एडिलेड में टीम इंडिया बुरी तरह हारी तो चेन्नई की जीत क्यों याद आई?
भारत ने एक ही तारीख पर दो रिकॉर्ड बना दिए.
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Chennai Test में Karun Nair और KL Rahul ने कमाल किया था, दूसरी तस्वीर में Virat Kohli हैं. (ट्विटर, एपी फोटो)
तारीख 16 दिसंबर 2020. जगह एडिलेड. भारत बनाम ऑस्ट्रेलिया. बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी का पहला टेस्ट. पहली पारी में 53 रन की लीड लेने वाली टीम इंडिया दूसरी पारी में 36 रन पर सिमट गई. हाईएस्ट स्कोरर रहे मयंक अग्रवाल. अग्रवाल ने नौ रन बनाए. ऑस्ट्रेलिया को जीत के लिए 90 रन का लक्ष्य मिला. उन्होंने मैथ्यू वेड और मार्नस लाबुशेन का विकेट खोकर मैच जीत लिया. मैच खत्म हुआ. स्टैट्स निकाले जाने लगे. पहला स्टैट निकला. भारत ने अपने टेस्ट इतिहास में कभी भी 20 रन के अंदर छह विकेट नहीं गंवाए थे. इसे पचा पाते कि एक स्टैट और आ गया. टीम इंडिया इतिहास की सिर्फ दूसरी ऐसी टीम बन गई, जिसका एक भी बल्लेबाज पूरी इनिंग में दहाई तक नहीं पहुंच पाया. इन तमाम बरसते स्टैट्स के बीच एक चीज और दिखी. चार साल पहले, आज ही के दिन भारत ने अपना हाईएस्ट टेस्ट स्कोर बनाया था. बात 16-20 दिसंबर तक हुए चेन्नई टेस्ट की है. इंग्लैंड ने टॉस जीतकर पहले बैटिंग की. मोईन अली (146 रन), जो रूट (88 रन), लियाम डॉसन (66 रन) और आदिल रशीद (60 रन) की बदौलत इंग्लैंड ने 477 रन बना डाले.
लेकिन यहां से चला रविंद्र जडेजा का जादू. जड्डू ने कुक, जेनिंग्स और जो रूट को लगातार निपटा दिया. इंग्लैंड ने 126 पर तीन विकेट गंवा दिए. 129 के टोटल पर ईशांत शर्मा ने जॉनी बेयरस्टो को निपटाया. मोईन अली थोड़ी देर रुके. 44 रन बनाए. लेकिन उनके आउट होने के बाद इंग्लैंड की टीम जडेजा के आगे सरेंडर कर गई. इंग्लैंड की पूरी पारी 207 पर सिमट गई. जडेजा ने सात विकेट लिए. मैच में उनके नाम कुल 10 विकेट रहे. भारत ने मैच को पारी और 75 रन से जीत लिया. लेकिन वो साल दूसरा था, ये साल दूसरा है. 19 दिसंबर 2016 को कमाल करने वाली टीम इंडिया 19 दिसंबर 2020 को शर्मसार हो गई. ख़ैर कोई नहीं, ये गेम ही तो है. फिर वापसी करेंगे, 19 दिसंबर को फिर कमाल का बनाएंगे. फिर विजयगाथाएं लिखी जाएंगी. तब तक थोड़ा आराम कर लेते हैं, अगला टेस्ट बहुत दूर नहीं है.
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