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रोहित-कोहली के बाद ODI फॉर्मेट का क्या होगा? इस पूर्व क्रिकेटर ने बड़ा सवाल उठा दिया

अश्विन ने कहा कि एक समय 50 ओवरों का क्रिकेट एक शानदार प्रारूप हुआ करता था जिससे महेंद्र सिंह धोनी जैसे खिलाड़ी सामने आए जो पारी को संभालना जानते थे.

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अश्विन ने अपने करियर में 166 वनडे खेले हैं. (Photo-PTI)

भारत के पूर्व स्पिनर अश्विन (Ashwin( को यह डर सता रहा है कि रोहित शर्मा और विराट कोहली (Virat Kohli) के वनडे संन्यास के बाद इस फॉर्मेट का भविष्य क्या होगा. अश्विन के मुताबिक वनडे फॉर्मेट की लोकप्रियता में कमी आई है और आगे आने वाले समय में इस फॉर्मेट को बचाए रखना इतना आसान नहीं होने वाला है.

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अश्विन ने अपने यूट्यूब चैनल पर कहा,

मुझे 2027 वर्ल्ड कप के बाद वनडे के भविष्य के बारे में पक्का पता नहीं है. मैं थोड़ा चिंतित हूं. बेशक, मैं विजय हजारे ट्रॉफी देख रहा हूं, लेकिन जिस तरह से मैं सैयद मुश्ताक अली देखता था, उस तरह से अब देखना थोड़ा मुश्किल लग रहा है. साथ ही, हमें यह भी जानना होगा कि दर्शक क्या देखना चाहते हैं. मुझे लगता है कि टेस्ट क्रिकेट के लिए अभी भी जगह है, लेकिन वनडे क्रिकेट के लिए मुझे सच में लगता है कि अब उतनी जगह नहीं है.

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अश्विन ने अपनी बात जारी रखते हुए कहा,

देखिए, रोहित और विराट विजय हजारे ट्रॉफी में वापस आए और लोग इसे देखने लगे. हम जानते हैं कि खेल हमेशा व्यक्ति विशेष से बड़ा होता है, लेकिन कभी-कभी इन खिलाड़ियों (रो-को) को खेल को प्रासंगिक बनाए रखने के लिए वापसी करनी पड़ती है. विजय हजारे ट्रॉफी (राष्ट्रीय वनडे) बेशक एक घरेलू प्रतियोगिता है जिसे बहुत से लोग नहीं देखते, लेकिन विराट और रोहित के खेलने की वजह से अब लोग इसे देख रहे हैं. फिर भी, जब वे वनडे खेलना बंद कर देंगे तो क्या होगा?

गैरजरूरी हो गया है वनडे फॉर्मेट

इस पूर्व क्रिकेटर ने कहा कि एक समय 50 ओवरों का क्रिकेट एक शानदार प्रारूप हुआ करता था जिससे महेंद्र सिंह धोनी जैसे खिलाड़ी सामने आए जो पारी को संभालना जानते थे. उन्होंने कहा,

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वनडे क्रिकेट कभी एक बेहतरीन फॉर्मेट था जिसने धोनी जैसा खिलाड़ी दिया जो 10–15 ओवर तक सिर्फ एक एक रन लेकर पारी को संभालता था और अंत में विस्फोटक बल्लेबाजी करता था. अब ऐसे खिलाड़ी नहीं हैं और अब वैसी बल्लेबाजी की जरूरत भी नहीं है क्योंकि अब दो नयी गेंदें होती हैं और सर्कल के अंदर पांच फील्डर रहते हैं.

अश्विन ने ICC को सलाह देते हुए कहा, 

 वनडे फॉर्मेट अब गैरजरूरी सा हो गया है और ICC जिस तरह से विश्व कप आयोजित कर रहा है, उसे इस पर भी ध्यान देने की दरकार है. हर साल राजस्व के लिए कोई ICC टूर्नामेंट कराया जाता है. फीफा को देखिए. वहां अलग लीग होती हैं और विश्व कप चार साल में एक बार होता है. इसलिए विश्व कप का अपना अलग महत्व है.

अश्विन का मानना है कि चार साल में सिर्फ एक वनडे विश्व कप ही इस प्रारूप को बचा सकता है. उन्होंने कहा,

अगर आप सच में वनडे क्रिकेट को रेलेवेंट बनाना चाहते हैं तो ये टी20 लीग खेलिए और चार साल में सिर्फ एक बार वनडे विश्व कप कराइए. जब लोग इसे देखने आएंगे तो उनके अंदर उत्साह और उम्मीद होगी. मुझे लगता है कि वनडे क्रिकेट धीरे धीरे खत्म होने की ओर बढ़ रहा है.

अश्विन ने बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी के बीच ही संन्यास का ऐलान कर दिया था. उन्होंने अपने करियर में 116 वनडे मैच खेले जिसमें उनके नाम 156 विकेट है.

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