RCB IPL 2024 से बाहर हो गई है. एलिमिनेटर में उन्हें राजस्थान रॉयल्स ने चार विकेट से मात दी. RR की तरफ से ओपनर यशस्वी जायसवाल ने 30 गेंदों पर 45 रन बनाए. वहीं रियान पराग ने 26 गेंदों पर 36 और शिमरॉन हेटमायर ने 14 गेंदों पर 26 रन जोड़े. हालांकि, इन सभी के बीच चर्चा RR के ओपनर Tom Kohler-Cadmore की ज्यादा हो रही है. मैच में उन्होंने 15 गेंदों पर 20 रन बनाए, लेकिन उनकी कॉलर में लगा एक डिवाइस चर्चा का विषय बना हुआ है.
RR के Kohler-Cadmore सिर्फ 20 रन बनाने के बाद भी मैच की महफिल कैसे लूट ले गए?
RR के ओपनर Kohler-Cadmore गले में या कहें कॉलर पर एक डिवाइस पहने हुए थे. इंटरनेट पर जब हमने इसके बारे में जानकारी खंगालना चालू किया तो पता चला कि इस डिवाइस का नाम Q-Collar है. जब नाम में ही Q है तो क्वेश्चन उठना लाजमी है कि आखिर ये क्या बला है?

दरअसल, Kohler-Cadmore कॉलर पर एक डिवाइस पहने हुए थे. इंटरनेट पर जब हमने इसके बारे में जानकारी खंगालना चालू किया तो पता चला कि इस डिवाइस का नाम Q-Collar है. जब नाम में ही Q है तो क्वेश्चन उठना लाजमी है कि आखिर ये क्या बला है? क्यों पहना था? वगैरा-वगैरा. जवाब बताते हैं.
क्या है क्यू कॉलर?Kohler-Cadmore पिछले साल भी Hundred 2023 गेम में इस डिवाइस को पहने स्पॉट हुए थे. गले में पहना जाने वाला डिवाइस जो एथलीट्स को मस्तिष्क की चोट से बचाने में मदद करता है. डिवाइस गले की नसों पर हल्का प्रेशर डालता है. यही दबाव सिर के अंदर ब्लड सर्कुलेशन को थोड़ा सा तेज करता है और मस्तिष्क की गति को कम करने में मदद करता है, यही गति जो मस्तिष्क की चोट का प्राथमिक कारण है.
अमेरिका की नेशनल फुटबॉल लीग जिसे NFL के नाम से जानते हैं, उसके कई एथलीट इस डिवाइस को पहने नजर आते हैं. अमेरिकी कंपनी Q30 इस प्रोडक्ट को बनाती है. वैसे इस प्रोडक्ट ने दुनिया का ध्यान तब खींचा जब Los Angeles Chargers के Drue Tranquill साल 2022 में इसे पहने नजर आए. Drue Tranquill को साल 2021 में खेल के दौरान सिर पर चोट लगी थी और उनको NFL के कनकशन ऑब्जर्वेशन प्रोग्राम में शामिल होना पड़ा था.

ये भी पढ़ें: कोई तो बीमारी... RCB को हराकर ड्रेसिंग रूम पर क्या बता गए संजू सैमसन?
साल 2021 में ही एक और खिलाड़ी Michael Sowers को जब डॉक्टर्स ने चोट की वजह से रिटायर होने की सलाह दी तो George Washington University में न्यूरोसर्जन डॉक्टर Dr. Wayne Olan ने उन्हें Q-Collar पहनने की सलाह दी. Michael Sowers इसके बाद इस डिवाइस को मैदान पर पहने नजर आए. डिवाइस अमेरिका के फ़ूड एण्ड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) से भी अप्रूव है. लेकिन डिवाइस वाकई में कितना काम करता है, उसको लेकर एक्सपर्ट में मतभेद है.
मसलन, The New York Times में छपी एक स्टडी के मुताबिक, इस डिवाइस के पहनने से खिलाड़ियों के लापरवाह होने का अंदेशा है. खिलाड़ी इसके बाद मस्तिष्क से जुड़ी इंजरी को शायद गंभीरता से ना लें. High Point University में साइकोलॉजी के प्रोफेसर James Smoliga के मुताबिक,
इस तरह के उपकरण के साथ खतरा यह है कि लोग अधिक सुरक्षित महसूस करेंगे और अलग तरह से खेलेंगे और अलग तरह से व्यवहार करेंगे.
मतलब कि एक्सपर्ट के बीच 'मुंडे मुंडे मतिर्भिन्ना' जैसा हाल है. बोले तो जितने मस्तिष्क उतनी मति.
सानु कि, अपन को एक दिलचस्प गजेट दिखाई दिया तो बात करना बनता है. जाते-जाते कीमत भी जान लीजिए जो वाकई में चौकने वाली है. सिर्फ 199 डॉलर मतलब 16,572 रुपये.
बाकी स्पोर्ट्स से जुड़ी हर खबर के लिए हमारे स्पोर्ट्स सेक्शन को और यूट्यूब undefined को मस्तिष्क में जरूर बिठा कर रखिए.
वीडियो: 'हम वही बोलते हैं जो दिखता है', गावस्कर ने विराट और स्टार स्पोर्ट्स को एक साथ सुना डाला!











