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गाजा में पत्रकारों की मौत: अल जज़ीरा का आरोप-'प्रेस पर हमला', IDF का पलटवार- 'हमास के आतंकी थे'

Israeli सेना की ओर से जारी किए गए बयान में बताया गया कि Gaza से मिली खुफिया जानकारी और कई डॉक्यूमेंट्स से खुलासा हुआ था कि Anas al-Sharif हमास के लिए काम कर रहे थे. लेकिन अल शरीफ और अल जजीरा ने इस दावे का खंडन किया था.

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11 अगस्त 2025 (अपडेटेड: 11 अगस्त 2025, 09:32 AM IST)
al jazeera Anas al- Sharif israel benjamin netanyahu
अनल अल शरीफ गाजा से अल जजीरा के लिए रिपोर्टिंग कर रहे थे. (एक्स)
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कतर बेस्ड इंटरनेशनल न्यूज नेटवर्क अल जजीरा (Al Jazeera) ने दावा किया है कि गाजा (Gaza) में हुए इजरायली हमले में उनके पांच पत्रकार मारे गए हैं. न्यूज नेटवर्क ने बताया कि गाजा शहर के अल-शिफा अस्पताल (Al-Shifa Hospital) के पास हुए इजरायली हमले में इन पत्रकारों की मौत हुई है.

अल जजीरा की एक रिपोर्ट के मुताबिक, जब इजरायली सेना (IDF) ने अस्पताल को निशाना बनाया, उस समय उनके रिपोर्टर अनस अल शरीफ और मोहम्मद कुरैक, कैमरामैन इब्राहिम जहीर, मोहम्मद नौफाल और मोमेन अलीवा अस्पताल के मेन गेट पर पत्रकारों के लिए बने एक तंबू में थे.

अल जजीरा की ओर से एक बयान जारी कर बताया गया कि ये टार्गेटेड अटैक प्रेस की स्वतंत्रता पर एक स्पष्ट और पूर्वनियोजित हमला है. इस हमले के कुछ ही देर बाद इजरायली सेना (IDF) ने अनस अल शरीफ पर हमले की पुष्टि की. उन्होंने दावा किया कि अल शरीफ हमास के टेररिस्ट सेल के चीफ के तौर पर काम कर रहे थे. 

इजरायली सेना की ओर से जारी किए गए बयान में बताया गया कि गाजा पट्टी से मिली खुफिया जानकारी और कई डॉक्यूमेंट्स से खुलासा हुआ था कि अनस अल शरीफ हमास के लिए काम कर रहे थे.

न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, इजरायल ने अक्टूबर 2024 में अल जजीरा के छह पत्रकारों पर हमास से सैन्य संबंध रखने का आरोप लगाया था. इस लिस्ट में अल शरीफ का नाम भी शामिल था. हालांकि अल जजीरा और अल शरीफ ने इन आरोपों को बेबुनियाद करार दिया था. 

IDF ने हमले में मारे गए बाकी पत्रकारों के बारे में कोई जिक्र नहीं किया है. अल जजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक, इजरायली हमले में कुल सात लोग मारे गए हैं. न्यूज नेटवर्क ने पहले बताया था कि उनके चार कर्मचारी मारे गए हैं, लेकिन कुछ घंटे बाद उन्होंने यह संख्या बढ़ाकर पांच कर दी.

अल जजीरा के मैनेजिंग एडिटर मोहम्मद मोआवाद ने बीबीसी को बताया कि अल शरीफ एक मान्यता प्राप्त पत्रकार थे. वे दुनिया को गाजा पट्टी की सच्चाई दिखाने वाले एकमात्र आवाज के तौर पर काम कर रहे थे.

इजरायल ने अंतरराष्ट्रीय पत्रकारों को गाजा में स्वतंत्र रूप से रिपोर्टिंग करने की अनुमति नहीं दी है. इसलिए कई मीडिया संस्थान कवरेज के लिए गाजा के स्थानीय पत्रकारों पर निर्भर हैं. मोहम्मद मोआवाद ने आगे बताया,

 इजरायल गाजा के अंदर से रिपोर्टिंग करने वाले किसी भी चैनल की कवरेज को बंद कराना चाहती है. यह कुछ ऐसा है जो मैंने आधुनिक इतिहास में पहले कभी नहीं देखा.

ये भी पढ़ें - हमास खुश, नेतन्याहू आगबबूला; फ्रांस ने बड़ी हिम्मत दिखाते हुए फिलिस्तीन को मान्यता दी

पिछले महीने अल जजीरा मीडिया नेटवर्क ने संयुक्त राष्ट्र और पत्रकारों की सुरक्षा समिति (CPJ) के साथ मिलकर अलग-अलग बयान जारी कर अल-शरीफ की सुरक्षा की मांग की थी. पत्रकारों की सुरक्षा समिति (CPJ) के मुताबिक, अक्टूबर 2023 में गाजा में इजरायली सैन्य हमले की शुरुआत के बाद से 186 पत्रकारों की मौत की पुष्टि हुई है. 

वीडियो: हमास के साथ-साथ ईरान से लड़ाई के बीच इजरायल में अब क्या हालात हैं?

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