उड़ान के दौरान 6 विमानों के इंजन बंद, 3 के मेडे कॉल, अभी तो 2025 आधा बाकी है
इस आंकड़े में लंदन गैटविक जाने वाला एयर इंडिया का AI 171 विमान भी शामिल है. ये विमान 12 जून को अहमदाबाद से उड़ान भरने के तुरंत बाद क्रैश होकर एक बिल्डिंग से टकरा गया था.

इस साल भारत के सिविल एविएशन सेक्टर में सेफ्टी को लेकर कुछ चिंताजनक खबरें सामने आई हैं. नागरिक उड्डयन मंत्रालय के अनुसार, इस साल अब तक 6 विमान इंजन शटडाउन और 3 मेडे कॉल्स रिकॉर्ड किए गए हैं. नागरिक उड्डयन राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल ने ये डेटा राज्यसभा में साझा किया है.
आंकड़ों के अनुसार, इंजन बंद होने की दो-दो इंडिगो और स्पाइसजेट के विमानों से जुड़ी हैं. जबकि एयर इंडिया और एलायंस एयर में ऐसी एक-एक घटना हुई है. सरकार ने बताया है कि इस साल मेडे कॉल्स की तीन घटनाएं हुई हैं. इसमें लंदन गैटविक जाने वाला एयर इंडिया का AI 171 विमान भी शामिल है. ये विमान 12 जून को अहमदाबाद से उड़ान भरने के तुरंत बाद क्रैश होकर एक बिल्डिंग से टकरा गया था.
राज्यसभा में दी गई जानकारी के मुताबिक इंडिगो और एयर इंडिया एक्सप्रेस में भी मेडे कॉल्स की एक-एक घटना रिपोर्ट की गई. केंद्रीय मंत्री ने 5 अगस्त को एक लिखित जवाब में बताया,
बता दें कि फ्लाइट के दौरान शटडाउन तब होता है जब विमान का एक या ज्यादा इंजन अचानक बंद हो जाते हैं. इससे पायलट को इमरजेंसी प्रोसीजर्स फॉलो करने पड़ते हैं. वहीं, मेडे कॉल वो ग्लोबल इमरजेंसी सिग्नल है, जो पायलट तब यूज करते हैं जब विमान को सीरियस खतरा होता है.
इन इवेंट्स ने एविएशन सेफ्टी स्टैंडर्ड्स और मेंटेनेंस प्रोसेस पर सवाल खड़े किए हैं. मुरलीधर मोहोल से जब ये पूछा गया कि क्या सरकार एयर इंडिया क्रैश दुर्घटना में साजिश के एंगल की भी जांच करेगी, तो उन्होंने कहा,
जानकारी हो कि 30 जुलाई 2025 को डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन (DGCA) ने अपने सालाना ऑडिट के दौरान एयर इंडिया में 51 सिक्योरिटी खामियों को फ्लैग किया था. इन खामियों में से सात को गंभीर स्तर I उल्लंघन के रूप में बताया गया था. इसे एयरलाइन को 30 जुलाई तक ठीक करने का निर्देश दिया गया था. बाकी 44 खामियों को 23 अगस्त तक ठीक करने की बात कही गई थी.
वीडियो: मुंबई एयरपोर्ट में लैंडिंग के वक्त रनवे पर फिसला विमान, इंजन को हुआ नुकसान

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