भारत ने विशाखापट्टनम में इंग्लैंड को 246 रन से हराकर इस नए टेस्ट मैदान की बोहनी जीत के साथ कर दी है. इस जीत के साथ कोहली का कप्तान के तौर पर टेस्ट मैच न हारने का आंकड़ा भी 15 तक पहुंच गया है. भारत के लिए बिना हारे सबसे ज्यादा 18 टेस्ट मैचों में कप्तानी करने का रिकॉर्ड सुनील गावस्कर के नाम है. 3 मैच इस सीरीज़ में हैं और 1 बांग्लादेश के खिलाफ. इसलिए लगता तो यही है कि ये आंकड़ा इसी सत्र में टूट जाएगा.
व्हूम स्पिन! स्पिनर्स ने कर दी जीत की बोहनी
मैन ऑफ द मैच कोहली.


चौथी पारी में बैटिंग करने उतरी इंग्लैंड की टीम ने पहली गेंद से ही मैच न जीतने की कोशिश करनी शुरू कर दी थी. 405 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए ओपनर हमीद और कप्तान कुक ने 50 ओवरों में 70 रन का आंकड़ा छुआ. इंग्लैंड के पहले तीन बल्लेबाज़ों, हमीद 144 गेंदों में 25, कुक 221 गेंदों में 54 और रूट ने 107 गेंदों में 25 रन बनाए. कुक ने 83 बार 50 से अधिक रन बनाए हैं लेकिन 172 गेंदों में लगाया गया ये अर्धशतक कुक की सबसे धीमी फिफ्टी थी. इंग्लैंड के पास इतने ओवर थे कि अगर जीत की कोशिश की जाती तो इंग्लैंड टीम अपनी चौथी पारी के स्कोर 158 रन पर ऑल आउट से बेहतर स्कोर तो कम से कम बना लेती. इंग्लैंड के लिए बेयरस्टो ने बिना आउट हुए 34 रन बनाए. इसके अलावा कोई भी बल्लेबाज़ दो अंकों में नहीं पहुंच पाया.

भारत के लिए इस मैच की खोज रहे जयंत यादव. अपना पहला मैच खेल रहे जयंत ने 4 विकेट तो लिए ही, पहली पारी में 35 और दूसरी पारी में बिना आउट हुए 27 रन बनाए. वो भी नंबर 9 पर आकर.
चौथी पारी में 405 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए इंग्लैंड का स्कोर कल 75-0 था और स्पिन का खौफ दिमाग में ऐसा बैठा था कि अगले 83 रनों में पूरी टीम आउट हो गई. अश्विन की जादुई फॉर्म जारी रही. अश्विन ने पहली पारी में 5 और दूसरी पारी में 3 विकेट लिए और अहम वक्त पर पहली पारी में 58 रन भी बनाए.

अपना 50वां मैच खेल रहे कोहली के लिए विशाखापट्टनम का मैदान एक बार फिर दुनिया का सबसे बेहतर मैदान साबित हुआ. इस मैदान पर टी-20, वनडे और टेस्ट मैचों में मिलाकर देखा जाए तो कोहली का न्यूनतम स्कोर है 65 रन. कोहली ने पहली पारी में 167 और दूसरी पारी में 81 रनों के साथ मैच के साथ-साथ मैन ऑफ द मैच भी जीत लिया. अगला मैच मोहाली में है और वह मैदान भी कोहली के लिए कुछ-कुछ ऐसा ही है. कोहली का कप्तान के तौर पर टॉस जीतकर मैच जीतने का सिलसिला भी फिर से शुरू हो गया है.
भारत की पिचों पर टॉस अहम है, चौथी पारी तक आते-आते पिच मुश्किल हो जाती है और हर टीम पहले बल्लेबाज़ी करने की सोचती है. इस मैच में भी भारत की जीत की नींव पहली पारी में ही रखी गई. पहली पारी में पुजारा और कोहली की 226 रनों की साझेदारी के बाद से इंग्लैंड की टीम मैच में उबर नहीं पाई. और दोनों टीमों में बल्लेबाज़ी के लिहाज़ से अंतर बनी लोअर ऑर्डर की बल्लेबाज़ी. पहली पारी में जयंत यादव ने अश्विन के साथ 64 रन जोड़े और दूसरी पारी में जयंत ने यही काम किया शामी के साथ 42 रन जोड़कर. यानी कि पिच दोनों टीमों के लिए एक जैसी ही खेलती है लेकिन किसी न किसी को अपना जलवा दिखाना पड़ता है. तभी जीत आपकी हो पाती है. पिछली बार इंग्लिश टीम के लिए भारत दौरे पर मॉन्टी पनेसर और ग्रीम स्वान ने ठीक ऐसा ही किया था. लेकिन इस बार इंग्लिश टीम के पास वैसा स्पिन अटैक नहीं है. तो हिसाब चुकता हो जाएगा.
संक्षिप्त स्कोर:
भारत (पहली पारी) 455, कोहली 167, पुजारा 119; एंडरसन 62-3, मोईन अली 98-3
इंग्लैंड (पहली पारी) 255, स्टोक्स 70, रूट 53; अश्विन 67-5, जयंत 38-1
भारत (दूसरी पारी) 204, कोहली 81, जयंत 27*; ब्रॉड 33-4, राशिद 82-4
इंग्लैड (दूसरी पारी) 158, रूट 54, बेयरस्टो 34, अश्विन 52-3, जयंत 30-3












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