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U19 वर्ल्ड कप में पाकिस्तान ने किया खेला! स्कॉटलैंड को बाहर कराकर क्या मिल गया?

पाकिस्तान U19 टीम ने स्कॉटलैंड के साथ U19 वर्ल्ड कप में खेला कर दिया. इसके पीछे उनकी मंशा क्या थी? जिंबाब्वे को सुपर सिक्स में पहुंचाकर पाकिस्तान को क्या फायदा हो गया?

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पाकिस्तान ने जिंबाब्वे के ख‍िलाफ मुकाबले में जानबूझकर जीतने में देरी की. (फोटो-ICC)

पाकिस्तानी टीम ने जिंबाब्वे के ख‍िलाफ U-19 वर्ल्ड कप मुकाबले में स्लो रन चेज से सबको चौंका दिया. हरारे में हुए इस मुकाबले में उनकी इस हरकत से सब हैरान हैं. लेकिन, इसके पीछे उनकी मंशा अब साफ हो गई है. दरअसल, ये उनकी एक स्ट्रैटजिक चाल थी, जो टूर्नामेंट के गण‍ित को ध्यान में रखकर उन्होंने चली थी. इसका फायदा अब उन्हें सुपर सिक्स स्टेज में मिलेगा. आइए जानते हैं पूरा मामला क्या है?

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129 रन के टारगेट को चेज करते हुए पाकिस्तान ने महज 14 ओवर में 84 रन बना लिए. मैच पूरी तरह से उनकी पकड़ में लग रहा था. उस वक्त उन्हें प्रति ओवर 4 रन की ही दरकार थी. लेकिन, अचानक उनका टेंपो श‍िफ्ट हो गया. अगले 12 ओवर में समीर मिन्हास और अहमद हुसैन ने महज 3 रन प्रति ओवर स्कोर किया. 89 गेंद तक पाकिस्तान ने कोई बाउंड्री ही नहीं लगाई. अंत में 26.2 ओवर में पाकिस्तान ने 8 विकेट से मैच अपने नाम कर लिया.

मैच में उनकी जीत की टाइमिंग बहुत अहम रही. अगर पाकिस्तान ने ये मुकाबला 25.2 ओवर में खत्म कर लिया होता तो जिंबाब्वे की जगह सुपर सिक्स में उनके साथ स्कॉटलैंड पहुंच जाता. ऐसे में चेज की रफ्तार को धीमा कर पाकिस्तान ने ये सुनिश्च‍ित कर लिया कि नेट रन रेट के हिसाब से जिंबाब्वे अगले दौर में जाए, स्कॉटलैंड टूर्नामेंट से ही बाहर हो जाए.

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पाकिस्तान को क्या हुआ फायदा?

अब आप सोचेंगे कि इससे पाकिस्तान को क्या फायदा हुआ? इसलिए हम आपको इसके पीछे की पूरी गण‍ित समझाते हैं. दरअसल, U19 वर्ल्ड कप के सुपर सिक्स में कैरी फॉरवर्ड सिस्टम चलता है. इसमें टीम को उन्हीं मैचों के पॉइंट्स और नेट रन रेट का फायदा मिलता है जो साथ में सुपर सिक्स में क्वालीफाई करती हैं. वहीं, जो टीम बाहर हो जाती है, उनके ख‍िलाफ मिले अंकों और नेट रन रेट में फायदे को काउंट ही नहीं किया जाता.

उदाहरण के तौर पर, मान लीजिए ग्रुप चरण में अगर इंग्लैंड ने श्रीलंका और बांग्लादेश को हरा दिया और भारत से हार गया. और अगर भारत एलिमिनेट हो गया तब उनके श्रीलंका और बांग्लादेश के ख‍िलाफ मैच के अंक और नेट रन रेट ही जोड़े जाएंगे. भारत के ख‍िलाफ मैच के परिणाम का उन पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा.

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पाकिस्तान की बात करें तो, ग्रुप स्टेज में उन्होंने जिंबाब्वे को स्कॉटलैंड के मुकाबले बड़े अंतर से हराया. ऐसे में जिंबाब्वे के क्वालीफाई करने का मतलब होगा पाकिस्तान अगले स्टेज में स्ट्रॉन्ग रन रेट के साथ प्रवेश करेगा. इसका प्रभाव ग्रुप सी के टॉपर इंग्लैंड पर ही पड़ेगा. दरअसल, इंग्लैंड ने स्कॉटलैंड को 252 रनों के बड़े अंतर से हराया था. स्कॉटलैंड के एलिमिनेशन के साथ ही ये भी सुन‍िश्चित हो गया कि इंग्लैंड इस जीत से रन रेट में हुए फायदे का अगले दौर में लाभ नहीं उठा सकेंगे.

एंडी फ्लावर ने नहीं माना गलत

जिंबाब्वे के पूर्व कप्तान एंडी फ्लावर ने पाकिस्तान के इस अप्रोच को डिफेंड किया है. ESPN क्रिकइन्फो को दिए इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि ये ‘चालाकी’ है, लेकिन न्यायोचित टैक्टिस है. उन्होंने तर्क दिया कि एक बार जब पाकिस्तान ने यह पक्का कर लिया कि वे मैच नहीं हारेंगे, तो समझदारी इसे में थी कि वो कैसे चेज़ करें कि उन्हें भविष्य में ज्यादा से ज्यादा फायदा मिल सके. उन्होंने कहा, 

मुझे लगता है कि यह रणनीति सही थी. इससे खेल पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा.

जानबूझकर मैच की रफ्तार को बदलना ICC के कोड ऑफ कंडक्ट का उल्लंघन हो सकता है. लेकिन, इरादा साबित करना बहुत मुश्किल होता है. ऐसी रणनीतियां पहले भी सामने आई हैं. 1999 ODI वर्ल्ड कप में स्टीव वॉ की कप्तानी में वेस्टइंडीज़ के खिलाफ ऑस्ट्रेलिया ने चेज़ के दौरान भी कुछ ऐसा ही किया था. यानी पाकिस्तान की रणनीति पूरी तरह कामयाब रही. जैसे ही ज़िम्बाब्वे का क्वालिफिकेशन पक्का हुआ, समीर मिन्हास ने दो छक्के लगाकर मैच खत्म कर दिया. 

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