आठ साल का एक लड़का. इंडियन जिमखाना टीम की तरफ से हाथ में बल्ला थामे मैदान पर उतरता है. इस देश के हर उस लड़के की तरह जिसका सपना है कि एक दिन इंडिया के लिए खेलना है. ऐसे ही सपने के साथ वो लड़का सिर्फ 46 गेंदों में शतक लगा जाता है. वो लड़का उन गेंदबाजों की गेंद पर छक्के मारता है, जो उससे लंबाई और उम्र में दोगुने हैं. भले ही ऐसी पारियों को बहुत ज़्यादा लाइमलाइट नहीं मिलती. ऐसी पारियों को अखबारों में सुर्खियां भी नहीं मिलती. लेकिन क्रिकेट को समझने वाले मानेंगे कि ये एक हिम्मत वाली पारी रही होगी. देखें वीडियो.
श्रेयस अय्यर के पिता ने कैसे की श्रेयस की टीम इंडिया तक पहुंचने में मदद
अय्यर को भारत का 303वां टेस्ट क्रिकेटर बनने का मौका मिला है.
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