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साथ में काम करने वालों ने सोशल मीडिया पर ट्रोल कर रखा है? ऐसे इलाज कर दीजिए

हो सकता है कि वो मजाक करते हों, लेकिन कई बार ये हद से ज्यादा बढ़ जाता है.

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ट्रोल करने का ये भी तरीका (image-pexels)

हजारों किलोमीटर दूर से सोशल मीडिया पर ट्रोल या फिर डिवाइस के साथ छेड़छाड़ के क़िस्से तो आपने सुने ही होंगे. शायद इनसे कभी आपका वास्ता भी पड़ा हो. लेकिन कोई आपके साथ रहते हुए, मसलन आपके ऑफिस में, आपके घर में ऐसा करे तो? क्या आपने कभी ऐसा अनुभव किया है? एक उदाहरण और लेते हैं. आप ऑफिस में अपना सिस्टम छोड़कर कॉफी लेने जाते हैं और जब लौटकर आते हैं, तो पता चलता है कि आपके सोशल मीडिया हैंडल से कोई बेकार सी पोस्ट कर दी गई है. हो सकता है कि ये सिर्फ एक मजाक हो, लेकिन जब ये हद से ज्यादा बढ़ जाए तो ये एक किस्म की ट्रोलिंग है. इसका नाम है Tailgating.

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आसान भाषा में कहें तो किसी दूसरे व्यक्ति का आपके स्मार्टफोन या दूसरे डिवाइस पर कब्जा. Tail मतलब पूंछ, लेकिन यहां इसका मतलब आपके पीछे खड़े व्यक्ति से है. अब वो जस्ट आपके पीछे हो सकता है या फिर थोड़ा दूर से तांक-झांक कर सकता है. वैसे Tailgating की भी एक पूंछ है. ये भी दो प्रकार से होती है. Tailgating, मतलब आपके ऑफिस का कोई सहकर्मी, दोस्त या कोई तकनीक में माहिर आदमी ऐसा करे. 

दूसरा है Piggybacking. मतलब कोई ऐसा आदमी जिसका आपके ऑफिस या घर पर कभी-कभार आना हो. ये पिगी बैंक से लिया शब्द है. जैसे उसमें थोड़ा-थोड़ा करके पैसे डालते हैं, वैसे Piggybacking करने वाले थोड़े-थोड़े वक्त में आपके आसपास आकर इस प्रकार की हरकतें करते हैं. वैसे ये वो लोग भी हो सकते हैं, जिनको किसी तीसरे व्यक्ति द्वारा पैसे का लालच देकर या डरा-धमकाकर ऐसा करने के लिए कहा गया हो.

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Tailgating होती कैसे है?

अगर ऐसा कुछ आपके साथ हुआ है, तो आप Tailgating वाली साइबर ट्रोलिंग या ऑनलाइन एब्यूज का शिकार हैं. Tailgating होती कैसे है, वो भी बता देते हैं. शायद आपका स्मार्टफोन किसी के पास था या फिर आपका लैपटॉप खुला हुआ था. किसी भी बहाने से आपका आईडी कार्ड इधर-उधर हुआ हो. कोई भी तरीका, जिससे आपकी निजी जानकारी चुराई जा सके. अगर आपको लगता है कि कुछ मिनटों में कोई क्या ही कर लेगा, तो इतना जान लीजिए कि सैमसंग गैलक्सी स्मार्टफोन को सिर्फ 55 सेकंड में हैक किया जा सकता है. इसलिए मुगालते में मत रहिए.

बचने के तरीके वही पुराने हैं, जो हमने आपको पहले भी बताए हैं. स्मार्टफोन और लैपटॉप में मजबूत पासवर्ड रखिए और जब इस्तेमाल नहीं कर रहे तब लॉक रखिए. लैपटॉप में स्क्रीन लॉक करने में आलस आता है तो विंडोज +L आपके काम आएगा. वैसे स्मार्टफोन से कनेक्ट करके आटो लॉक फीचर भी इस्तेमाल कर सकते हैं. बात घर की है, तो साइबर सेल में जा सकते हैं और मामला ऑफिस का है तो वहां की IT टीम आपकी मदद कर सकती है.   

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