एक कविता रोज: 'मुर्दे को कौन सा अभिशाप देंगे आप?'
आज पढ़िए अष्टभुजा शुक्ल की कविता 'अभिशप्त'
फोटो - thelallantop
3 मई 2016 (अपडेटेड: 6 मई 2016, 10:55 AM IST)
अष्टभुजा शुक्ल की कविता 'अभिशप्त'
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कंटीली झाड़ी को
कौन-सा अभिशाप
देंगे आप? सुअर को, चींटी को
ढाल को, आंसुओं को
आप
देंगे कौन-सा अभिशाप? बिजली के तार को
राख को
मिट्टी के तेल को
तितहे बेल को
हिजड़े को
पिंजड़े को
कौन-सा अभिशाप
देंगे आप? केंचुए को
कौए को
रंक को
मुर्दे को
कौन-सा अभिशाप
देंगे आप? वरदान तो
ये आप से
मांग ही नहीं सकते, ऋषिवर्य! ***
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