर्ड से सम्मानित किया था. 2000 में उन्हें पद्म भूषण सम्मान भी मिल चुका है.

#7 कौन हैं – सुदर्शन साहू

कहां से हैं –ओडिशा

किस क्षेत्र में काम – आर्ट

ओडिशा के प्रसिद्ध मूर्तिकार. सुदर्शन साहू पौराणिक कथाओं को, किरदारों को रेत की मदद से खूबसूरत मूर्तियों की शक्ल में ढालने में माहिर हैं. पद्म श्री से भी सम्मानित किए जा चुके हैं.

Sudarshan Sahoo
सुदर्शन साहू. (फाइल फोटो- odishabulletin.com)

पद्म भूषण

#1 कौन हैं – कृष्णन नायर शांताकुमारी

कहां से हैं – केरल

किस क्षेत्र में काम – आर्ट्स

कृष्णन नायर शांताकुमारी मशहूर गायिका और म्यूज़ीशियन हैं. उन्होंने करीब 25 हज़ार गाने रिकॉर्ड किए हैं. वो भी 10 से ज़्यादा भारतीय भाषाओं में और पांच से ज़्यादा विदेशी भाषाओं में. छह बार नेशनल फिल्म अवॉर्ड, आठ बार फिल्मफेयर-साउथ मिल चुका है.

#2 कौन हैं – तरुण गोगोई (मरणोपरांत)

कहां से हैं – असम

किस क्षेत्र में काम – पब्लिक अफेयर

तीन बार असम के मुख्यमंत्री रहे, छह बार सांसद रहे कांग्रेस नेता तरुण गोगोई का नवंबर-2020 में निधन हो गया. मुख्यमंत्री के रूप में उनके कार्यकाल को राज्य की राजकोषीय स्थिति सुधारने, उग्रवाद को कम करने के लिए याद किया जाता है.

Tarun Gogoi
तरुण गोगोई. (फाइल फोटो)

कौन हैं – चंद्रशेखर कंबारा

कहां से हैं – कर्नाटक

किस क्षेत्र में काम –शिक्षा

प्रसिद्ध कन्नड़ लेखक हैं. साहित्य अकादमी के अध्यक्ष रहे चंद्रशेखर कंबारा ने शिक्षा और साहित्य के क्षेत्र में काफी काम किया है. ज्ञानपीठ पुरस्कार भी जीत चुके हैं.

कौन हैं – सुमित्रा महाजन

कहां से हैं – मध्य प्रदेश

किस क्षेत्र में काम –पब्लिक अफेयर

लोकसभा स्पीकर की कुर्सी पर बैठने वाली देश की दूसरी महिला. पहली मीरा कुमार थीं. सुमित्रा महाजन को लोग ‘ताई’ कहकर सम्मानित करते हैं. 2014 से 2019 तक लोकसभा स्पीकर रहीं. इंदौर से लगातार आठ बार सांसद भी रही हैं.

Sumitra Mahajan
सुमित्रा महाजन. (फोटो- PTI)

कौन हैं – नृपेंद्र मिश्रा

कहां से हैं – उत्तर प्रदेश

किस क्षेत्र में काम – सिविल सर्विसेज़

नृपेंद्र मिश्रा 1967 बैच के रिटायर्ड आईएएस अधिकारी (उत्तर प्रदेश कैडर) हैं. मोदी सरकार के पहले कार्यकाल के दौरान नृपेंद्र मिश्रा को पीएम मोदी के प्रिंसिपल सेक्रेटरी नियुक्त किया गया था. तब इस पर काफी बवाल हुआ था. 2019 में उन्हें फिर ये ज़िम्मेदारी दी गई.

Nripendra Mishra
PM मोदी के साथ नृपेंद्र मिश्रा. (फाइल फोटो)

कौन हैं – रामविलास पासवान (मरणोपरांत)

कहां से हैं – बिहार

किस क्षेत्र में काम – पब्लिक सर्विस

बिहार के बड़े नेताओं में शुमार, लोक जनशक्ति पार्टी के संस्थापक राम विलास पासवान नौ बार लोकसभा और दो बार राज्य सभा सांसद रहे. पासवान के नाम एक अनूठा रिकॉर्ड भी है- छह प्रधानमंत्रियों के साथ काम करने का. मोदी सरकार में भी मंत्री रहे.

Ram Vilas Paswan
राम विलास पासवान. (फाइल फोटो)

कौन हैं – केशुभाई पटेल (मरणोपरांत)

कहां से हैं – गुजरात

किस क्षेत्र में काम – पब्लिक सर्विस

मार्च 1995 से अक्टूबर 1995 तक गुजरात के मुख्यमंत्री रहे. प्रदेश में भाजपा के बड़े नेताओं में शुमार रहे. 2012 में भाजपा से इस्तीफा देकर अपनी नई पार्टी गुजरात परिवर्तन पार्टी बनाई. हालांकि बाद में पार्टी का भाजपा में विलय कर दिया. इमरजेंसी के वक्त जेल भी गए थे.

Keshubhai
केशुभाई पटेल. (फाइल फोटो)

कौन हैं –कल्बे सादिक

कहां से हैं – उत्तर प्रदेश

किस क्षेत्र में काम – धर्म

ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (AIMPLB) के उपाध्यक्ष रहे कल्बे सादिक का नवंबर-2020 में निधन हो गया था. अपनी प्रोग्रेसिव सोच और शांति के लिए किए गए कामों के लिए कल्बे सादिक को याद किया जाता है. मुस्लिम आरक्षण तक का उन्होंने विरोध कर दिया था.

Kalbe Sadiq
कल्बे सादिक. (फाइल फोटो)

कौन हैं – रजनीकांत देवीदास

कहां से हैं –महाराष्ट्र

किस क्षेत्र में काम – ट्रेड एंड इंडस्ट्री

1969 में गुजरात के वापी शहर में यूनाइटेड फॉस्फोरस लिमिटेड (UPL) नाम की कंपनी स्थापित की थी. रजनीकांत ने यहां न सिर्फ फैक्ट्री लगाई, बल्कि शहर की बसाहट में भी योगदान दिया. वापी की गिनती अब गुजरात के अच्छे शहरों में होती है.

कौन हैं – तरलोचन सिंह

कहां से हैं – हरियाणा

किस क्षेत्र में काम – पब्लिक सर्विस

2004 से 2010 तक हरियाणा से राज्‍यसभा सदस्‍य रहे. राजनीति से इतर सिख धर्म की शिक्षाओं को फैलाने के लिए भी काम किया. 1983 से 1987 तक तत्कालीन राष्ट्रपति ज्ञानी जैल सिंह के प्रेस सचिव भी रहे. 2003 से 2006 तक राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग के चेयरमैन रहे.

Tarlochan Singh
तरलोचन सिंह. (फाइल फोटो)

इसके अलावा जिन 102 लोगों को पद्मश्री सम्मान मिला है, उनमें ये नाम शामिल हैं – स्पेन में लिट्रेचर-एजुकेशन के लिए काम करने वाले फादर वॉल्स (मरणोपरांत), इसी क्षेत्र में मध्य प्रदेश में काम करने वाले कपिल तिवारी, बिहार से मृदुला सिन्हा, असम से इमरान शाह, मेडिसिन के क्षेत्र में अशोक कुमार साहू, धनंजय दिवाकर, कला के क्षेत्र में पूर्णमासी जानी.


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