दो बार के ओलंपिक मेडलिस्ट नीरज चोपड़ा (Neeraj Chopra) ने कुछ दिन पहले बड़ा एलान किया. उन्होंने बताया कि 10 साल से उन्हें मैनेज कर रही कंपनी के साथ उनका सफर खत्म हो गया है. इसके साथ ही नीरज ने एक और एलान किया. नीरज ने अपनी खुद की एथलीट मैनेजमेंट कंपनी ‘Vel Sports’ की शुरुआत की. इंस्टाग्राम पर उन्होंने इस बारे में विस्तार में बताया. इस एलान के बाद लोगों के दिल में यह सवाल उठ रहा है कि आखिर नीरज चोपड़ा ने अपनी कंपनी का नाम ‘वेल स्पोर्ट्स’ क्यों रखा है? नीरज ने यह नाम यूं ही नहीं रखा है. इसके पीछे एक बेहद खास कारण है.
नीरज चोपड़ा की कंपनी के नाम का भगवान शिव के पुत्र से क्या कनेक्शन है?
आमतौर पर खिलाड़ी अपने वेंचर्स का नाम अपने नाम पर या अपने किसी खास शख्स के नाम पर रखते है. जैसे विराट कोहली फाउंडेशन, सचिन तेंदुलकर फाउंडेशन. लेकिन नीरज की कंपनी के नाम का कनेक्शन उसी चीज से है जिसने उन्हें दुनिया में इतनी कामयाबी और लोकप्रियता दिलाई है.


आमतौर पर खिलाड़ी अपने वेंचर्स का नाम अपने नाम पर या अपने किसी खास शख्स के नाम पर रखते हैं. जैसे विराट कोहली फाउंडेशन, सचिन तेंदुलकर फाउंडेशन. लेकिन, नीरज की कंपनी के नाम का कनेक्शन उसी चीज से जुड़ा हुआ है, जिसने उन्हें दुनिया में इतनी कामयाबी और लोकप्रियता दिलाई है. हम आपको बताते हैं कि नीरज के लिए 'वेल' शब्द इतना खास क्यों है.
नीरज ने क्यों चुना ‘वेल’ नामवेल शब्द का ताल्लुक हिंदू पौराणिक कथाओं से है. भगवान शिव के दो बेटे थे. गणेश और कार्तिकेय. दक्षिण भारत में कार्तिकेय को काफी पूजा जाता है और उन्हें ‘मुरुगन’ कहा जाता है. मुरुगन का दिव्य शस्त्र भाला है, जिसे वह हमेशा अपने साथ रखते हैं. माना जाता है कि उन्हें यह शस्त्र उनकी मां और हिंदू देवी पार्वती ने दिया था. इस शस्त्र को ‘वेल’ कहा जाता है. इसे पार्वती की शक्ति का प्रतीक माना जाता है. स्कंद पुराण के मुताबिक, कार्तिकेय ने इसी शस्त्र के साथ सुरपद्मन नाम के राक्षस को हराया था. इस शस्त्र को ज्ञान का भी प्रतीक माना जाता है जो कि अज्ञानता का अंधेरा खत्म करता है.
सूत्रों ने बताया कि नीरज भी एक भाला फेंकने वाले खिलाड़ी हैं और इसी कारण उन्होंने अपनी मैनेजमेंट कंपनी के लिए ‘वेल’ नाम रखने का फैसला किया है. इसका सीधा कनेक्शन नीरज और उनके खेल से है. यह भी बताया जा रहा है कि नीरज पहले भारत में होने वाले जैवलिन के अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट का नाम भी 'वेल क्लासिक' रखना चाहते थे. हालांकि, इसे फिर नीरज चोपड़ा क्लासिक नाम से बेंगलुरु से आयोजित किया गया.

ये भी पढ़ें : कोहली से क्यों चिढ़ते हैं मांजरेकर? रूट, स्मिथ और विलियमसन के तो कसीदे पढ़ते हैं
नीरज का विजन था ‘वेल स्पोर्ट्स’नीरज ने वेल स्पोर्ट्स के बारे में बताते हुए लिखा,
यह प्लेटफॉर्म मेरी वैल्यू, मेरी आकाउंटबिलिटी और खेल को लेकर मेरे विजन को दर्शाता है. मैं 2023 से इस तरह के प्लेटफॉर्म के बारे में सोच रहा था. हमारे प्लेटफॉर्म में खिलाड़ियों को आगे रखा जाएगा और उनके साथ पार्टनरशिप नहीं एक कमिटमेंट होगी.

इसके साथ ही नीरज ने यह भी एलान किया कि वह अपनी फाउंडेशन की भी शुरुआत कर रहे हैं. उन्हें जो प्यार मिला है, वह उसे अपने लोगों को लौटाना चाहते हैं. उन्हें अपने सफर में एहसास हुआ कि उन्हें इस तरह के प्लेटफॉर्म की जरूरत थी. अब जब वह इस स्थिति में हैं कि आने वाली पीढ़ी के लिए कुछ कर सकें तो वह पीछे नहीं हटना चाहते.
वीडियो: बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड की मीटिंग में क्या फैसला लिया गया?











.webp?width=275)
.webp?width=275)






.webp?width=120)

.webp?width=120)
.webp?width=120)