भारत ने चीन से रैपिड एंटीबॉडी टेस्ट किट मंगवाने का फैसला बरकरार रखा है. चीन से आरहे रैपिड टेस्ट किट को लेकर सवाल उठ रहे हैं. राजस्थान और पश्चिम बंगाल सरकार नेकिट की एक्यूरेसी पर सवाल उठाए हैं. IMCR ने राज्यों को इनका इस्तेमाल न करने कीसलाह दी है. इसके बाद ICMR अभी इसको लेकर सोच-विचार कर रहा है. विदेश मंत्रालय केप्रवक्ता अनुराग श्रीवास्तव ने मीडिया से बात करते हुए 23 अप्रैल को कहा- पिछले दोहफ्तों में करीब दो दर्जन उड़ानें चीन के पांच शहरों से भारत पहुंचीं, जिनमें कुल400 टन मेडिकल सप्लाई थी. इसमें रियल टाइम पीसीआर किट, रैपिड एंटीबॉडी टेस्ट किट,पीपीई किट और थर्मामीटर जैसे इक्विपमेंट शामिल हैं. चीन से करीब 20 और फ्लाइट आनेवाली हैं. आने वाली महीनों में सप्लाई और बढ़ने की संभावना है. किट की सख्त जांच होरही है इससे पहले 'इंडिया टुडे' ने बताया था कि ICMR चीन से आए एंटीबॉडी टेस्टिंगकिट को लेकर सख्त क्वालिटी जांच कर रहा है. अभी के लिए, भारत ने दो चीनी कंपनी-गुआंगझो वोंडो बायोटेक (3 लाख किट) और झुहाई लिवॉन डायग्नोस्टिक्स (2.5 लाख किट) सेकिट लिए हैं. भारत, चीन के साथ ही और भी देशों से भी टेस्टिंग किट खरीद रहा है.भारत सरकार चीन, दक्षिण कोरिया और सिंगापुर से 37 लाख रैपिड एंटीबॉडी टेस्टिंग किटखरीद रही है. करीब सात लाख किट भारत पहुंच चुकी है. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ताअनुराग ने बताया था कि भारत सिर्फ बाहर से टेस्टिंग किट खरीदने को लेकर नहीं सोचरहा है. 'मेक इन इंडिया' प्रोजेक्ट के तहत भारत एक साउथ कोरियाई कंपनी के साथ मिलकरकिट बनाने को लेकर काम कर रहा है. दक्षिण कोरियाई कंपनी की भारतीय सहायक कंपनी नेहरियाणा के मानेसर में हर हफ्ते पांच लाख कोरोना वायरस रैपिड एंटी-बॉडी टेस्टिंगकिट के उत्पादन की शुरुआत कर रही है. प्रवक्ता का कहना है कि जल्द ही इसकाप्रोडक्शन बढ़ाया जाएगा और दूसरे देशों में भी इसकी सप्लाई होगी. ICMR ने 21 अप्रैलको कहा था कि अगले दो दिनों में वो अपनी आठ टीमें भेजेगी. ये फील्ड में जाकर टेस्टकिट के रिजल्ट की जांच करेंगी. ऐसे में अगले दो दिन तक यह टेस्ट किट इस्तेमाल नकरने की सलाह दी जाती है. दो दिन बाद रिजल्ट के हिसाब से एडवाइजरी जारी की जाएगी.अगर टेस्ट किट के बैच में दिक्कत है, तो कंपनी से बात की जाएगी. रैपिड टेस्ट सेजल्दी आते हैं नतीजे कोरोना वायरस की जांच के लिए RT-PCR टेस्ट सबसे पुख्ता तरीकाहै. RT-PCR टेस्ट से जो नतीजे आने में घंटों लग जाते हैं, रैपिड एंटी बॉडी टेस्टमें वो बात मिनटों में पता चल जाती है. RT-PCR टेस्ट के लिए मुंह और नाक से सैंपललिया जाता है. वहीं रैपिड टेस्ट में खून से कोरोना का पता लगाया जाता है.--------------------------------------------------------------------------------RT-PCR और रैपिड एंटीबॉडी टेस्ट को आसान भाषा में समझने के लिए यहां क्लिक करें --------------------------------------------------------------------------------विडियो- साइंसकारी: आधार कार्ड की फोटोकॉपी वाले उदाहरण से समझिए, कई घंटे में होनेवाला कोरोना टेस्ट मिनटों में कैसे होगा