भारत और ऑस्ट्रेलिया (Ind vs Aus) के बीच का मुकाबला. टॉस जीतकर बैटिंग कर रही ऑस्ट्रेलिया. 18 ओवर में 91 रन पर दो विकेट. क्रीज पर स्टीव स्मिथ (Steve Smith) और मार्नस लाबुशेन (Marnus Labuschagne) जम चुके थे. फिर रोहित शर्मा ने 19 वां ओवर फेंकने के लिए रविंद्र जडेजा (Ravindra Jadeja) को बुलाया. जड्डू बॉलिंग के लिए तैयार हो रहे थे. तभी अंपायर रिचर्ड इलिंगवर्थ (Richard Illingworth) ने उन्हें रोक दिया. और बॉलिंग हैंड से टेप हटाने को कहा. जडेजा ने सफाई दी कि उन्हें चोट लगी है. लेकिन अंपायर के लगातार कहने पर उन्हें टेप हटाना पड़ा.
रविंद्र जडेजा की पट्टी नहीं उतरवाती ऑस्ट्रेलिया, अगर डीन जोन्स-एम्ब्रोस का वो किस्सा याद किया होता
Champions Trophy 2025 : ऑस्ट्रेलिया की बैटिंग के दौरान अंपायर Richard Illingworth ने Ravindra Jadeja के बॉलिंग हैंड से टेप उतरवा दिया. इसके बाद जडेजा ने शानदार बॉलिंग करते हुए दो विकेट चटकाए. इस घटना ने एक पुरानी घटना की याद दिला दी. जब एक वेस्ट इंडियन पेसर का रिस्ट बैंड उतरवाना ऑस्ट्रेलियाई टीम को महंगा पड़ा था.


जडेजा ने जब टेप हटाया तो उनकी उंगलियों में खून था. इस दौरान नॉन-स्ट्राइकर एंड पर खड़े मार्नस लाबुशेन अंपायर के पास थे ताकि देख सकें कि आखिर हो क्या रहा है. हालांकि ये क्लियर नहीं है कि किसी बैटर ने टेप हटाने की शिकायत की. लेकिन आम तौर पर माना जाता है कि अंपायर बिना किसी शिकायत के ये एक्शन नहीं लेते. MCC के नियम के मुताबिक, बैटर और अंपायर को ये अधिकार होता है कि वो बॉलर के हाथ से ऐसी कोई भी चीज हटाने को कहे जो बैटर्स के विजन में बाधा डाल रही हो.
टेप हटाए जाने से पहले जडेजा को एक भी विकेट नहीं मिला था. लेकिन इसके बाद उन्होंने दो विकेट चटकाए जिसमें लाबुशेन का विकेट भी शामिल था. जडेजा के साथ हुए इस वाकये ने एक पुरानी घटना की याद दिला दी जब पूर्व ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी डीन जोंस ने विंडीज के पेसर कर्टली एम्ब्रोस से रिस्ट बैंड हटाने को कहा था. और उसका खामियाजा ऑस्ट्रेलियाई टीम को भुगतना पड़ा था.
साल 1993 में विश्व सीरीज कप फाइनल. ऑस्ट्रेलिया और वेस्टइंडीज ने बेस्ट ऑफ थ्री फाइनल के लिए क्वालीफाई किया. 16 जनवरी को पहले फाइनल में इनका मुकाबला हुआ. ब्रायन लारा की फिफ्टी के बदौलत विंडीज ने पहले बैटिंग करते हुए 8 विकेट के नुकसान पर 238 रन बनाए.
इसके जवाब में ऑस्ट्रेलिया ने सधी हुई शुरुआत की. और पहले विकेट के लिए 41 रन जोड़े. इसके बाद फर्स्ट चेंज के तौर पर बॉलिंग के लिए आए कर्टली एम्ब्रोस ने डेविड बून को आउट किया. इसके बाद नंबर तीन पर बैटिंग के लिए डीन जोन्स आए. जोन्स स्ट्राइक लेने से पहले दूसरे एंड पर खड़े मार्क टेलर के पास गए. और फिर अंपायर टेरी प्रू के पास गए. और एंब्रोज के वॉइट रिस्ट बैंड की शिकायत की, जो कथित तौर पर बैटर्स को वॉइट बॉल का सामना करने में मुश्किल पैदा कर रहा था.
कर्टली एम्ब्रोस ने इस वाकये का जिक्र अपनी आत्मकथा ‘टाइम टू टॉक : कर्टली एम्ब्रोस’ में किया है. एम्ब्रोस लिखते हैं,
मुझे लगा कि यह एक बेवकूफी भरा रिक्वेस्ट था. मैं इसे उतारने के लिए तैयार नहीं था. लेकिन हमारे कैप्टन रिची रिचर्डसन ने मुझे ऐसा करने के लिए मनाया. लेकिन मैं गुस्से में था. उस समय तक मैं नॉर्मल बॉलिंग कर रहा था. लेकिन फिर मैंने बहुत तेज गेंदबाजी शुरू कर दी. मैं वास्तव में डीन जोन्स को असहज करना चाहता था. मैं समझता हूं कि ऑस्ट्रेलियाई ड्रेसिंग रूम भी जोन्स द्वारा मुझे उकसाये जाने से खुश नहीं था.
विजडन की रिपोर्ट के मुताबिक, रिस्ट बैंड हटवाने के डीन जोन्स के फैसले से ऑस्ट्रेलियाई टीम भी खुश नहीं थी. जोन्स एक मजेदार घटना का जिक्र करते हुए बताते हैं,
इसके बाद जो हुआ इतिहास हैफील्ड पर ग्यारह वेस्ट इंडियन प्लेयर के साथ एक ऑस्ट्रेलियाई प्लेयर भी था जो मुझे स्लेज कर रहा था. वो मार्क टेलर था. वह कह रहा था, मेरे दो बच्चे हैं, तुम क्या कर रहे हो?
डीन जोन्स ने इस मैच के बहुत बाद एक आर्टिकल में लिखा कि इसके बाद अगली तीन बॉल्स सबसे तेज थी जिनका उन्होंने अपने करियर में सामना किया था. गुस्साए एम्ब्रोस ने जोन्स पर अटैक किया जो टूटे हुए अंगूठे के साथ बैटिंग कर रहे थे. जोन्स ने एक अच्छी लेंथ वाली बॉल को लेफ्ट किया. इसके बाद अगली गेंद और तेज थी. इसको जोन्स ने छोड़ दिया. फिर तीसरी बॉल उनके पैड पर लगी. लेकिन यह उनके घुटने से ऊपर लग रही थी. इस पर हुई अपील को अंपायर ने ठुकरा दिया.
जैसे जैसे पारी आगे बढ़ी एम्ब्रोस और भी खतरनाक होते गए. उन्होंने तेज बॉलिंग जारी रखी. और मार्क टेलर को 28 रन पर आउट कर दिया. इसके बाद उन्होंने इयान हीली, टोनी डोडेमेड और क्रेग मैकडरमोट को भी आउट किया. हीली का विकेट एक शानदार स्लो बॉल पर आया. जिसने उनके स्टंप तोड़ दिए. यह सबसे खास था. इसके बाद एम्ब्रोस के चेहरे पर मुस्कान तैर गई.
कर्टली एम्ब्रोस ने अपने स्पेल का खात्मा 5-32 के साथ किया. यानी 10 ओवर में 32 रन देकर पांच विकेट. उनकी मदद से वेस्टइंडीज ने ऑस्ट्रेलिया को 214 रनों पर ढेर कर दिया. बाद में डीन जोन्स ने स्वीकार किया कि उन्होंने एम्ब्रोस को उकसा कर गलती की थी.
वीडियो: संजय मांजरेकर ने की रविंद्र जडेजा की तारीफ, क्या बोले?






















