संजू सैमसन. इंडियन क्रिकेट टीम के विकेटकीपर बल्लेबाज. खूब चर्चा में हैं. लोग बातें कर रहे हैं कि उन्हें खेलने के मौके क्यों नहीं मिले. संजू को मौके ना मिलने के चलते एक और प्लेयर खूब चर्चा में है. ऋषभ पंत. ये भी इंडियन क्रिकेट टीम के विकेटकीपर बल्लेबाज हैं. पंत ने 2017 में T20I डेब्यू किया था. जबकि संजू ने 2015 में. यानी संजू हुए पंत के सीनियर. इतना ही नहीं संजू IPL में भी पंत के सीनियर हैं. वह 2013 से ही फ्रैंचाइज क्रिकेट खेल रहे हैं. लेकिन आज हालात ये हैं कि संजू बेंच पर हैं, जबकि पंत टीम के मुख्य विकेटकीपर.
ऋषभ पंत को फ़र्जी टार्गेट कर रहे हैं संजू सैमसन के फ़ैन्स?
संजू वर्सेज पंत में आंकड़े क्या बोलते?


न्यूज़ीलैंड के खिलाफ़ T20I सीरीज़ जीतने के बाद कप्तान हार्दिक पंड्या ने संजू को बिठाने के पीछे अजब तर्क दिया. उन्होंने कहा कि हमें एक्स्ट्रा बोलर चाहिए था इसलिए हम संजू को टीम में नहीं रख पाए. साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि बाहर चाहे जो बातें होती रहें, ये उनकी टीम है. वो जिसे चाहेंगे, उसे खिलाएंगे.
अब ये जान लीजिए कि इस टीम में दो विकेटकीपर खेले थे. ऋषभ पंत और ईशान किशन. दोनों इस मैच में ओपन किया. यानी संजू को इनकी जगह खिलाया जा सकता था. लेकिन नहीं खिलाया गया. संजू के फैन इस बात से बहुत गुस्सा हैं. और उनका गुस्सा उतर रहा है ऋषभ पंत पर.
इसलिए हमने सोचा कि आज सिली पॉइंट में पंत के आंकड़े देखे जाएं. कहीं ऐसा तो नहीं कि संजू के फ़ैन्स की बातें सही हैं. ऋषभ पंत को T20I टीम से बाहर होना चाहिए? चलिए देख लेते हैं.
# Rishabh Pant T20I Statsऋषभ पंत टेस्ट क्रिकेट में कमाल के प्लेयर हैं. वनडे में भी उनके स्टैट्स अच्छे हैं. ऐवरेज देखिए या स्ट्राइक रेट. पंत से प्रभावित हुए बिना नहीं रह पाएंगे. लेकिन जब बात इंटरनेशनल T20 मैच की आती है, तो पंत पस्त से दिखते हैं. यहां ऐवरेज और स्ट्राइक रेट, दोनों मामलों में पंत बहुत पीछे हैं. ऐसा भी नहीं है कि उन्हें मौके नहीं मिले.
ऋषभ पंत अब तक भारत के लिए 66 मैच खेल चुके हैं. साल 2017, 18 और 20 निकाल दें तो हर साल उन्होंने 10 से ज्यादा मैच खेले. ये तीन साल इसलिए निकाल रहे क्योंकि 17 में उन्होंने डेब्यू किया था और 18 में वह टीम में जगह बनाने के लिए संघर्ष कर रहे थे. जबकि 2020 में कोविड ने क्रिकेट को रोक ही दिया था. यानी उन्हें लगातार मौके मिले.
और इन मौकों में पंत ने 56 बार बैटिंग की. जिनमें 12 बार वह नॉटआउट लौटे. और इन पारियों में पंत सिर्फ तीन पचासे मार पाए हैं. और इस दौरान उनके नाम कुल 987 रन हैं. उनका ऐवरेज 22.43 और स्ट्राइक रेट 126.38 का रहा. यानी ना तो वह लंबी पारियां खेल रहे हैं और ना ही उनकी बैटिंग का बहुत इम्पैक्ट आ रहा है.
क्रिकेट के इस फॉर्मेट में अगर आपका ऐवरेज खराब है तो स्ट्राइक रेट फाड़ू होना चाहिए. लेकिन पंत का ऐवरेज और स्ट्राइक रेट दोनों ही बेकार हैं. वह ना तो तेजी से रन बना रहे हैं और ना ही बहुत सारे रन बना रहे हैं. पंत का पहला पचासा 2018 में, दूसरा 2019 में और तीसरा 2022 में आया.
इसी साल की बात करें तो पंत ने 2022 में सबसे ज्यादा, 25 T20I मैच खेले. जिसकी 21 पारियों में उन्होंने 21.41 की ऐवरेज और 132.85 के स्ट्राइक रेट से रन बनाए. और ये साल स्ट्राइक रेट के मामले में उनका बेस्ट है.
# Sanju Samson T20I Statsअब थोड़ी बात संजू सैमसन की कर लेते हैं. सैमसन ने साल 2015 में T20I डेब्यू किया था. ज़िम्बाब्वे के खिलाफ़ हुए इस मैच में उन्होंने सातवें नंबर पर बैटिंग की. जब वह आउट हुए, भारत को जीत के लिए 15 गेंदों में 29 रन चाहिए थे. और संजू ये कर सकते थे. लेकिन वह पोफू की गेंद को उड़ाने के चक्कर में आउट हो गए.
कट टू 2020. संजू को फिर से भारत के लिए खेलने का मौका मिला. न्यूज़ीलैंड के खिलाफ़ स्काई स्टेडियम में संजू ने ओपनिंग की. दूसरे ओवर की पहली ही गेंद पर छक्का जड़ा. अगली गेंद वाइड, फिर डॉट और ओवर की तीसरी ही वैध गेंद पर सैमसन आउट. गेंद को अक्रॉस द लाइन उड़ाने के चक्कर में संजू ने बल्ले का टॉप एज लगाया और कवर्स में पकड़े गए.
एकदम फ्लैट विकेट पर संजू ने अपना विकेट फेंक दिया. ऐसा लोगों को लगा. लेकिन बात यहां माइंडसेट की थी. संजू अक्सर कहते भी हैं कि मेरा काम गेंद को पीटना है, वो मैं करता रहूंगा. बाकी चीजें मेरे हाथ में नहीं हैं. यानी संजू की सोच एकदम साफ है.
भले ही इस सोच के चलते वहा बीते सात साल में सिर्फ 16 मैच खेल पाए हों. लेकिन इस दौरान उनका स्ट्राइक रेट इस बात की गवाही देता है कि उनमें इंटेंट है. और वो गेंदें बर्बाद नहीं करते. साल 2022 की पांच पारियों में संजू ने 44.75 की ऐवरेज और 158.41 के स्ट्राइक रेट से रन बनाए हैं. पंत के आंकड़े हम पहले ही आपको बता चुके हैं.
इसके बाद भी संजू को लगातार बाहर बिठाया जा रहा है. जबकि ऋषभ पंत खेल रहे हैं. बीती 10 पारियों में पंत के नाम सिर्फ दो 30+ के स्कोर हैं. जबकि इस दौरान वह लगातार तीन बार सिंगल डिजिट स्कोर पर आउट हो चुके हैं. इनमें से सबसे लेटेस्ट वाला तो अलग ही था.
कुल जमा चार गेंद पहले इनके ओपनिंग पार्टनर ईशान किशन कैचआउट हुए थे. इसके बाद पंत ने अगले ओवर में साउदी को लगातार दो चौके मारे. लेकिन अगली ही गेंद पर उनकी पारी भी खत्म हुई. ऑफ स्टंप के बाहर की बैक ऑफ द लेंथ गेंद. पंत चढ़कर आए और उसे उड़ाने गए. और डीप थर्डमैन पर ईश सोढ़ी ने बचा हुआ काम खत्म करते हुए उन्हें लपक लिया.
यानी ना सिर्फ पंत के आंकड़े खराब हैं, बल्कि इंटेंट के चक्कर में उनसे कुछ का कुछ हो जा रहा है. मिडल ऑर्डर में नाकाम रहने के बाद टीम ने उन्हें बिठाने की जगह ओपनर बना लिया. वो भी ठीक है, लेकिन जब रिजल्ट्स नहीं आ रहे तो किसी और को मौका तो मिलना चाहिए ना. पांच बार ओपन करते हुए पंत कुल 71 रन बना पाए हैं. 14.20 का ऐवरेज और 136.54 का स्ट्राइक रेट.
लेकिन उन्हें मौके मिले ही जा रहे हैं. और शायद आगे भी मिलेंगे. क्योंकि अब टीम इंडिया तो किसी की पर्सनल टीम हो ही चुकी है. छोटे कप्तान साब बोल ही चुके हैं कि ये मेरी टीम है, जिसे चाहेंगे खिलाएंगे. बढ़िया है. खिलाते रहिए.
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