'मैंने वो टीम उतारी जो मेरे हिसाब से बेस्ट थी.'लेकिन क्या ये सच है? जी नहीं. बिल्कुल नहीं. कतई नहीं. मैं मान ही नहीं सकता. आप ईशान किशन जैसे आत्मविश्वास से भरे, रन करके आ रहे बंदे को बाहर नहीं बिठा सकते. वो भी तब, जब इतना बड़ा मैच है और इसमें काफी कुछ स्टेक पर लगा हो. और सामने वाला बंदा आपके दो उपलब्ध ऑप्शंस से बेहतर कर रहा हो.
पाकिस्तान के खिलाफ हारना ही डिजर्व करती थी टीम इंडिया!
ऐसे कैसे जीतोगे भाई.
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Indian Cricket Team को T20 World Cup में Pakistan के हाथों पहली बार हार का सामना करना पड़ा (एपी फोटो)
इंडियन क्रिकेट टीम. फ़ैन्स की मानें तो मौजूदा वक्त में किसी भी फॉर्मेट में इनसे बेहतर क्रिकेट टीम नहीं है. लेकिन विदेशी एक्सपर्ट का दावा एकदम उलट है. कम से कम T20I के मामले में तो वह हमें कहीं से भी टॉप की टीम नहीं मानते. लेकिन हमारे फ़ैन्स बेचारे इन एक्सपर्ट्स का लोड ही नहीं लेते. उनका सीधा दावा है- हमारी टीम ही बेस्ट है. और अब वही फ़ैन्स टीम इंडिया को भला-बुरा बोल रहे हैं. किसी की नींद उड़ गई तो किसी को भूख ही नहीं लग रही. पाकिस्तान ने दुबई के मैदान पर इंडिया को इतनी बुरी तरह रगड़ा है कि किसी से कुछ बोलते नहीं बन रहा. और इन अनबोले लोगों से पूरी सहानुभूति के साथ मैं कहना चाहूंगा कि टीम इंडिया इस मैच में हारना ही डिजर्व करती थी. और अपनी इस बार को प्रूव करने के लिए मैं एक नहीं पूरे तीन कारण गिनाऊंगा.
# घटिया बैटिंग
किसी भी टीम के खिलाफ आप सिर्फ तीन रन पर दो विकेट गंवाना अफोर्ड नहीं कर सकते. वो भी तब, जब आपका मिडल ऑर्डर अपने सबसे बुरे दौर से गुजर रहा हो. और विकेट भी उन बंदों के जिन पर पूरा भारत आस लगाए बैठा था. कि दोनों में से एक तो कमाल करेगा ही. लेकिन इन दोनों से कोई कमाल नहीं हुआ. शाहीन शाह अफरीदी ने इन दोनों को लगातार ओवर्स में निपटा दिया. और दोनों ही अंदर आती गेंदों पर आउट हुए. पूरी दुनिया में घूम-घूमकर हजारों रन बना चुके इन दिग्गजों के पास 21 साल के लड़के की बोलिंग का कोई जवाब नहीं था. वो भी तब, जब जगत जानता था कि शाहीन T20 में अपने पहले ओवर में विकेट लेते ही लेते हैं.
इसका अर्थ साफ है, आपकी तैयारी पूरी नहीं थी. आपने सामने वाले बोलर्स को सही से स्टडी नहीं किया. आपके सपोर्ट स्टाफ ने आपको नहीं बताया कि शाहीन किस तरह की बोलिंग करते हैं. और सपोर्ट स्टाफ का तो फिर भी समझ आता है, आपने क्या तैयारी की? डेढ़ महीने से UAE में हैं. पूरा IPL निकल गया. और आपकी तैयारी ऐसी है कि जैसे आपको आमिर ने निपटाया था वैसे ही शाहीन भी निपटा गया. शर्मनाक है ये. और तो और, इनके आउट होने के बाद सूर्यकुमार यादव, और हार्दिक पंड्या से भी कुछ ना हुआ. भला हो विराट कोहली और ऋषभ पंत का, कि हम 151 तक पहुंच गए. नहीं तो और बुरी तरह हारते.
# Team Selection
विराट कोहली ने तो पाकिस्तान से हारकर साफ कह दिया,
आपने हार्दिक पंड्या को मौका दिया. और उनसे कुछ नहीं हुआ. बोलिंग वो लंबे वक्त से नहीं कर रहे और बैटिंग उनसे हो नहीं पा रही. ऐसे में उन्हें टीम में रखने का क्या मतलब है? आपके पास बेंच पर शार्दुल ठाकुर बैठे हैं. बंदे का गोल्डेन पीरियड चल रहा है. बैट और बॉल दोनों से कमाल कर रहा है और आप उसे मौका ही नहीं दे रहे. बेंच पर राहुल चाहर और रविचंद्रन अश्विन जैसे ऑप्शन के होते हुए हम सिर्फ पांच बोलिंग ऑप्शन के साथ जा रहे क्योंकि हमने जिद पकड़ ली है कि हमें सातवें नंबर पर आने वाला बंदा ही बल्ले से मैच जिताएगा. बाकी के छह हमने बस दिखाने के लिए रखे हैं.
# घटिया Bowling
वैसे T20 में 151 रन का टोटल इतना भी बुरा नहीं होता कि टीम 10 विकेट से हार जाए. लेकिन जब आपके बोलर्स इतनी घटिया बोलिंग करेंगे तो दूसरा तो कोई ऑप्शन ही नहीं रहेगा. हमारी बोलिंग की शुरुआत ही पांचवें स्टंप से हुई. भुवी ने पारी की पहली ही गेंद पांचवें स्टंप पर रखी. जिस पिच पर पाकिस्तानी बोलर्स ने फुल लेंथ और विकेट पर गेंदें रखीं, हमारे बोलर्स स्टंप से दूर भागते दिख रहे थे. स्पिनर्स से लेकर पेसर्स तक, सब के सब ध्वस्त दिखे. जसप्रीत बुमराह और वरुण चक्रवर्ती का पहला ओवर छोड़ दें तो हमारे बोलर्स हमेशा ही बैकफुट पर दिखे. लगभग 18 ओवर्स की बोलिंग में हमें एक भी विकेट नहीं मिला. एक भी गेंद ऐसी नहीं रही जिसने बाबर और रिज़वान को परेशान किया हो. ऐसी बोलिंग लेकर तो कोई भी टीम नहीं जीत सकती. और इन तीन पॉइंट्स के हिसाब से मैं फिर से कहना चाहूंगा, हम जीतना डिजर्व ही नहीं करते थे.
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