The Lallantop
Advertisement
  • Home
  • India
  • Allahabad High Court Bar Association opposes transfer of Justice Yashwant Varma

जस्टिस यशवंत वर्मा के ट्रांसफर का विरोध शुरू, इलाहाबाद बार एसोसिएशन ने कहा- 'हम कूड़ेदान नहीं...'

इलाहाबाद हाई कोर्ट बार एसोसिएशन ने जस्टिस यशवंत वर्मा के ट्रांसफर पर कड़ी आपत्ति जताई है. जस्टिस यशवंत वर्मा के बंगले से भारी मात्रा में नकदी बरामद हुई थी, जिसके बाद सुप्रीम कोर्ट के कॉलेजियम ने उनके ट्रांसफर का आदेश जारी किया था.

Advertisement
Justice Yashwant Varma Allahabad High Court Bar Association opposes transfer
जस्टिस यशवंत वर्मा के ट्रांसफर की खबर आते ही इलाहाबाद हाई कोर्ट में उनका विरोध होने लगा है | फोटो: इंडिया टुडे
pic
अभय शर्मा
21 मार्च 2025 (पब्लिश्ड: 05:05 PM IST)
font-size
Small
Medium
Large
font-size
Small
Medium
Large
whatsapp share

दिल्ली हाई कोर्ट के जस्टिस यशवंत वर्मा को इलाहाबाद हाई कोर्ट ट्रांसफर किए जाने के फैसले का विरोध होने लगा है. इलाहाबाद हाई कोर्ट बार एसोसिएशन ने इस ट्रांसफर पर कड़ी आपत्ति जताई है. जस्टिस यशवंत वर्मा के बंगले से भारी मात्रा में नकदी बरामद हुई थी, जिसके बाद सुप्रीम कोर्ट के कॉलेजियम ने उनके ट्रांसफर का आदेश जारी किया था.

इलाहाबाद हाई कोर्ट बार एसोसिएशन ने क्या कहा?

इलाहाबाद हाई कोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष अनिल तिवारी ने बार एंड बेंच से बातचीत में कहा,

Embed

इलाहाबाद हाई कोर्ट बार एसोसिएशन ने इस मामले पर एक एक प्रेस विज्ञप्ति भी जारी की है. इसमें कॉलेजियम के फैसले पर आश्चर्य जताया गया है. 

आगे कहा, 

Embed

बार एसोसिएशन ने आगे कहा,

Embed

बार एसोसिएशन ने अपनी प्रेस विज्ञप्ति में साफ़-साफ लिखा है कि किसी भी हाल में इलाहाबाद हाई कोर्ट में भ्रष्टाचार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. साथ ही ये भी कहा है कि जस्टिस यशवंत वर्मा के घर से 15 करोड़ रुपये मिले हैं.

जस्टिस यशवंत वर्मा के घर कैसे मिला कैश?

इस मामले पर बहस तब शुरू हुई जब जस्टिस यशवंत वर्मा के घर में आग लगी. तब वो शहर में मौजूद नहीं थे. आग बुझाने के लिए जैसे ही बचावकर्मी घर के अंदर घुसे तो उनको भारी मात्रा में कैश दिखा. आला अधिकारियों को इसकी जानकारी दी गई. खबर फैली तो सुप्रीम कोर्ट के कॉलेजियम ने उन्हें दूसरे हाईकोर्ट में ट्रांसफर कर दिया.

इस मामले पर लेटेस्ट अपडेट ये है कि सुप्रीम कोर्ट ने उनके खिलाफ जांच भी शुरू कर दी है. शीर्ष अदालत ने इस मामले में दिल्ली हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश से रिपोर्ट मांगी है. लीगल एक्सपर्ट्स के मुताबिक, जब भी किसी हाई कोर्ट के किसी न्यायाधीश के खिलाफ कदाचार के आरोप लगते हैं, तो उस न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश को एक रिपोर्ट देनी होती है. यदि सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश के खिलाफ आरोप लगते हैं, तो सीधे भारत के मुख्य न्यायाधीश की पहल पर एक इन-हाउस समिति का गठन किया जाता है.

इस बीच ये भी खबर आई है कि जस्टिस वर्मा छुट्टी पर हैं. बार एंड बेंच ने 21 मार्च को रिपोर्ट किया है कि जस्टिस वर्मा आज अपने कोर्ट में नहीं बैठे. उनके सहयोगियों ने कोर्ट को बताया कि वो छुट्टी पर हैं. 

वीडियो: जस्टिस शेखर यादव अब सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की मीटिंग में पहुंचे, क्या फटकार लगाई गई?

Advertisement

Advertisement

()