भारत के स्टार खिलाड़ी नीरज चोपड़ा (Neeraj Chopra) ने वर्ल्ड चैंपियनशिप (World Championship) में शानदार शुरुआत की है. जैवलिन थ्रो इवेंट के क्वालिफाइंग राउंड में नीरज ने महज एक थ्रो के साथ ही फाइनल में जगह पक्की की. फाइनल के लिए 84.5 मीटर क्वालिफाइंग मार्क था. डिफेंडिंग चैंपियन नीरज ने अपना पहला थ्रो ही 84.84 मीटर का फेंका और सीधे फाइनल में एंट्री की. नीरज के लिए खास पास यह है कि वर्ल्ड चैंपियनशिप इवेंट उसी स्टेडियम में है, जहां उन्होंने 2021 में ओलंपिक गोल्ड मेडल जीता था.
World Championship: नीरज चोपड़ा ने फाइनल के लिए किया क्वालिफाई, महज एक ही थ्रो की जरूरत पड़ी
भारत के नीरज चोपड़ा मौजूदा वर्ल्ड चैंपियन हैं. उन्होंने 2023 में बुडापेस्ट में हुई वर्ल्ड चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल जीता था. इस बार उनपर खिताब डिफेंड करने का दबाव होगा.
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नीरज ग्रुप ए में शामिल थे. उनके अलावा इस ग्रुप में भारत के ही सचिन यादव वर्ल्ड लीड हासिल कर चुके जूलियन वेबर, ओलंपिक मेडलिस्ट याकुब वालडेक भी शामिल थे. वर्ल्ड लीड का मतलब साल में किसी एथलीट की तरफ से किया गया बेस्ट प्रदर्शन होता है. वेबर शुरुआत में लय में नहीं दिखे. वो अपने पहले थ्रो के साथ क्वालिफाई नहीं कर पाए. उन्हें टोक्यो की गर्मी परेशान कर रही थी. हालांकि दूसरे थ्रो में 87.21 मीटर की दूरी पार करके उन्होंने भी फाइनल में जगह पक्की. नियमों के मुताबिक जो खिलाड़ी 84.50 मीटर की दूरी तक पहुंचेंगे या सर्वश्रेष्ठ 12 खिलाड़ी 18 सितंबर को होने वाले फाइनल में जगह बनाएंगे.
नीरज चोपड़ा के ग्रुप में सचिन यादव भी शामिल थे. हालांकि वो सीधे एंट्री हासिल नहीं कर सके. उन्होंने पहले थ्रो में 80.16 मीटर, दूसरे थ्रो में 83.67 मीटर और आखिरी थ्रो में 82.63 मीटर का थ्रो किया. वहीं नीरज के ग्रुप में शामिल डेविड वेगनर ने अपना बेस्ट प्रदर्शन करते हुए 85.67 मीटर का थ्रो किया. ग्रुप बी में पाकिस्तान के ओलंपिक चैम्पियन अरशद नदीम, एंडरसन पीटर्स, जूलियस येगो, रोहित यादव ,यशवीर सिंह भी हैं. पेरिस ओलंपिक 2024 के बाद चोपड़ा का सामना पहली बार नदीम से होगा. नदीम ने पेरिस ओलंपिक में 92.97 का थ्रो फेंककर स्वर्ण जीता था जबकि टोक्यो ओलंपिक चैम्पियन चोपड़ा 89 . 45 मीटर के साथ दूसरे स्थान पर रहे थे.
चोपड़ा की नजरें वर्ल्ड चैम्पियनशिप गोल्ड बरकरार रखने वाले तीसरे जैवलिन थ्रो खिलाड़ी बनने पर लगी होंगी. चोपड़ा के मौजूदा कोच चेक गणराज्य के जेन जेलेज्नी (1993 और 1995) और ग्रेनाडा के एंडरसन पीटर्स (2019 और 2022) ही यह कमाल कर चुके हैं. बुडापेस्ट विश्व चैंपियनशिप में चोपड़ा ने 88.17 मीटर भाला फेंककर गोल्ड मेडल जीता था. ओलंपिक चैंपियन नदीम तब 87.82 मीटर के थ्रो के साथ दूसरे नंबर पर रहे थे. वहीं वाडलेज 86.67 मीटर के साथ ब्रॉन्ज मेडल जीतने में कामयाब रहे थे.
नीरज के लिए ये साल भी खास रहा है क्योंकि उन्होंने इसी साल पहली बार 90+ मीटर का थ्रो किया. चोपड़ा ने मई में दोहा डायमंड लीग में 90.23 मीटर थ्रो के साथ प्रतिष्ठित 90 मीटर का आंकड़ा पार किया था. हालांकि इस साल बाकी इवेंट वो कुछ खास नहीं कर पाए थे. वह दो इवेंट में 85 मीटर की दूरी पार करने में असफल रहे थे. इस वर्ष उनका दूसरा सर्वश्रेष्ठ थ्रो 88.16 मीटर था. वेबर को इस साल गोल्ड का सबसे बड़ा दावेदार माना जा रहा है. इस जर्मन खिलाड़ी ने इस साल तीन बार 90 मीटर से ज़्यादा का थ्रो किया है. पिछले महीने उन्होंने नीरज चोपड़ा को हराकर डायमंड लीग ट्रॉफी भी अपने नाम की थी.
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