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भारतीय क्रिकेट अफसरों की लड़ाई में पाकिस्तान का फायदा हो गया

BCCI और ICC में असल लड़ाई पैसे की है

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फोटो - thelallantop

अगर पुरूष क्रिकेट टीम के साथ ऐसा हो जाता तो अब तक बवेला खड़ा हो जाता. इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल ICC ने भारतीय महिला टीम को पाकिस्तान से न खेलने के लिए दंड़ित किया है. भारतीय महिला क्रिकेट टीम पर अगस्त से अक्टूबर के बीच में निर्धारित तीन मैच न खेलने पर 6 अंकों का ज़ुर्माना लगाया है. ज़ुर्माना लगाने वाली ICC के प्रमुख शशांक मनोहर भी भारत के ही हैं.

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ऐसी संभावना जताई जा रही है कि इस फैसले के खिलाफ पुरूष टीम भी चैंपियंस ट्रॉफी में पाकिस्तान के खिलाफ नहीं खेलेगी. जून 2017 में इंग्लैंड में भारत-पाकिस्तान का चैंपियंस ट्रॉफी मैच होना है. अगर BCCI ये मैच न खेलने का फैसला करती है तो ICC को तगड़ा नुकसान होगा.

भारतीय अधिकारियों की लड़ाई में पाकिस्तान का फायदा

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BCCI ने ICC में इस फैसले के खिलाफ शिकायत की है. BCCI का कहना है कि खेलने के लिए हमें सरकार से इजाजत लेनी होती है. लेकिन ऐसे मौके पर जब हमारे जवान शहीद हो रहे हैं पाकिस्तान से खेलना संभव नहीं है. ICC के चैयरमैन ये सब जानते हैं. BCCI के एक अधिकारी ने बताया, ‘इस फैसले का मकसद गहरा है. वो बाद में कहते अगर महिला टीम खेल सकती है तो पुरूष टीम क्यों नहीं खेल सकती है. लेकिन ऐसा नहीं होगा. ICC अपना फैसला वापिस नहीं लेती है तो विरोधस्वरूप पुरूष टीम भी चैंपियंस ट्रॉफी में पाकिस्तान से नहीं खेलेगी.'

ICC वीमेन्स चैंपियनशिप के राउंड 6 में भारत-पाकिस्तान में 3 मैच होने थे. ICC ने अपने बयान में कहा है कि 1 अगस्त और 31 अक्टूबर के बीच होने वाले मैच नहीं खेले गए. इसलिए तकनीकी समिति का फैसला है कि पाकिस्तान को हर मैच के 2 अंक दिए जाएं और माना जाए कि भारत ने इन मैचों में शून्य रन बनाए हैं. इस हिसाब से रन रेट गिनकर रैंकिंग तय होगी.

इस दंड़-विधान पर ICC ने यह भी कहा है कि भारत-पाकिस्तान के नाजुक रिश्तों का पता है लेकिन BCCI मैच न खेलने का कोई ‘मानने लायक’ कारण नहीं दे सकी.

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BCCI अधिकारी का कहना है,'ऐसा लग रहा है जैसे मनोहर का BCCI विरोधी रवैय्या भारत-विरोधी बनता जा रहा है. वो खुद BCCI के अध्यक्ष रहे हैं और उन्हें पता है कि भारत, पाकिस्तान के साथ नहीं खेल सकता. अगर इस सबके बावजूद महिला टीम से पाकिस्तान के खिलाफ न खेलने के लिए अंक छिने गए हैं, इसका मतलब है जनभावनाओं से उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ता.’

असल मामला है पईसे का

जब से शशांक मनोहर ICC के प्रमुख बने हैं तब से कई बार BCCI और ICC में खींचाखींची हुई है. असल मामला खज़ाने का है. BCCI प्रसारण अधिकारों में ज़्यादा पईसा चाहती है. ICC अपने पास से बहुत बड़ा खज़ाना जाने नहीं देना चाहती. मतभेद के बहानों के बीच महिला टीम को 6 अंकों का नुकसान हो गया है और अगर भारत चैंपियंस ट्रॉफी में भी पाकिस्तान से नहीं खेला और ICC ने सख्ती अपनाई तो भारत के लिए सेमीफाइनल की राह मुश्किल हो जाएगी.

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