क्रिकेट. हमारे देश में तो एकदम पॉपुलर खेल है. छोटे सा छोटा मैच हो या एकदम हाई वोल्टेज मुकाबला. जनता टकटकी लगाकर हर मैच देखती है. टीवी पर ना देख पाए तो ऑनलाइन वेबसाइट या एप्लिकेशन पर स्कोर देखती है. वहां कमेंट्री पढ़ती है. मुझे याद है कि मैं दसवीं में था. कस्बे में रहता था. वहां लाइट की काफी समस्या थी. हर बार टीवी पर मैच देख पाना पॉसिबल नहीं हो पाता था. ऐसे में क्रिकइन्फो और क्रिकबज जैसी वेबसाइट्स ही मेरा सहारा थीं. यहां कमेंट्री पढ़कर लगता था कि मैच ही देख रहा हूं. देखिए वीडियो.
ESPN क्रिकइन्फो ने महिलाओं के हित में ऐसा क्या किया कि उससे भयंकर बवाल मच गया?
लोगों के अंदर जिनती कुंठा हो सकती थी, उन्होंने उतनी उलेड़ दी.
Advertisement
Add Lallantop as a Trusted Source

Advertisement
Advertisement

.webp?width=80)











.webp?width=275)
.webp?width=275)


.webp?width=120)

.webp?width=120)



