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दिल्ली के ऑड इवन फॉर्मूले का 100% गारंटीड इलाज

दिल्ली में सरकार पॉल्यूशन घटाने के लिए ऑड इवन फॉर्मूले का इस्तेमाल कर रही है. आज केजरीवाल ने इसका ब्लूप्रिंट भी पेश कर दिया. लेकिन इससे बचने का चोर दरवाजा भी खुद ही दिखाया. जब उनसे पूछा गया कि अगर कोई भी इस नियम का पालन न करे तो? तो हम सब का चालान नहीं कर पाएंगे. ऐसा बोले हैं वो. दिल्ली वाले अगर चाहें तो दिल्ली सरकार की हवा बचाने वाली स्कीम धूल में मिला सकते हैं. ऐसे नियमों को सबक सिखाने के लिए कुछ सयाने लोग पहले भी कर चुके हैं देखो

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अब उनके बताए चोर दरवाजे को और चौड़ा करना है. इन तरीकों से इस फॉर्मूले की ‘शुद्ध हवा’ निकालो-

CNG वाली ले लो CNG वाली

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जो बड़के आदमी हैं वो दो दो गाड़ियां रखेंगे. ऑड की अलग इवन नंबर की अलग. लेकिन असली आम आदमी गाड़ी खरीदें CNG से चलने वाली. उसमें लगवा लें स्टीकर. बस इत्ते से काम हो जाएगा.

12-12 के दो देना भैया

दो गाड़ियां खरीदने से एक 12 साल का बच्चा किराए पर लेना ज्यादा सस्ता पड़ेगा. अगर गाड़ी लेडीज के हाथ रहनी है तो. उम्मीद है कि लड़के किराए पर देने वाली एजेंसीज जल्दी ही खुल जाएंगी शहर में.

दो पहिए का होल स्क्वायर

देखो भैया सब दोपहिया इस फॉर्मूले से बाहर हैं. तो ऐसा करो कि 2 बाइक एक साथ रख कर उस पर टीन की ट्रॉली रखवा लो. वेल्डिंग करवाने से और मस्त गाड़ी बन जाएगी. पुलिस वाला अगर आदमी होगा तो रोकने की हिम्मत नहीं पड़ेगी उसकी.

लाल बत्ती सायरन वाली

बल्कि कार खरीदने से अच्छा है एंबुलेंस खरीदो. या फायर ब्रिगेड की गाड़ी. वो भी इस नियम से बाहर है.

इलेक्ट्रिक पिया

कार से ये वाली पेट्रोल टंकी निकलवा दो. बैटरी के शेप वाली टंकी फिट करो. जहां मौका पड़े खोल के दिखा दो. काहे कि बैट्री वाली गाड़ियों पर रोक नहीं है.

खड़ा हो जवान

Source: Reuters

मिलिट्री और डिफेंस मिनिस्ट्री की गाड़ियों को इजाजत है बेखौफ चलने की. कोई रिश्तेदार या जान पहचान वाला हो तो देखो.

इससे दूर ही रहो बेट्टा

Source: Reuters

विकलांगों की गाड़ियों पर बंदिश नहीं है. इत्ते घोंचू तो नहीं दिखते कि अब ये जुगाड़ भी लगाओगे गाड़ी चलाने के लिए.

खोपड़िया खुलवा लो

हां एक्सीडेंट कर लो अपना. हाथ पैर टूट जाएं और अस्पताल जाओ. तब रास्ते में कोई गाड़ी नहीं रोकेगा. ऑड हो चाहे इवन.

सिक्योरिटी ले लो

ये तरीका थोड़ा मुश्किल है लेकिन बताना अपना फर्ज है. कुछ ऐसा करो कि SPG सिक्योरिटी गांठ लो. लेकिन बच्चा कुछ कर्रा करने पड़ेगा इसके लिए.

अगले जनम मोहे VVIP ही कीजो

ये आखिरी है और रामबाण इलाज. सीधे VVIP बन जाओ. प्रेसीडेंट, वाइस प्रेसीडेंट, प्रधानमंत्री, लोकसभा राज्यसभा स्पीकर, बड़कई कोर्ट के जज्ज साहब, तमाम मिनिस्टर या अपोजीशन लीडर. कुछ भी बन जाओ और पाओ मौका बेरोक टोक गाड़ियां चलाने का.

 

लेकिन नोट कल्लो याद कल्लो लिख लो. दिल्ली का CM भूल कर न बनना. उसके ऊपर ये नियम लागू है और सबसे ज्यादा गालियां उसी के हिस्से में हैं.

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