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बंगाल के HC का सेंट्रल फोर्स की तैनाती का आदेश, 10 प्वाइंट्स में जानिए हिंसा की पूरी टाइमलाइन

Murshidabad में Waqf Act को लेकर बुरी तरह हिंसा भड़क उठी है. Calcutta High Court ने हालात संभालने के लिए केंद्रीय बल को तैनाती का आदेश दिया है. वहीं, CM ममत बनर्जी ने पश्चिम बंगाल में वक्फ (अमेंडमेंट) एक्ट को लागू करने से मना किया है.

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मौ. जिशान
| सूर्याग्नि रॉय
12 अप्रैल 2025 (अपडेटेड: 12 अप्रैल 2025, 09:55 PM IST)
Calcutta High Court
पश्चिम बंगाल में इस हिंसा में अब तक तीन लोगों की मौत हो चुकी है. (PTI)
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पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले में वक्फ (संशोधन) अधिनियम 2025 के खिलाफ विरोध प्रदर्शन ने शनिवार, 12 अप्रैल को फिर हिंसक रूप ले लिया. हिंसा में अब तक तीन लोगों की जान जा चुकी है और कई लोग घायल बताए जा रहे हैं. हालात की गंभीरता को देखते हुए कलकत्ता हाईकोर्ट ने मुर्शिदाबाद के जंगीपुर में केंद्रीय बलों की तैनाती का आदेश दिया है.

इंडिया टुडे  से जुड़े सूर्याग्नि रॉय की रिपोर्ट के मुताबिक, कलकत्ता हाई कोर्ट की स्पेशल बेंच ने केंद्र सरकार को निर्देश दिया है कि वो मुर्शिदाबाद के हिंसाग्रस्त क्षेत्र में केंद्रीय बलों की तैनाती करे. कोर्ट के आदेश के मुताबिक, जंगीपुर में कैंद्रीय बलों की तैनाती की जाएगी.

कलकत्ता हाई कोर्ट का यह आदेश भारतीय जनता पार्टी (BJP) के विधायक और विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी की याचिका पर आया है. उन्होंने कोर्ट से मुर्शिदाबाद में केंद्रीय बलों की तैनाती का आवेदन किया था. हालांकि, पश्चिम बंगाल सरकार ने कोर्ट से कहा था कि राज्य में केंद्रीय बलों की तैनाती की जरूरत नहीं है. लेकिन कोर्ट ने हालात पर काबू पाने के लिए केंद्रीय बलों को तैनात करने का आदेश दिया है.

10 पॉइंट्स में पश्चिम बंगाल हिंसा की टाइम लाइन
  1. 8 मार्च: मुर्शिदाबाद में पहली बार हिंसा की शुरुआत हुई. वक्फ संशोधन कानून के विरोध में निकली रैली के दौरान हिंसा और आगजनी हुई. पुलिस ने 22 लोगों को गिरफ्तार किया. 8 अप्रैल को जंगीपुर में इंटरनेट सेवा शुक्रवार तक बंद की गई थी.
  2. 11 अप्रैल: मुर्शिदाबाद में फिर हिंसा हुई, जिसमें एक व्यक्ति घायल हुआ था, जिसकी बाद में अस्पताल में मौत हो गई. जंगीपुर और सुती में हिंसक प्रदर्शन हुए और पुलिस ने आंसू गैस के गोले दागे. निमतिता रेलवे स्टेशन पर भीड़ जमा हो गई थी.
  3. 11 अप्रैल: मुर्शिदाबाद के अलावा मालदा, दक्षिण 24 परगना और हुगली जिलों में भी हिंसा भड़क उठी. पुलिस वैन समेत कई वाहनों में आग लगा दी गई, सुरक्षा बलों पर पत्थर फेंके गए और सड़कें जाम कर दी गईं.
  4. 11 अप्रैल: BSF की मदद से हिंसा प्रभावित क्षेत्रों में स्थिति पर काबू पाया गया.
  5. 12 अप्रैल: मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने साफ किया कि वक्फ संशोधन कानून पश्चिम बंगाल में लागू नहीं किया जाएगा, और शांति बनाए रखने की अपील की.
  6. 12 अप्रैल: ADG (लॉ एंड ऑर्डर) जावेद शमीम ने कोलकाता में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बताया कि अब तक हिंसा के सिलसिले में 118 लोगों को गिरफ्तार किया गया है और छापेमारी जारी है. उन्होंने अफवाहों से बचने और शांति बनाए रखने की अपील की.
  7. 12 अप्रैल:मुर्शिदाबाद जिले में हिंसा फिर से भड़की. हिंसक भीड़ ने पिता-बेटे हरगोविंद दास और चंदन दास की पीट-पीटकर हत्या कर दी. ये दोनों हिंदू देवी-देवताओं की मूर्तियां बनाते थे.
  8. 12 अप्रैल: मुर्शिदाबाद में धारा 163 लागू कर दी गई और इंटरनेट सेवा बंद कर दी गई. इस दौरान बड़ी संख्या में सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया गया. भाजपा ने इस मुद्दे पर ममता बनर्जी सरकार से सवाल किए.
  9. 12 अप्रैल: भाजपा नेता और नेता विपक्ष सुवेंदु अधिकारी ने हाई कोर्ट से बांग्लादेश सीमा से सटे मुस्लिम बहुल जिलों में केंद्रीय बलों की तैनाती की मांग की.
  10. 12 अप्रैल: कलकत्ता हाई कोर्ट ने हिंसा प्रभावित क्षेत्रों में केंद्रीय बलों की तैनाती का आदेश दिया.

पश्चिम बंगाल के राज्यपाल सीवी आनंद बोस ने हाई कोर्ट के ऑर्डर पर कहा,

मुझे बताया गया है कि कलकत्ता उच्च न्यायालय ने मुर्शिदाबाद सहित पश्चिम बंगाल के दंगा प्रभावित क्षेत्रों में केंद्रीय बलों की तैनाती का आदेश दिया है. उन क्षेत्रों में शांति बनाए रखने और सामान्य स्थिति लाने के लिए केंद्रीय बलों की तैनाती जरूरी है. मैंने विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं के साथ भी स्थिति पर चर्चा की. मुझे खुशी है कि हाई कोर्ट ने हस्तक्षेप किया और उचित समय पर उचित निर्णय दिया.

हाई कोर्ट के आदेश पर BJP प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर निशाना साधा. उन्होंने कहा,

कलकत्ता हाई कोर्ट से आदेश से तृणमूल कांग्रेस की ममता बनर्जी सरकार को करारा तमाचा पड़ा है. आज ये बात साबित हो गई है कि जो बंगाल में वक्फ के नाम पर हो रहा है, वो 'स्टेट स्पॉन्सर्ड वॉयलेंस' है. वो 'TMC' मतबल 'तुष्टिकरण मुझे चाहिए' का एक परिणाम है.

उन्होंने आगे कहा कि मुस्लिम तुष्टिकरण के जरिए हिंदुओं को निशाना बनाया जा रहा है. हाई कोर्ट का आदेश बताता है कि इन हालात में हाई कोर्ट मूकदर्शक बना नहीं रह सकता है. तीन लोगों को हत्या हो गई है. पूनावाला ने आरोप लगाया कि ममता बनर्जी केवल अपने वोट बैंक को साधना चाहती हैं.

इससे पहले मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने केंद्र के बनाए वक्फ संशोधन कानून से खुद को अलग करते हुए कहा है कि राज्य सरकार इस कानून को लागू नहीं करेगी. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा,

सभी धर्मों के लोगों से मेरी विनम्र अपील है कि कृपया शांत रहें, संयमित रहें. धर्म के नाम पर कोई भी गलत हरकत न करें. हर इंसान की जान की कीमत है. राजनीति के लिए दंगे न भड़काएं. जो लोग दंगे भड़का रहे हैं, वे समाज को नुकसान पहुंचा रहे हैं. याद रखें, जिस कानून के खिलाफ लोग भड़के हुए हैं, वह हमने नहीं बनाया. यह कानून केंद्र सरकार ने बनाया है. इसलिए जो जवाब आप चाहते हैं, वह केंद्र सरकार से मांगा जाना चाहिए. हमने इस मामले में अपनी स्थिति स्पष्ट कर दी है कि हम इस कानून का समर्थन नहीं करते. यह कानून हमारे राज्य में लागू नहीं होगा. तो फिर दंगा किस बात का?

ममता बनर्जी ने शांति और सद्भाव बनाए रखने की अपील करते हुए केंद्र सरकार पर धर्म के नाम पर राजनीति करने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि इस कानून को केंद्र ने पारित किया है, इसलिए जवाब भी वहीं से आना चाहिए.

वीडियो: Waqf Act के लागू होने के बाद पहला जुमा, कहां-कहां हुआ विरोध प्रदर्शन?

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