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5 सालों में NEET समेत कितनी परीक्षाओं के पेपर लीक हुए? ये संख्या अभ्यर्थियों का दर्द समझा देगी

आंकड़ों के विश्लेषण से पता चलता है कि पिछले पांच सालों में जिन परीक्षाओं के पेपर लीक हुए, उनसे इस दौरान 3 लाख सरकारी पदों पर भर्तियां होनी थीं.

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Paper leak protest
NEET UG 2024 में पेपर लीक के खिलाफ भोपाल में छात्रों का प्रदर्शन. (फोटो- पीटीआई)
26 जून 2024
Updated: 26 जून 2024 19:34 IST
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NEET-UG पेपर लीक. UGC NET पेपर लीक. CSIR UGC NET पेपर लीक. लीक, लीक, लीक और परीक्षाएं रद्द या स्थगित. पिछले कई दिनों से परीक्षाओं के पेपर लीक को लेकर खूब हंगामा हुआ. इन हंगामों के बीच इंडिया टुडे ने एक रिपोर्ट छापी है कि पिछले 5 सालों में कम से कम 65 परीक्षाओं के पेपर लीक हुए हैं. यह रिपोर्ट अलग-अलग मीडिया रिपोर्ट्स, FIRs, आरोपियों की गिरफ्तारी, परीक्षा रद्द जैसे पब्लिक रिकॉर्ड्स से तैयार की गई है.

इंडिया टुडे से जुड़े शुभम तिवारी और बिदिशा साहा ने अलग-अलग डेटा को इकट्ठा कर ये रिपोर्ट तैयार की है. इसके मुताबिक हालिया NEET-UG परीक्षा के अलावा पिछले पांच सालों में चार और राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं के पेपर लीक हुए हैं. इनमें 2021 में भारतीय सेना की सामान्य प्रवेश परीक्षा, 2021 की JEE मेन्स, 2021 की NEET UG और केंद्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा (CTET) 2023 शामिल हैं.

रिपोर्ट बताती है कि इन पांच सालों में सबसे ज्यादा पेपर लीक 2021 में हुए. उस साल 17 परीक्षाओं के अभ्यर्थियों के साथ ऐसी धोखाधड़ी हुई. 2019 में 9, 2020 में 12, 2022 में 11, 2023 में 12 और 2024 में अब तक 5 परीक्षाओं के पेपर लीक हो चुके हैं. ये लीक कुल 19 राज्यों से हुए हैं. आंकड़ों के विश्लेषण से पता चलता है कि जिन परीक्षाओं के पेपर लीक हुए, उनसे इस दौरान 3 लाख सरकारी पदों पर भर्तियां होनी थीं.

सबसे ज्यादा पेपर लीक UP में

इंडिया टुडे की इसी रिपोर्ट से पता चलता है कि सबसे ज्यादा आठ पेपर लीक की घटनाएं उत्तर प्रदेश में दर्ज की गईं. इसके बाद राजस्थान और महाराष्ट्र में सात ऐसे मामले सामने आए. बिहार में छह, गुजरात और मध्य प्रदेश में चार-चार पेपर लीक हुए. वहीं हरियाणा, कर्नाटक, ओडिशा और पश्चिम बंगाल से तीन-तीन ऐसे केस सामने आए. दिल्ली, मणिपुर और तेलंगाना में दो-दो घटनाएं दर्ज की गईं. हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर, झारखंड और नागालैंड से एक-एक केस आए. पेपर लीक के ये मामले एक जनवरी 2019 और 25 जून 2024 के बीच के हैं.

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इनमें से 45 परीक्षाएं अलग-अलग सरकारी पदों की भर्ती के लिए हुई थीं. लेकिन इनमें कम से कम 27 परीक्षाएं या तो रद्द हुईं या स्थगित कर दी गईं. वहीं कम से कम 17 परीक्षाएं राज्य बोर्ड या यूनिवर्सिटी की थीं, जिनमें पेपर लीक हुए.

पेपर लीक के खिलाफ कानून लागू हुआ

पेपर लीक पर हुए हालिया विवादों के बीच 24 जून को केंद्र सरकार ने पेपर लीक के खिलाफ बने कानून को लागू किया था. पब्लिक एग्जामिनेशन बिल, 2024 इसी साल लोकसभा से 6 फरवरी और राज्यसभा से 9 फरवरी को पास हुआ था. 12 फरवरी को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने इस बिल को मंजूरी दी थी, जिसके बाद यह कानून बन गया था.

इस कानून का मकसद केंद्रीय एजेंसियों जैसे UPSC, NTA, SSC, रेलवे भर्ती बोर्ड द्वारा कराए जाने वाली परीक्षाओं में पेपर लीक, नकल या दूसरी तरह की गड़बड़ियों को रोकना है. कानून के तहत नकल या गड़बड़ी करने वाले व्यक्ति को तीन से पांच साल की सजा दी जा सकती है. वहीं, संगठित तरीके से ऐसे अपराध में शामिल लोगों को 10 साल की सजा और कम से कम एक करोड़ रुपये जुर्माने का प्रावधान है.

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