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पंजाब के इस गांव में 'लव मैरिज' बैन की गई

यह पूरा मामला गांवों में परंपराओं और लोगों की व्यक्तिगत आजादी के बीच टकराव को उजागर करता है. खासकर ऐसे समय में जब यह गांव चंडीगढ़ जैसे प्रोग्रेसिव शहर से सिर्फ 10 किलोमीटर दूर है.

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मौ. जिशान
| अमन कुमार भारद्वाज
4 अगस्त 2025 (अपडेटेड: 4 अगस्त 2025, 11:02 PM IST)
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पंजाब के एक गांव की पंचयात ने 'लव मैरिज' पर प्रतिबंध लगाया. (India Today)
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पंजाब के एक गांव की पंचायत ने लव मैरिज पर एक ऐसा फैसला लिया जिसने बवाल खड़ा कर दिया. मोहाली जिले के मानकपुर शरीफ की ग्राम पंचायत ने 'लव मैरिज' पर बैन लगा दिया है. पंचायत ने फरमान दिया है कि गांव का जो भी युवक या युवती मां-बाप की मर्जी के बिना भागकर शादी करेंगे, उन्हें 'गांव निकाला' की सजा भुगतनी होगी.

यह पूरा मामला गांवों में परंपराओं और लोगों की व्यक्तिगत आजादी के बीच टकराव को उजागर करता है. खासकर ऐसे समय में जब यह गांव चंडीगढ़ जैसे प्रोग्रेसिव शहर से सिर्फ 10 किलोमीटर दूर है.

इंडिया टुडे से जुड़े अमन कुमार भारद्वाज की रिपोर्ट के मुताबिक, 31 जुलाई को पंचायत ने एकमत से एक प्रस्ताव पास किया कि गांव या आसपास के इलाके में कोई भी कपल अगर परिवार या समाज की मंजूरी के बिना लव मैरिज करता है, तो उसे गांव में नहीं रहने दिया जाएगा. इतना ही नहीं, पंचायत का यह भी आदेश है कि जो लोग ऐसे कपल का साथ देंगे या उन्हें पनाह देंगे, उन पर भी कार्रवाई होगी.

गांव के सरपंच दलवीर सिंह ने इस प्रस्ताव पर बात करते हुए कहा,

“ये सजा नहीं है, बल्कि एक एहतियाती कदम है ताकि हमारी परंपराएं और मूल्य सुरक्षित रहें.”

उन्होंने कहा कि यह कदम हाल ही में हुई एक घटना के बाद उठाया गया है, जिसमें 26 साल के दविंदर ने पिछले हफ्ते अपनी 24 साल की भतीजी बेबी से शादी कर ली थी. सरपंच का कहना है कि यह जोड़ा अब गांव छोड़कर जा चुका है, लेकिन इसका असर यहां रहने वाले 2000 गांववालों पर पड़ रहा है.

सरपंच दलवीर सिंह ने जोर दिया कि हम लव मैरिज या कानून के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन हम अपनी पंचायत में इसकी इजाजत नहीं दे रहे हैं. मानकपुर शरीफ की ग्राम पंचायत ने आस-पास के गांवों से भी यही नियम अपनाने की अपील की है.

कांग्रेस सांसद का विरोध

पटियाला से कांग्रेस सांसद धर्मवीर गांधी ने इस फैसले की आलोचना की है. उन्होंने पंचायत के फैसले को 'तालिबानी फरमान' करार दिया. कांग्रेस सांसद ने कहा,

"अपना जीवनसाथी चुनना हर बालिग का मौलिक अधिकार है. सरकार को ऐसे कपल की रक्षा करनी चाहिए और ऐसे पुरानी सोच वाले रवैये पर रोक लगानी चाहिए."

पुलिस की सफाई

मोहाली की एडिशनल डिप्टी कमिश्नर (रूरल) सोनम चौधरी ने कहा कोई भी आधिकारिक शिकायत उनके पास नहीं आई है. उन्होंने आगे कहा,

"अगर दोनों बालिग हैं, तो उन्हें अपनी मर्जी से शादी करने का हक है. अगर कोई शिकायत आएगी तो कानून के हिसाब से कार्रवाई होगी."

वहीं, एसपी मोहाली मोहित अग्रवाल ने सख्त लहजे में कहा,

"यह कोई बनाना रिपब्लिक नहीं है. हम कानून और संवैधानिक अधिकारों की रक्षा करेंगे. अभी तक कोई आधिकारिक शिकायत नहीं मिली है, अगर कोई शिकायत आती है तो हम कानून के अनुसार कार्रवाई करेंगे. किसी को भी किसी चीज को हाथ में लेने का अधिकार नहीं है."

पंचायत के फरमान पर पंजाब महिला आयोग की चेयरपर्सन राज लल्ली गिल ने भी प्रतिक्रिया देते हुए कहा,

"यह पूरी तरह असंवैधानिक है. पंचायत का ऐसा कोई फैसला मायने नहीं रखता. हम इस पर गौर करेंगे, अब तक कोई शिकायत नहीं आई है."

गांववालों का क्या कहना है?

रिपोर्ट के मुताबिक गांव के कुछ युवाओं और ग्रामीणों ने नाम ना छापने की शर्त पर कहा कि वे सरपंच के साथ हैं. उनका कहना है कि वे मानते हैं कि दुनिया मॉडर्न हो गई है, लेकिन हमें अपनी संस्कृति और रिश्तों की मर्यादा बचानी है.

वहीं, जिस कपल के कारण पंचायत ने यह फैसला लिया है, उसने सोशल मीडिया पर वीडियो डालते हुए कहा कि उन्होंने अपनी मर्जी से शादी की है. कपल ने आरोप लगाया कि गांव के लोग उनकी इमेज खराब कर रहे हैं.

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