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विनेश फोगाट को डिसक्वालिफाई किए जाने पर भारत ने क्या किया? खेल मंत्री ने बताया

केंद्रीय खेल मंत्री मनसुख मंडाविया ने लोकसभा में बताया कि भारत सरकार ने Vinesh Phogat की हरसंभव मदद की, उनके लिए पर्सनल स्टाफ भी नियुक्त किए गए, जो अपने क्षेत्र के विशेषज्ञ हैं. उनके साथ हंगरी के विख्यात कोच और फिजियो हमेशा रहते हैं.

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केंद्रीय खेल मंत्री मनसुख मंडाविया ने विनेश फोगाट पर लोकसभा में बयान दिया. (फ़ोटो/PTI)

केंद्रीय खेल मंत्री मनसुख मंडाविया ने पहलवान Vinesh Phogat को Paris Olympic 2024 में अयोग्य ठहराए जाने पर बयान दिया है. उन्होंने लोकसभा में बताया कि भारतीय ओलंपिक संघ (IOA) ने इस मामले पर यूनाइटेड वर्ल्ड रेसलिंग के समक्ष कड़ा विरोध दर्ज कराया है. मंडाविया ने ये भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने विनेश फोगाट मामले पर भारतीय ओलंपिक संघ की अध्यक्ष पीटी उषा से बात की है. उन्होंने बताया कि स्पेन में ट्रेनिंग सेशन में जाने के लिए और ओलंपिक से पहले तैयारी में जाने के लिए भी फंडिंग की गई थी.

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7 अगस्त को 50 किलोग्राम वर्ग के कुश्ती इवेंट के फाइनल मुकाबले से पहले विनेश फोगाट को अयोग्य घोषित कर दिया गया. उनका वजन तय मानकों से कुछ ज्यादा पाया गया था. विनेश ने फाइनल मुकाबले से पहले वजन कम करने की बहुत कोशिश की, लेकिन वो सफल नहीं हो पाईं.

खेल मंत्री मनसुख मंडाविया ने लोकसभा में कहा,

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"7 अगस्त को 7 बजकर 15 मिनट पर विनेश का वजन लिया गया. विनेश का वजन 50 किलो से 100 ग्राम ज्यादा पाया गया. इसलिए उन्हें स्पर्धा के लिए अयोग्य घोषित कर दिया गया. भारतीय ओलंपिक संघ ने अंतर्राष्ट्रीय ओलंपिक समिति के समक्ष कड़ा विरोध दर्ज किया है. भारतीय ओलंपिक संघ की अध्यक्ष पीटी उषा पेरिस में हैं. प्रधानमंत्री ने उनसे बात की है और उन्हें आवश्यक कार्रवाई करने के लिए कहा है."

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मंडाविया ने आगे कहा कि विनेश 6 अगस्त को तीन मुकाबले जीतकर फाइनल में पहुंचने वाली पहली महिला पहलवान बनीं. उन्होंने बताया कि भारत सरकार ने विनेश फोगाट की हरसंभव मदद की, उनके लिए पर्सनल स्टाफ भी नियुक्त किए गए, जो अपने क्षेत्र के विशेषज्ञ हैं. उनके साथ हंगरी के विख्यात कोच और फिजियो हमेशा रहते हैं.

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उन्होंने ट्रेनिंग और वित्तीय मदद को लेकर आगे कहा,

"विनेश को पेरिस ओलपिंक गेम्स के लिए कुल 70 लाख 45 हजार 775 रुपये की वित्तीय सहायता दी गई है. वो जब हंगरी गई थीं तो उसके लिए भी सरकार ने पूरी व्यवस्था की थी. बुल्गारिया बुडापेस्ट में आर्थिक सहायता प्रदान की गई. टोक्यो ओलंपिक में 1 करोड़ 13 लाख 294 रुपये खर्च किए गए. ACTC (एनुअल कैलेंडर फॉर ट्रेनिंग एंड कॉम्पिटिशन) के तहत 17.10 लाख और टॉप्स के तहत 53.35 लाख रुपये खर्च किए गए."

Vinesh Phogat का सनसनीखेज प्रदर्शन

फाइनल में विनेश फोगाट का मुकाबला अमेरिका की सारा हिल्डेब्रांट से होना था. इस अमेरिकी रेसलर के खिलाफ विनेश का रिकॉर्ड अच्छा रहा है. ऐसे में संभावनाएं थीं कि विनेश पेरिस से ओलंपिक्स गोल्ड लेकर भारत वापस लौटेंगीं. हालांकि, अब उन्हें खाली हाथ वापस लौटना पड़ेगा.

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इससे पहले, विनेश फोगाट ने इस ओलंपिक्स टूर्नामेंट में अपने पहले ही मुकाबले में सनसनी मचा दी थी. उन्होंने 4 बार की विश्व विजेता और डिफेंडिंग ओलंपिक्स चैंपियन जापान की सुइ सुसाकी को हराया था. इसके बाद उन्होंने क्वार्टर फाइनल मुकाबले में यूक्रेन की ओकसाना लिवाच को हराया और सेमीफाइनल में एंट्री कर ली. फिर सेमीफाइनल में  उनका मुकाबला क्यूबा की युस्नीलिस गुजमन से हुआ. विनेश ने उन्हें भी हरा दिया. इस तरह से विनेश ओलंपिक्स के फाइनल में पहुंचने वालीं पहली भारतीय महिला रेसलर बनीं थीं.

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