पढ़िए 'शहंशाह' से अमिताभ के 9 दमदार डायलॉग्स
अपनी रिलीज़ के 30 साल पूरे कर रही है 'शहंशाह'.
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आज से 30 साल पहले रिलीज़ हुई थी अमिताभ की 'शहंशाह'.
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1988 में आई अमिताभ बच्चन की फिल्म 'शहंशाह' ने अपनी रिलीज़ के तीस साल पूरे कर लिए हैं. फिल्म में अमिताभ ने एक ऐसे पुलिसवाले का रोल किया था जो दिन में पुलिस की नौकरी करता है और रात को भेस बदलकर लोगों को न्याय दिलाता है. फिल्म में अमिताभ के साथ मीनाक्षी शेषाद्री और टीनू आनंद भी थे. इस फिल्म की कहानी अमिताभ की पत्नी जया भादुड़ी बच्चन ने इंदर राज आनंद के साथ मिलकर लिखी थी. लेकिन इंदर फिल्म की रिलीज़ से पहले ही गुज़र गए.
फिल्म की शूटिंग से पहले अमिताभ बीमार हो गए थे, इसलिए डायरेक्टर टीनू आनंद को लगा कि उनके रोल को आसान बनाने के लिए कुछ किया जाए. इस कड़ी में उन्होंने फिल्म में अमिताभ के हाथ में पहने जाने वाले गियर का वजन कम करने की बात उनसे कही. अमिताभ ने फौरन मना कर दिया. उनका कहना था कि वजन कम करने से उनके किरदार की बॉडी लैंग्वेज बदल जाएगी और वो नहीं चाहते कि ऐसा हो. अंत में अमिताभ ने उस हैंड गियर को पहनकर फिल्म के सभी एक्शन सीन शूट किए. उस गियर का वजन 18 किलो था. इतनी शिद्दत और मेहनत से बनी ये फिल्म रिलीज़ हुई और अनिल कपूर की 'तेजाब' और आमिर खान की पहली फिल्म 'कयामत से कयामत तक' से तगड़ा कंपटीशन मिलने के बावजूद ब्लॉकबस्टर रही.
पढ़िए 'शहंशाह' फिल्म से अमिताभ के कुछ दमदार डायलॉग्स:
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