The Lallantop
Advertisement
  • Home
  • India
  • Donald Trump's tariff affect bhadohi carpet industry India's 'Carpet City'

ये 13 लाख लोग अब क्या करेंगे? ट्रंप के टैरिफ से भारत का कालीन उद्योग परेशान

भारत पर लगाए गए नए टैरिफ से Bhadohi Carpet Industry पर भी संकट के बादल छा गए हैं. काम लगभग ठप होने की कगार पर है. जिससे लाखों कामगारों की नौकरियां खतरे में पड़ सकती हैं.

Advertisement
pic
27 अगस्त 2025 (अपडेटेड: 27 अगस्त 2025, 03:05 PM IST)
Donald Trump's tariff affect bhadohi carpet industry India's 'Carpet City'
भारतीय कालीन का 60 फीसदी हिस्सा अकेले अमेरिका में निर्यात किया जाता है (फोटो: आजतक)
Quick AI Highlights
Click here to view more

भारत को आज यानी 27 अगस्त से अमेरिका के 50 प्रतिशत के भारी टैरिफ (US Tariff) का सामना करना पड़ रहा है. नए टैरिफ के बाद से अमेरिकी बाजार में भारतीय उत्पादों का निर्यात बहुत मुश्किल हो जाएगा. इन उत्पादों में कपड़े, टेक्सटाइल, हीरे-जवाहरात, झींगे, कालीन और फर्नीचर शामिल हैं. भारत पर लगाए गए नए टैरिफ से भारतीय कालीन उद्योग (Indian Carpet Industry) पर भी संकट के बादल छा गए हैं. काम लगभग ठप होने की कगार पर है. जिससे लाखों कामगारों की नौकरियां खतरे में पड़ सकती हैं. 

आजतक से जुड़े महेश जायसवाल की रिपोर्ट के मुताबिक, भारतीय कालीन का 60 फीसदी हिस्सा अकेले अमेरिका में निर्यात किया जाता है. भारत के कश्मीर, जयपुर, पानीपत, आगरा, वाराणसी, मिर्जापुर और भदोही में बने कालीन विदेशों में निर्यात किए जाते हैं. दावा है कि कुल निर्यात का अकेले 60 फीसदी हिस्सा भदोही कालीन उद्योग का है. ऐसे में अमेरिका के टैरिफ वार से भारतीय कालीन की कीमत अमेरिकी बाजारों में अचानक बढ़ गई है.

bhadohi carpet industry
(फोटो: आजतक)
आयात से कतराने लगे हैं अमेरिकी इंपोर्टर

रिपोर्ट के मुताबिक, कालीन निर्यातकों का मानना है टैरिफ लगने के बाद अमेरिकी व्यापारी कालीनों के आयात से कतराने लगे हैं. जो थोड़े बहुत अमेरिकी इंपोर्टर रुचि दिखा भी रहे हैं, तो वो अपने नुकसान की भरपाई भारतीय निर्यातकों से कराना चाहते हैं. जिस वजह से सौदा घाटे का साबित हो रहा है. इसलिए, बड़े पैमाने पर तैयार माल कंपनियों में डंप हो रहा है.

bhadohi carpet industry
(फोटो: आजतक)

ये भी पढ़ें: दिखने लगी टैरिफ की मार, नोएडा और सूरत की कपड़ा फैक्ट्रियां बंद होने का दावा

पड़ोसी देशों को होगा फायदा

कालीन निर्यात संवर्धन परिषद के सदस्य और एक्सपोर्टर असलम महबूब ने बताया कि अमेरिकी टैरिफ से जहां एक तरफ भारतीय कालीन उद्योग का नुकसान हो रहा है. वहीं, भारत के प्रतिस्पर्धी और पड़ोसी देशों को इससे फायदा पहुंचेगा. चूंकि इन देशों पर अमेरिका ने भारत की अपेक्षा कम टैरिफ लगाया है. इसलिए पाकिस्तान और अफगानिस्तान के हाथ से बने कालीन, जबकि चीन और तुर्किए के मशीन से बने कालीनों की मांग अमेरिकी बाजारों में बढ़ जाएगी. जिससे पड़ोसी देशों को फायदा होगा. उन्होंने सरकार से मांग करते हुए कहा,

सरकार टैरिफ पर 50 फीसदी का बेल आउट पैकेज दे और बंद पड़ी पुरानी इंसेंटिव स्कीम को दोबारा शुरू करे. जिससे उद्योग को बर्बाद होने से बचाया जा सके.

bhadohi carpet industry
(फोटो: आजतक)

ये भी पढ़ें: ट्रंप का 50 प्रतिशत टैरिफ आज से लागू, भारत में इन लोगों की नौकरियां खतरे में पड़ सकती हैं

ये 13 लाख लोग अब क्या करेंगे?

कालीन निर्यात संवर्धन परिषद के सदस्य और एक्सपोर्टर संजय गुप्ता ने बताया कि इस उद्योग में ग्रामीण स्तर के लोग अपनी आजीविका चला रहे हैं. उन्होंने कहा कि अमेरिका ने जो भारत पर टैरिफ लगाया है, यह बहुत ही गलत है. आगे कहा,

यह सीधा-सीधा कालीन उद्योग और बुनकरों पर हमला है. यह ऐसा सेक्टर है, जहां ग्रामीण भारत के 20 लाख लोग काम करते हैं. एक्सपोर्ट का 60 फीसदी हिस्सा अमेरिका जाता है, इसलिए 13 लाख लोग सीधे तौर पर अमेरिकी बाजार पर निर्भर हैं.

उन्होंने कहा कि अगर 13 लाख लोग बेरोजगार होते हैं, तो वे किसी न किसी तरीके से अपनी जीविका के लिए मुंबई और दिल्ली के लिए पलायन करेंगे. असलम महबूब ने कहा कि भारत में जब सुई भी नहीं बनती थी, तब भी कालीन बनते थे. इसका इतिहास 400–500 साल पुराना है. यह भारत की हैरिटेज है, प्राइड है, जो अब खतरे में आ गया है. इसे आगे बढ़ाने का काम सरकार का है.

वीडियो: दी लल्लनटॉप शो: ट्रंप के टैरिफ पर पीएम मोदी की बड़ी बैठक, क्या यूएस-इंडिया ट्रेड वॉर होने वाली है?

Advertisement

Advertisement

()