उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी (सपा) की हार के बाद पार्टी केमुखिया अखिलेश यादव का पहला रिएक्शन का आया है. समाजवादी पार्टी के नेता ने इननतीजों को भी सकारात्मक ढंग से लेने की बात कही है. शुक्रवार, 11 मार्च की सुबहअखिलेश यादव ने अपने एक ट्वीट में लिखा, 'उत्तर प्रदेश की जनता को हमारी सीटें ढाईगुनी व मत प्रतिशत डेढ़ गुना बढ़ाने के लिए हार्दिक धन्यवाद. हमने दिखा दिया है किभाजपा की सीटों को घटाया जा सकता है. भाजपा का ये घटाव निरंतर जारी रहेगा. आधे सेज़्यादा भ्रम और छलावा दूर हो गया है बाकी कुछ दिनों में हो जाएगा. जनहित का संघर्षजीतेगा!'उप्र की जनता को हमारी सीटें ढाई गुनी व मत प्रतिशत डेढ़ गुना बढ़ाने के लिएहार्दिक धन्यवाद!हमने दिखा दिया है कि भाजपा की सीटों को घटाया जा सकता है। भाजपा का ये घटाव निरंतरजारी रहेगा।आधे से ज़्यादा भ्रम और छलावा दूर हो गया है बाकी कुछ दिनों में होजाएगा।जनहित का संघर्ष जीतेगा!— Akhilesh Yadav (@yadavakhilesh) March 11, 20222017 के मुकाबले 2022 के चुनाव में बड़ी कामयाबी यूपी चुनाव में BJP की बड़ी जीत केबाद भी अखिलेश यादव की इस प्रतिक्रिया से एक बात साफ है कि वह वोट प्रतिशत और सीटोंमें इजाफे को लेकर संतुष्ट हैं. 2017 के विधानसभा चुनाव में सपा को महज 47 सीटेंमिली थीं, जबकि इस बार के चुनाव में सपा गठबंधन को 125 और सपा को 111 सीटें मिलीहैं. 2017 के चुनाव के मुकाबले समाजवादी पार्टी के वोट प्रतिशत में बड़ा इजाफा हुआहै. पिछले विधानसभा चुनाव में उसे करीब 21 फीसदी वोट मिला था, जबकि इस बार उसका वोटप्रतिशत 32 फीसदी से ज्यादा रहा है. यानी साफ है कि सपा ने वोट प्रतिशत के मामलेमें बड़ी सफलता हासिल की है, लेकिन यह वोट प्रतिशत सीटों में तब्दील नहीं हो सका,जिस वजह से वह सत्ता से दूर रह गई.अखिलेश यादव2012 में 29 फीसदी वोट मिलने पर ही सपा की बन गई थी सरकार सपा के राष्ट्रीय अध्यक्षअखिलेश यादव इस बार के चुनाव नतीजों से इसलिए भी संतुष्ट नजर आए क्योंकि समाजवादीपार्टी को 2012 के चुनाव में 2022 से भी कम वोट मिले थे और तब उसने सूबे में सरकारबना ली थी. 2012 में सपा का वोट शेयर 29 फीसदी था और उसने 224 सीटों पर जीत हासिलकी थी. यही वजह है कि इस बार सपा भले ही सरकार नहीं बना पाई, लेकिन बढ़े वोट शेयरको वह भविष्य की अपनी उम्मीदों के तौर पर देख रही है.हालांकि, इस चुनाव में BJP का वोट शेयर सपा के मुकाबले काफी ज्यादा रहा है, इस बारबीजेपी को 41 फीसदी से ज्यादा वोट मिले हैं. सीटों की बात करें तो इस चुनाव मेंबीजेपी को 255 और उसके गठबंधन को 273 सीटों पर जीत मिली है. वहीं, बसपा का मतप्रतिशत जो 2012 के विधानसभा चुनाव में 25 फीसदी और 2017 के चुनाव में 22 फीसदी था,इस बार घटकर महज 12.9 फीसदी रह गया. बतादें, बसपा को इस चुनाव में महज एक सीट मिलीहै.