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IPL ट्रॉफी पर संस्कृत में जो लिखा है, उसका मतलब जान कहेंगे- बात तो सही है!

IPL ट्रॉफी को कौन बनाता है, ये बातें नहीं जानते होंगे आप...

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ये ट्रॉफी, IPL के विजेता को मिलती है. (फोटो सोर्स- आज तक)

28 मई 2023, दिन रविवार. चेन्नई सुपरकिंग्स (CSK) और गुजरात टाइटंस (Gujarat Titans) के बीच IPL 2023 का फाइनल मैच खेला जाना था. लेकिन बारिश हो गई. एक भी गेंद फेंकी नहीं जा सकी. इसलिए अब मैच रिजर्व डे यानी आज 29 मई को होना है. मैच जीतने वाले को जो ट्रॉफी मिलेगी, उसकी कुछ ख़ास बातें जान लेते हैं.

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साल 2008 में जब IPL शुरू हुआ तो पहली बार 19 मई 2008 को लोगों ने IPL की ट्रॉफी देखी थी. पहला सीजन जीतने वाली टीम थी राजस्थान रॉयल्स. शेन वार्न कप्तान थे. 1 जून 2008 को चेन्नई सुपर किंग्स को हराकर वार्न की टीम ने ट्रॉफी जीती थी. इस ट्रॉफी में भारत का नक्शा था और एक हाथ में बल्ला लिए एक बैटर. बाद में इसे बदल दिया गया. आज हम जो ट्रॉफी देखते हैं वो गोलाकर है. सुनहरे रंग की इस ट्रॉफी में नीचे की तरफ अंग्रेजी के बोल्ड लेटर्स में इंडियन प्रीमियर लीग लिखा हुआ है. जबकि बीच में छोटे से हिस्से में भारत का नक्शा बना हुआ है. और रोमन इंग्लिश में संस्कृत की एक कोटेशन लिखी है. यानी सूक्ति.

क्या लिखा है संस्कृत में? 

इसमें लिखा है- यत्र प्रतिभा अवसर प्राप्नोतिः, हिंदी में इसके मायने हैं जहां प्रतिभा अवसर को प्राप्त कर लेती है. आसान भाषा में इसके मायने हैं, वो जगह जहां प्रतिभा को अवसर मिलता है. अंग्रेजी में कहें तो 'Where Talent Meets Opportunity'. ये सही भी है, IPL ने अब तक कई युवा खिलाड़ियों को अवसर दिए हैं. 

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एक और सवाल जो अक्सर हमारे मन में आता है. क्या जीतने वाली टीम को ट्रॉफी मिलने के बाद अगले साल के IPL के लिए उसे वापस ले लिया जाता है. और नए विजेता को वही ट्रॉफी दे दी जाती है? असल में ऐसा नहीं होता. ओरिजिनल ट्रॉफी हमेशा BCCI के पास रहती है. हर बार जीतने वाली टीम को ट्रॉफी का रेप्लिका यानी ओरिजिनल ट्रॉफी की हूबहू नक़ल सौंप दी जाती है. ये ट्रॉफियां, हीरे और सोने, चांदी वगैरह के आभूषण बनाने वाली कंपनी ORRA बनाती है.

ये तो थी ट्रॉफी की जानकारी. आज रिजर्व डे को होने वाले मैच के विजेता को ये ट्रॉफी सौंपी जाएगी. हालांकि मैच पॉइंट्स के लिहाज से गुजरात टाइटंस का पलड़ा भारी है, मगर ऐसा तब है जब मैच ना हो. बाकि मैच हुआ तो जो जीता वही सिकंदर.

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