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ब्रेडमैन से पंगा लेकर अपना इंटरनेशनल करियर तबाह करने वाला ऑस्ट्रेलियन!

इंग्लैंड जाकर खूब खेला, खूब कमाया लेकिन...

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सेक पेपर

क्रिकेट की दुनिया. यहां हर साल कई क्रिकेटर्स आते है. अपनी परफॉर्मेंस के हिसाब से कुछ डॉमेस्टिक, कुछ फ्रैंचाइज़ और कुछ इंटरनेशनल लेवल तक पहुंच जाते है. लोग ये भी कहते हैं कि इंटरनेशनल लेवल तक पहुंचने के लिए लक का होना भी बहुत जरूरी है.

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तभी तो हमें अक्सर सुनने में आता है कि क्रिकेटर्स शिकायत करते हैं- फ़लाना खिलाड़ी को इतने मौके मिले और मुझे एक भी नहीं. मुझे मौका मिलता, तो मैं भी अपनी टीम के लिए कमाल कर देता. खैर, ये सारी किस्मत वाली बातें एक किनारे कर दें, तो ऐसे भी बहुत सारे खिलाड़ी होते हैं जिनको बड़े खिलाड़ी से लड़ाई करने के चक्कर में मौके नहीं मिलते.

अब आप ऐसे खिलाड़ियों की लिस्ट मेरे साथी रवि की तरह गूगल करने जा रहे हैं, तो रुक जाइए. हम सीधे-सीधे बता देते हैं कि आज हम ऐसे ही एक ऑस्ट्रेलियन खिलाड़ी सेक पेपर का क़िस्सा आपको सुनाने वाले हैं. सेक ऑस्ट्रेलिया से आने वाले शानदार ऑलराउंडर थे. लेकिन डॉन ब्रेडमैन पर किए एक कमेंट के चलते वह कभी ऑस्ट्रेलिया के लिए नहीं खेल पाए थे.

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# ब्रेडमैन की वजह से टीम में ही नहीं घुस पाए?

चलिए फिर, अपने क़िस्से को शुरू करते हैं. ये बात साल 1945-46 की है. उस समय ऑस्ट्रेलियन बोर्ड ऑफ कंट्रोल ने अपने देश के लोगों के लिए देशभक्ति मैच (Patriotic match) की एक सीरीज़ रखी थी.  इस सीरीज़ की शुरूआत क्रिसमस पर पर्थ में होने वाले मैच से होनी थी. सीरीज़ में साउथ ऑस्ट्रेलिया, विक्टोरिया, क्वीन्सलैंड, तस्मानिया, न्यू साउथ वेल्स, ऑस्ट्रेलियन सर्विसज़ जैसी टीम्स रखी गई थीं.

और इधर से कमाया सारा पैसा चैरिटी में जाना था. ऑस्ट्रेलियन फ़ैन्स के लिए इससे भी ज्यादा खास बात ये थी कि डॉन ब्रेडमैन ने इस सीरीज़ के लिए खुद को उपलब्ध रखा था, वो साउथ ऑस्ट्रेलिया की तरफ से खेलने वाले थे. और वो क़रीबन पांच साल में दूसरी बार प्रदर्शनी मैच खेल रहे थे.

ख़ैर, पहला मुकाबला वेस्टर्न ऑस्ट्रेलिया और ऑस्ट्रेलियन सर्विसेज़ के बीच हुआ. इसके बाद वो दूसरा मुकाबला आया जिसका फ़ैन्स बेसब्री से इंतजार कर रहे थे. एडिलेड के मैदान पर साउथ ऑस्ट्रेलिया और ऑस्ट्रेलियन सर्विसेज़ की टीम्स खेलने उतरीं. सर डॉन को खेलता देखने के लिए 10 हजार से ज्यादा लोग जुट गए थे. वो सिर्फ उनकी सेंचुरी का इंतजार कर रहे थे.

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और इस सेंचुरी से पहले सर्विसेज़ के लिए खेल रहे और हमारे क़िस्से के हीरो सेक पेपर ने ऑस्ट्रेलियन दिग्गज़ सर डॉन को कई बार चौंकाया. सेक ने सर डॉन पर लगातार पर बढ़िया गेंदें बरसाई और उनको आउट देने की अपील की. लेकिन अंपायर को लगा कि सर डॉन आउट नहीं है तो उन्होंने आउट नहीं दिया.

ऑस्ट्रेलियन वेबसाइट स्पोर्टसहाउंडस की मानें तो पहली गेंद चलो क्लोज़ कॉल थी. लेकिन सेक को लगता था कि दूसरी गेंद पर सर डॉन सीधे प्लंब थे. फिर अंपायर उनको आउट क्यों नहीं दे रहे हैं. और इसी बात ने सेक को गुस्सा दिला दिया था. सेक ने अंपायर पर चीटिंग का आरोप लगाया.

उन्होंने कहा कि अंपयार जैक स्कॉट (Jack Scott) लोकल हीरो सर डॉन के लिए अलग ही रूल्स बनाकर काम कर रहे हैं. सेक का ये आरोप और उसमें इस्तेमाल हुई अभद्र भाषा पूरे ग्राउंड ने सुनी थी. ये सब देख सुनकर सर डॉन खुद स्कॉट के पास गए और उनसे कहा आपको ये व्यवहार सहने की कोई जरूरत नहीं है.

ये स्प्रिरिट ऑफ क्रिकेट के खिलाफ है. इसके बाद स्कॉट ने सेक के खिलाफ अभ्रद भाषा का प्रयोग करने का आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज कर दी. इस पूरे मामले पर सेक ने कहा था,

‘मैंने उसको एक इनिंग्स में दो बार आउट किया था और अंपायर उसको आउट नहीं दे रहे थे. जब मैंने अंपायर को बताया कि मैं उनके फैसले के बारे में क्या सोचता हूं तो मुझसे उम्मीद की गई की मैं माफी मांगू. मैं नहीं मांगूगा. और मैं इंग्लैंड चला आया.’ 

साल 1950 में सर डॉन ने सेक की खूब तारीफ की थी. उनकी गेंदबाजी की तारीफ़ करते हुए सर डॉन ने कहा था,

‘उनके अंदर ग्रेट प्लेयर बनने के सारे लक्षण थे. वो किसी अनोखे तरीके से गेंद को ऑफ साइड से टर्न करवा सकते थे, जो कि मेरे लिए अभी तक मिस्ट्री ही है.’ 

क्रिकइंफो की मानें तो इस मामले के बाद सेक ने ऑस्ट्रेलियन बोर्ड को एक लेटर भेजा था. जिसमें उन्होंने अपने बर्ताव के लिए माफी मांगी थी. लेकिन बोर्ड की तरफ से कहा गया कि हमें ऐसा कोई लेटर मिला ही नहीं है. ये जानकर सेक ने दूसरा लेटर लिखने से साफ मना कर दिया. और इंग्लैंड में क्रिकेट खेलने के लिए निकल गए.

सेक पेपर ने इंग्लिश क्रिकेट लीग की टीम लेंकशर के लिए खूब क्रिकेट खेला. बाद के सालों में उन्होंने अंपायरिंग भी की. इंग्लैंड जाने के बाद सेक सबसे ज्यादा पैसे कमाने वाले क्रिकेटर भी बन गए थे.

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